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कानपुर किडनी रैकेट का तार अब गाजियाबाद से जुड़ता जा रहा है. गाजियाबाद के अस्पताल में टेक्नीशियन के तौर पर काम कर रहे कुलदीप नाम के शख्स को गिरफ्तार कर लिया गया है, जिसके मोबाइल फोन से कई अहम सबूत पुलिस को मिले हैं.
कानपुर किडनी रैकेट का तार गाजियाबाद से जुड़ा. (फाइल फोटो)
गाजियाबादः कानपुर के किडनी रैकेट में गाजियाबाद से दो लोगों की गिरफ्तारी काफी अहम मानी जा रही है. गाजियाबाद के एक निजी अस्पताल के टेक्नीशियन कुलदीप राघव और उसके साथ राजेश नाम के टेक्नीशियन को कानपुर पुलिस गिरफ्तार करके ले गई है. कुलदीप पिछले 12 साल से गाजियाबाद के इंदिरापुरम में स्थित एक निजी अस्पताल में बतौर टेक्नीशियन काम कर रहा था और उसके मोबाइल फोन से भी काफी कुछ बरामद हुआ है, जिसके सहारे अब कानपुर पुलिस के रडार पर कई डॉक्टर भी हैं, जो किडनी रैकेट के धंधे को चला रहे थे.
12 साल से काम कर रहा था कुलदीप राघव
आरोपी टेक्नीशियन कुलदीप राघव अस्पताल में टेक्नीशियन के तौर पर काम कर रहा था. लेकिन उसके संपर्क दूसरे डॉक्टरों से थे.अस्पताल के सीनियर अधिकारी ने न्यूज़ 18 इंडिया से फोन पर बातचीत करते हुए बताया कि कुलदीप को उनके अस्पताल में 12 साल काम करते हुए हो गए. वो एक टेक्नीशियन के तौर पर उनके अस्पताल में आया था. लेकिन इस अस्पताल में कहीं पर भी किडनी से संबंधित ना इलाज देखा जाता है और न ही किया जाता है. जिस दिन यह घटना सामने आई है उसके एक दिन पहले ही कुलदीप ने अस्पताल से छुट्टी ली थी. इसके बाद उसकी गिरफ्तारी का पता चला.
टेक्नीशियन कुलदीप को किया गया टर्मिनेट
कानपुर पुलिस गाजियाबाद के अस्पताल में छानबीन के लिए पहुंची थी. अस्पताल प्रशासन ने पूरी जानकारी मिलने के बाद टेक्नीशियन कुलदीप को टर्मिनेट कर दिया है. इसकी जानकारी लिखित रूप से CMO गाजियाबाद को भी सौंपी है. वहीं उन्होंने सीएमओ को बताया कि भविष्य में पुलिस को अस्पताल से संबंधित जानकारी मुहैया कराई जाएगी. हालांकि कुलदीप के संपर्क में क्या इस अस्पताल के डॉक्टर भी थे या नहीं इसको लेकर कानपुर पुलिस जांच कर रही है.
क्या कानपुर किडनी रैकेट का गाजियाबाद-दिल्ली का भी कनेक्शन?
वहीं गाजियाबाद के कुछ और अस्पताल भी कानपुर पुलिस के रडार पर हैं. क्योंकि गाजियाबाद का रहने वाला कुलदीप कई साल से इस नेटवर्क के साथ जुड़ा हुआ था, जिससे यह माना जा रहा है कि दिल्ली और गाजियाबाद में किडनी रैकेट से जुड़े लोगों के बीच उसकी भूमिका काफी संदेहास्पद है.
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प्रशान्त राय मूल रूप से उत्तर प्रदेश के गाजीपुर जिले के रहने वाले हैं. प्रशांत राय पत्रकारिता में पिछले 8 साल से एक्टिव हैं. अलग-अलग संस्थानों में काम करते हुए प्रशांत राय फिलहाल न्यूज18 हिंदी के साथ पिछले तीन …और पढ़ें
