पिता मजदूर, खुद दिव्यांग… पर हौसला फौलादी, मिलिए एशियन पैरा साइकिलिंग चैंपियनशिप में भारत का प्रतिनिधित्व करने वाले प्रवीण से

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Praveen Kumar Para Cyclist: ट्रेन हादसे में अपना हाथ गंवाने वाले बिहार के जांबाज प्रवीण कुमार ने अपनी दिव्यांगता को मात देकर पैरा-साइकिलिंग में नई पहचान बनाई है. सेना में भर्ती होने का सपना टूटने के बाद भी हार न मानने वाले प्रवीण अब 14वीं एशियाई पैरा ट्रैक साइकिलिंग चैंपियनशिप 2026 में भारत का प्रतिनिधित्व करने फिलीपींस जा रहे हैं.

Praveen Kumar Para Cyclist: ‘मंजिलें उन्हीं को मिलती हैं, जिनके सपनों में जान होती है, पंखों से कुछ नहीं होता, हौसलों से उड़ान होती है…’ बिहार के चंपारण के रहने वाले प्रवीण कुमार की कहानी इन पंक्तियों को पूरी तरह चरितार्थ करती है. सेना में भर्ती होने का सपना देखने वाला एक युवक, जो एक दर्दनाक ट्रेन हादसे में अपना हाथ गंवा बैठा, आज अपनी दिव्यांगता को पीछे छोड़ अंतरराष्ट्रीय ट्रैक पर साइकिल दौड़ाने के लिए तैयार है. फिलीपींस में होने वाली 14वीं एशियाई पैरा ट्रैक साइकिलिंग चैंपियनशिप 2026 के लिए चयनित होकर प्रवीण ने साबित कर दिया है कि अगर इरादे नेक हों, तो कोई भी बाधा आपको देश का गौरव बनने से नहीं रोक सकती.

हादसे ने छीनी सेना की वर्दी, पर नहीं टूटा जज्बा
प्रवीण कुमार मूल रूप से बिहार के चंपारण के निवासी हैं. उनका चयन सेना में क्लर्क के पद पर हो चुका था और जॉइनिंग लेटर भी हाथ में था और 4 से 5 दिनों में उनकी ज्वाइनिंग थी. लेकिन नियति को कुछ और ही मंजूर था. मेडिकल के लिए जाते समय एक अज्ञात व्यक्ति द्वारा ट्रेन से धक्का दिए जाने के कारण प्रवीण ने अपना दाहिना हाथ कोहनी के ऊपर से गंवा दिया. पिता मजदूर हैं और मां हाउसवाइफ, ऐसे में यह हादसा पूरे परिवार के लिए किसी पहाड़ टूटने जैसा था, लेकिन प्रवीण ने हार नहीं मानी.

‘स्पिरिट ऑफ नोएडा’ के साथ अंतरराष्ट्रीय मंच की ओर
अपनी शारीरिक कमी को प्रवीण ने अपनी ताकत बनाया और पैरा साइकिलिंग शुरू की. हाल ही में हैदराबाद नेशनल चैंपियनशिप 2026 में दो रजत और एक कांस्य पदक जीतकर उन्होंने अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया. इस सफर में रियल एस्टेट कंपनी सीआरसी ग्रुप अपनी सीएसआर पहल ‘स्पिरिट ऑफ नोएडा’ के तहत उन्हें लगातार सपोर्ट कर रहा है, जिससे उन्हें अंतरराष्ट्रीय स्तर तक पहुंचने में मदद मिल रही है.

देश का नाम रोशन करने की तैयारी में हैं प्रवीण कुमार
प्रवीण कुमार एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय मंच पर देश का नाम रोशन करने की तैयारी में हैं. उनका चयन 14वीं एशियाई पैरा ट्रैक साइकिलिंग चैंपियनशिप 2026 के लिए हुआ है, जो फिलीपींस में आयोजित होने जा रही है. प्रवीण 22 मार्च को दिल्ली से फिलीपींस के लिए रवाना होंगे. टैगायटे सिटी में 25 से 31 मार्च 2026 तक आयोजित होने वाली इस चैंपियनशिप में जापान, चीन और दक्षिण कोरिया जैसे देशों के दिग्गज साइकिलिस्ट शामिल होंगे. 31 साल बाद फिलीपींस इस प्रतिष्ठित प्रतियोगिता की मेजबानी कर रहा है, जहां प्रवीण भारत की चुनौती पेश करेंगे.

पैरालंपिक में देश को गोल्ड दिलाना
सीआरसी ग्रुप के डायरेक्टर (मार्केटिंग) सलिल कुमार का कहना है कि प्रवीण जैसे खिलाड़ी समाज के लिए प्रेरणा हैं. वहीं, प्रवीण का लक्ष्य स्पष्ट है, इस एशियन चैंपियनशिप में मेडल जीतना तो बस शुरुआत है, उनका असली सपना भविष्य में पैरालंपिक खेलों में भारत की झोली में ‘गोल्ड मेडल’ डालना है.

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Rahul Goel

राहुल गोयल न्यूज़ 18 हिंदी में हाइपरलोकल (यूपी, उत्तराखंड, हरियाणा और हिमाचल प्रदेश) के लिए काम कर रहे हैं. मीडिया इंडस्ट्री में उन्हें 16 साल से ज्यादा का अनुभव है, जिसमें उनका फोकस हमेशा न्यू मीडिया और उसके त…और पढ़ें

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