कारवां गुजर गया, गुबार देखते रहे…जसपाल राणा की अनकही दास्तां, कभी कॉमनवेल्थ गेम्स में गोल्ड मेडल मशीन, बाद में बन गए 'बागी'

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Jaspal Rana Death: महज 49 साल की उम्र में जसपाल राणा की दिल की बीमारी से मौत हो गई. कॉमनवेल्थ गेम्स में नौ गोल्ड मेडल समेत कुल 15 पदक जीतने वाले राणा संन्यास के बाद अगली पीढ़ी को तैयार करने में जुटे थे, यही कारण है कि भारत सरकार ने उन्हें 2020 में प्रतिष्ठित द्रोणाचार्य पुरस्कार से सम्मानित किया था.

जसपाल राणा की अचानक मौत से खेल जगत में शोक की लहर है.

नई दिल्ली: जसपाल राणा की अचानक हुई मौत ने इंडियन शूटिंग वर्ल्ड को हिला दिया. उनके जाने से वो सिस्टम भी चला गया, जिसने भारत को शूटिंग में ‘मेडल मशीन’ बना दिया था. जसपाल राणा उन शुरुआती चेहरों में से एक थे, जिन्होंने वर्ल्ड शूटिंग के नक्शे में भारत को नई पहचान दिलाई. वह जब तक खेले शेर की तरह खेले.

कॉमनवेल्थ गेम्स में कुल नौ गोल्ड मेडल
महज 12 साल की उम्र में पहला नेशनल गोल्ड मेडल जीता. चार कॉमनवेल्थ गेम्स में नौ गोल्ड समेत 15 मेडल जीते. मगर अफसोस कि आज वह हमारे बीच नहीं रहे. महज 49 साल की उम्र में 12 जून की अलसुबह राणा ने चुपचाप दुनिया को अलविदा कह दिया. वह लंबे समय से दिल की बीमारी से जूझ रहे थे, लेकिन इस बार ऐसे सोए कि अब कभी नहीं उठेंगे. अस्पताल सूत्रों ने बताया:

सीने में दर्द होने के बाद जसपाल राणा को एक जून को साकेत स्थित मैक्स अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां उनकी धमनियों में रुकावट पाई गई. शुक्रवार तड़के उनका निधन हो गया. राणा हाल में जर्मनी के म्यूनिख में आयोजित आईएसएसएफ विश्व कप से भारतीय दल की वापसी की उड़ान के दौरान बीमार पड़ गए थे और उन्हें एक चिकित्सा प्रक्रिया से गुजरना पड़ा था. नई दिल्ली में उतरते ही उन्हें तुरंत अस्पताल में भर्ती कराया गया और उन्हें स्टेंट डाले गए थे. शुरुआती रिपोर्टों में उनकी हालत स्थिर बताई गई थी, लेकिन बाद में बिगड़ गई.

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