मिडिल ईस्ट तनाव के बावजूद नहीं कम हुआ लोगों का दुबई प्रेम..! दो दशक से दुबई में रहने वाली महिला ने बताई सच्चाई

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मिडिल ईस्ट तनाव के बावजूद नहीं कम हुआ लोगों का दुबई प्रेम..! पलायन सिर्फ अफवाह

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Indians Are Not Leaving Dubai: ईरान अमेरिका इजरायल तनाव के बीच दुबई से भारतीयों के पलायन की अफवाहें झूठी हैं. दुबई में दो दशक से भी ज्यादा समय से रह रहीं रमिंदर जीत कौर ने बताया कि लोग अभी भी दुबई शिफ्ट होना चाह रहे हैं और छोटे बिजनेस प्रभावित हुए हैं पर बड़ी कंपनियां डटी हैं और इस तनाव के बाद और तेजी से बढ़ने की तैयारी में हैं.

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दिल्ली: ईरान की अमेरिका और इजरायल के साथ पिछले दिनों चल रही जंग की वजह से जिस तरह से पूरा मिडल ईस्ट उसकी चपेट में आ गया था और खासकर दुबई जैसी सुरक्षित माने जाने वाली जगह को भी लोग असुरक्षित मान रहे थे. ऐसी कई अफवाहें भी और ऐसी कई बातें भी निकलकर आ रही थीं कि लोग अब दुबई से निकलकर खासकर भारतीय, भारत वापस आ रहे हैं और जो भारत नहीं आ रहे हैं, वह दूसरे देशों की तरफ रुख कर रहे हैं. लेकिन इसी विषय पर जब हमने दुबई में दो दशक से रह रही और अभी कुछ दिनों के लिए वापस भारत, दिल्ली आई रमिंदर जीत कौर से बात की तो कुछ और ही निकलकर सामने आया.

नए भारतीय आ रहे हैं दुबई और बड़े इनफ्लुएंसर भी
रमिंदर ने सबसे पहले हमें यह बताया कि वह दुबई में दो दशक से रह रही हैं और वह दुबई के उतार-चढ़ाव और दुबई के वातावरण को बहुत बखूबी जानती हैं. इसलिए उनका कहना था कि ये अफवाहें बहुत ज्यादा उड़ रही हैं, जिनमें यह कहा जा रहा है कि लोग दुबई छोड़कर निकल रहे हैं. बल्कि उनका कहना था कि इस वक्त भारतीय, जिनके पास दुबई की सिटीजनशिप नहीं है, वे इस वक्त कोशिश कर रहे हैं कि वे दुबई आएं.

नई कंपनियों की योजना
उनका यह भी कहना था कि बड़े भारतीय इनफ्लुएंसर्स भी इस वक्त दुबई आने की और अपनी जगह बनाने की कोशिश लगातार कर रहे हैं. बड़ी कॉरपोरेट कंपनियां, जिन्होंने काफी कुछ दुबई में इन्वेस्ट किया है, वे वहां से नहीं निकल रही हैं, बल्कि वे इंतजार कर रही हैं कि हालात सामान्य होने के बाद वे नई चीजों की तरफ तेजी से जाएं, जिससे पैसा भी ज्यादा होगा और व्यवसाय भी ज्यादा बढ़ेंगे.

15 मिनट में मिल रहा पिज्जा, लोग घूम रहे आराम से
रमिंदर ने यह भी कहा कि दुबई कितना शांत था और दुबई में किस तरह से काम चल रहा था, इसका अंदाजा इस बात से भी लगाया जा सकता है कि जब वह पिछले दिनों दुबई में थी  और पिज्जा ऑर्डर किया तो 15 मिनट में पिज्जा उनके घर तक आराम से पहुंच गया.

उन्होंने यह भी कहा कि इस बात को भी नजरअंदाज नहीं किया जा सकता कि छोटे व्यवसाय बंद हो रहे हैं, क्योंकि जितने दिन यह तनाव भरा माहौल चला है, वह उसके बीच में वहां पर टिक नहीं पा रहे थे और वे अब बंद हो चुके हैं.

बड़े बिजनेस डटे हैं
लेकिन उनका कहना था कि बड़े बिजनेस और बड़ी कंपनियां अभी भी वहां काम कर रही हैं. उनके अनुसार, ऐसे समय में, जब किसी बड़ी आपदा के बाद हालात बदलते हैं, तब नए अवसर भी बनते हैं और बड़ा बिजनेस खड़ा करने का मौका मिलता है. दुबई इसी सोच के लिए जाना जाता है और अब भी उसी दिशा में आगे बढ़ रहा है.

उन्होंने कोविड का उदाहरण देते हुए बताया कि जब पूरी दुनिया बंद हो गई थी, तब भी दुबई किसी हद तक चलता रहा और जैसे ही आर्थिक संकट आया, दुबई जल्दी संभलकर फिर से खड़ा हो गया, जबकि दुनिया के कई देश अब भी उसकी चपेट में थे.

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Raina Shukla

बुंदेलखंड यूनिवर्सिटी से मास कम्यूनिकेशन एंड जर्नलिज़्म में मास्टर्स, गोल्ड मेडलिस्ट. पत्रकारिता का सफर दैनिक जागरण से शुरू हुआ, फिर प्रभात खबर और ABP न्यूज़ से होते हुए News18 Hindi तक पहुंचा. करियर और देश की …और पढ़ें

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