दिल्‍लीवालों के लिए गुड न्‍यूज: पानी के बिल पर मिलेगी 10% की छूट, बस करना होगा ये काम

दिल्ली में हर साल गर्मियों में गहराते जल संकट और मानसून में सड़कों पर होने वाले जलभराव से निपटने के लिए दिल्ली सरकार ने एक ऐतिहासिक और कड़ा कदम उठाया है. जल मंत्री प्रवेश साहिब सिंह ने दिल्ली सचिवालय में 60 से अधिक विभागों के उच्चाधिकारियों के साथ बैठक कर स्पष्ट कर दिया है कि अब दिल्ली में रेन वॉटर हार्वेस्टिंग (वर्षा जल संचयन) सिर्फ एक विकल्प नहीं बल्कि एक अनिवार्य जिम्मेदारी होगी.

यह पूरी योजना प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के “कैच द रेन” अभियान से प्रेरित है जिसका मूल मंत्र है ‘बारिश का पानी जहां गिरे और जब गिरे, उसे वहीं सहेजें’.

दिल्ली जल बोर्ड की नई रणनीति
इस अभियान को सफल बनाने के लिए सरकार ने ‘गाजर और छड़ी’ (प्रोत्साहन और दंड) की नीति अपनाई है. जल मंत्री ने घोषणा की है कि:

·  10% की छूट: जिन संपत्तियों पर प्रभावी रेन वॉटर हार्वेस्टिंग सिस्टम लगा होगा उन्हें दिल्ली जल बोर्ड के बिल में 10% की वित्तीय छूट दी जाएगी.

·  जुर्माना और सख्ती: यदि किसी ने नियम का पालन नहीं किया या सिस्टम खराब पाया गया तो दी गई छूट वापस ले ली जाएगी और सख्त कार्रवाई की जाएगी.

·  सिस्टम का सत्यापन: अब तक यह नियम सिर्फ कागजों पर था लेकिन अब सेल्फ-डिस्क्लोजर (स्व-घोषणा) प्रणाली लागू होगी. संपत्ति मालिकों को हर साल यह प्रमाणित करना होगा कि उनका सिस्टम चालू स्थिति में है.

सरकारी इमारतें बनेंगी रोल मॉडल
मंत्री प्रवेश साहिब सिंह ने सख्त निर्देश दिए हैं कि इस अभियान की शुरुआत सरकार को अपने घर से करनी होगी. सभी सरकारी दफ्तरों, स्कूलों और पार्कों में मानसून आने से पहले रेन वॉटर हार्वेस्टिंग सिस्टम को दुरुस्त करना अनिवार्य है. उन्होंने कहा, “जब तक सरकारी विभाग उदाहरण पेश नहीं करेंगे तब तक हम जनता से सहयोग की अपेक्षा नहीं कर सकते.”

जल सुरक्षा की ओर दिल्ली के कदम
मंत्री ने बैठक में चिंता जताते हुए कहा कि दिल्ली में बारिश तो पर्याप्त होती है लेकिन प्रबंधन की कमी के कारण वह नालों में बहकर बर्बाद हो जाती है. “हर साल करोड़ों लीटर पानी व्यर्थ जाता है. यदि हम इसे जमीन के भीतर उतारने में कामयाब रहे तो दिल्ली का गिरता भूजल स्तर सुधर सकता है और आने वाली पीढ़ियों के लिए पानी सुरक्षित किया जा सकता है.”

इस अभियान के तहत बड़ी हाउसिंग सोसायटियों, निजी संस्थानों और बड़े रिहायशी प्लॉटों पर विशेष नजर रखी जाएगी. दिल्ली जल बोर्ड न केवल निगरानी करेगा, बल्कि तकनीक और इंस्टॉलेशन में लोगों की मदद भी करेगा.

सवाल-जवाब
क्या पुरानी इमारतों के लिए भी रेन वॉटर हार्वेस्टिंग अनिवार्य है?
हाँ, सरकार के नए निर्देशों के अनुसार, सभी सरकारी और बड़ी निजी इमारतों को मानसून से पहले यह सिस्टम सुनिश्चित करना होगा.

रेन वॉटर हार्वेस्टिंग से आम आदमी को क्या फायदा होगा?

जल बोर्ड के बिल में 10% की छूट मिलेगी और भविष्य में पानी की किल्लत कम होगी.

क्या इसके लिए कोई सहायता केंद्र बनाया गया है?

सरकार ‘जल शक्ति केंद्रों’ के माध्यम से नागरिकों को सिस्टम लगाने और इसके लाभों के बारे में जागरूक करेगी.

चेकिंग की क्या व्यवस्था होगी?

अब केवल नक्शा पास कराते वक्त नियम नहीं देखा जाएगा, बल्कि समय-समय पर भौतिक सत्यापन (Physical Verification) भी होगा.

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