नोएडा-ग्रेटर नोएडा की सड़कें होंगी 'डस्ट फ्री', हवा सुधारने के लिए अथॉरिटी का बड़ा एक्शन प्लान, सड़कों पर लगेंगी 'मैजिकल टाइल्स'

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Noida News: नोएडा और ग्रेटर नोएडा में प्रदूषण (AQI) को कम करने के लिए अथॉरिटी ने सड़कों को ‘डस्ट फ्री’ बनाने का मेगा प्लान शुरू किया है. शहर की 15 व्यस्त सड़कों पर मैकेनिकल स्वीपिंग और नियमित छिड़काव किया जाएगा. वहीं, ग्रेटर नोएडा वेस्ट में 22 करोड़ की लागत से सड़कों के किनारे ‘ग्रास ग्रिड’ (छेद वाली टाइल्स) लगाई जाएंगी, जिससे धूल नहीं उड़ेगी और जलस्तर भी सुधरेगा. सेक्टर-1, 37, 62 और 71 जैसे मुख्य रूटों पर रहने वालों को अब ज़हरीली धूल से राहत मिलेगी.

नोएडा की 15 व्यस्त सड़कों पर छिड़काव और ग्रास ग्रिड से मिलेगी राहत

Noida News: दिल्ली-एनसीआर में प्रदूषण एक बड़ी समस्या बना हुआ है. हवा की गिरती गुणवत्ता (AQI) को सुधारने के लिए अब नोएडा और ग्रेटर नोएडा अथॉरिटी ने एक बड़ा मास्टर प्लान तैयार किया है. इस योजना का मुख्य लक्ष्य शहर की सड़कों को ‘डस्ट फ्री’ यानी धूल मुक्त बनाना है. अक्सर देखा जाता है कि सड़कों के किनारे जमी मिट्टी गाड़ियों की आवाजाही से हवा में घुल जाती है, जिससे लोगों को सांस संबंधी बीमारियां होने लगती हैं. इसी को रोकने के लिए अब नोएडा की 15 प्रमुख सड़कों पर विशेष अभियान चलाया जाएगा.

पहले चरण में 30 किलोमीटर सड़कें होंगी डस्ट फ्री
नोएडा अथॉरिटी की रिपोर्ट के अनुसार, प्रदूषण नियंत्रण के लिए शहर के 15 सबसे व्यस्त रूटों की पहचान की गई है. योजना के पहले चरण में लगभग 30 किलोमीटर लंबी सड़कों को पूरी तरह डस्ट फ्री बनाया जाएगा. इन रास्तों पर सिर्फ झाड़ू नहीं लगाई जाएगी, बल्कि धूल को नियंत्रित करने के लिए आधुनिक तकनीकों का सहारा लिया जाएगा.

अथॉरिटी ने साफ किया है कि इन चुनिंदा मार्गों पर नियमित रूप से पानी का छिड़काव किया जाएगा. इसके अलावा, मैकेनिकल स्वीपिंग मशीनों का उपयोग होगा, जो सड़क के किनारों से बारीक से बारीक धूल को भी खींच लेंगी. साथ ही, जहां भी कच्ची जमीन है, वहां हरियाली बढ़ाकर मिट्टी को उड़ने से रोका जाएगा.

इन रास्तों पर ट्रैफिक और धूल से मिलेगी राहत
अथॉरिटी ने उन रास्तों को प्राथमिकता दी है जहां ट्रैफिक का दबाव सबसे ज्यादा रहता है. इनमें दो मुख्य मार्ग सबसे अहम हैं:

  1. सेक्टर-1 गोलचक्कर से सेक्टर-37 (बॉटनिकल गार्डन) तक का मार्ग.
  2. सेक्टर-62 मॉडल टाउन से सेक्टर-71 चौराहे तक का मार्ग.

इन दोनों ही रास्तों पर सुबह और शाम भारी ट्रैफिक रहता है, जिसकी वजह से धूल का स्तर काफी बढ़ जाता है. अब यहां लगातार सफाई और छिड़काव होने से लोगों को काफी राहत मिलेगी.

ग्रेटर नोएडा वेस्ट में लगेगी ‘घास वाली टाइल्स’
ग्रेटर नोएडा वेस्ट (नोएडा एक्सटेंशन) के निवासियों के लिए भी एक बड़ी खुशखबरी है. अथॉरिटी यहां की तीन मुख्य सड़कों के किनारे ‘ग्रास ग्रिड’ यानी छेद वाली विशेष टाइल्स लगाने जा रही है. इस तकनीक की खासियत यह है कि इन टाइल्स के बीच में घास उगाई जाती है.

ग्रास ग्रिड के दोहरे फायदे:

  • धूल पर नियंत्रण: सड़क के किनारों पर मिट्टी नहीं उड़ेगी, जिससे प्रदूषण कम होगा.
  • वाटर हार्वेस्टिंग: बारिश का पानी इन टाइल्स के बीच से जमीन के अंदर चला जाएगा, जिससे जलस्तर सुधारने में मदद मिलेगी.

22 करोड़ का बजट और 6 महीने का समय
ग्रेटर नोएडा वेस्ट की इस परियोजना के लिए अथॉरिटी ने टेंडर जारी कर दिए हैं. इस पूरे प्रोजेक्ट पर करीब 22 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे. अधिकारियों के मुताबिक, टेंडर की प्रक्रिया पूरी होने के एक महीने के भीतर काम शुरू हो जाएगा और अगले छह महीनों में इसे पूरा कर लिया जाएगा.

जिन मुख्य इलाकों में यह काम होगा उनमें बिसरख से गौड़ सिटी गोलचक्कर, चौगानपुर गोलचक्कर से बिसरख गोलचक्कर और एस्कॉर्ट यामाहा कंपनी के पास से चौगानपुर गोलचक्कर तक की सड़कें शामिल हैं. इसके अलावा, ग्रेटर नोएडा ईस्ट में सेक्टर पाई-1 के पास आईटीबीपी गोलचक्कर से नटों की मड़ैया गोलचक्कर तक की सड़क को भी चौड़ा किया जाएगा और वहां इंटरलॉकिंग टाइल्स लगाई जाएंगी.

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Rahul Goel

राहुल गोयल न्यूज़ 18 हिंदी में हाइपरलोकल (यूपी, उत्तराखंड, हरियाणा और हिमाचल प्रदेश) के लिए काम कर रहे हैं. मीडिया इंडस्ट्री में उन्हें 16 साल से ज्यादा का अनुभव है, जिसमें उनका फोकस हमेशा न्यू मीडिया और उसके त…और पढ़ें

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