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Vishakha Benesta Ghaziabad: ‘मंजिलें उन्हीं को मिलती हैं, जिनके सपनों में जान होती है, पंखों से कुछ नहीं होता, हौसलों से उड़ान होती है.’ इस कहावत को गाजियाबाद के महरौली गांव की 22 वर्षीय विशाखा ने सच कर दिखाया है. इंजीनियरिंग की डिग्री और हाथ में एक सुरक्षित नौकरी होने के बावजूद, विशाखा ने अपने दिल की सुनी और ‘फूड बिजनेस’ के जुनून को अपना करियर बनाया. आज उनका स्टार्टअप ‘बेनेस्टा’ दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे की सर्विस लेन पर स्वाद और कामयाबी की नई इबारत लिख रहा है.
Vishakha Benesta Ghaziabad: कहते हैं कि अगर इरादे फौलादी हों और कुछ अलग करने का जुनून सवार हो, तो रास्ते खुद-ब-खुद मिल जाते हैं. गाजियाबाद के महरौली गांव की 22 साल की विशाखा ने इस बात को सच कर दिखाया है. इंजीनियरिंग और एमसीए जैसी डिग्री हाथ में होने के बावजूद, उन्होंने दफ्तर की एसी वाली कुर्सी के बजाय तवे की आंच को चुना. लाखों के पैकेज वाली नौकरी छोड़कर आज विशाखा गाजियाबाद में अपने खास ‘बैन्ने डोसा’ से स्वाद का जादू बिखेर रही हैं.
लाखों की नौकरी से स्टार्टअप तक का सफर
विशाखा ने साल 2025 में अपनी एमसीए की पढ़ाई पूरी की थी. कॉलेज कैंपस से ही उन्हें एक नामी कंपनी में अच्छी नौकरी मिल गई थी. करियर सेट था, लेकिन मन में हमेशा कुछ अपना शुरू करने की तड़प थी. नौकरी के दौरान ही उन्हें अहसास हुआ कि उनका असली शौक खाने-पीने की दुनिया में है. बस फिर क्या था, उन्होंने एक बड़ा जोखिम उठाया और अपनी सुरक्षित नौकरी को अलविदा कह दिया. इसके बाद विशाखा ने अपने भाई के साथ मिलकर करीब 5 लाख रुपये की पूंजी जुटाई और ‘बेनेस्टा’ (Benesta) नाम से अपना स्टार्टअप शुरू किया, जो आज बेनेस्टा के नाम से पहचान बना चुका है.
क्या है ‘बैन्ने डोसा’ की खासियत?
विशाखा के आउटलेट की सबसे बड़ी यूएसपी है कर्नाटक का मशहूर ‘बैन्ने डोसा’. बैन्ने शब्द का मतलब मक्खन होता है और यह कर्नाटक की एक प्रसिद्ध डिश है. बैन्ने डोसा की खासियत इसकी कुरकुरी परत और मक्खन की भरपूर मात्रा होती है जो इसे आम डोसे से अलग बनाती है. इसे बनाने के लिए पहले खमीर उठे चावल और दाल के घोल को तवे पर फैलाया जाता है फिर उस पर अच्छी मात्रा में मक्खन डाला जाता है. इसके बाद मसालेदार आलू की स्टफिंग या अन्य फ्लेवर जैसे गार्लिक, पनीर या चीज डाले जाते हैं. धीमी आंच पर पकाकर इसे सुनहरा और क्रिस्प बनाया जाता है जिससे इसका स्वाद और भी बढ़ जाता है.
मेनू में हैं ढेरों वैरायटी
‘बेनेस्टा’ में केवल साधारण डोसा ही नहीं, बल्कि प्रयोगों की एक पूरी रेंज मौजूद है. यहां आने वाले ग्राहकों को बैन्ने मसाला डोसा, बैन्ने पाउड़ी डोसा और गार्लिक डोसा बेहद पसंद आता है. इसके अलावा बच्चों और युवाओं के लिए पनीर और चीज डोसा भी उपलब्ध है. डोसे के साथ-साथ यहाँ की इडली, उत्तपम और असली साउथ इंडियन फिल्टर कॉफी की खुशबू भी लोगों को अपनी ओर खींच लाती है.
दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे पर बना स्वाद का अड्डा
विशाखा का यह स्टार्टअप दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे पर महरौली सर्विस लेन के पास स्थित है. शुरुआत एक छोटे से कदम से हुई थी, लेकिन आज गाजियाबाद ही नहीं बल्कि दिल्ली और नोएडा से गुजरने वाले लोग भी यहाँ रुककर डोसे का लुत्फ उठाते हैं. विशाखा की मेहनत और उनके परिवार के साथ ने इस बिज़नेस को महज कुछ ही समय में एक ब्रांड बना दिया है.
युवाओं के लिए मिसाल
विशाखा की कहानी आज उन तमाम युवाओं के लिए एक बड़ी प्रेरणा है, जो स्टार्टअप की दुनिया में कदम रखना चाहते हैं लेकिन रिस्क लेने से डरते हैं. उन्होंने साबित कर दिया कि कोई भी काम छोटा नहीं होता और अगर आत्मविश्वास हो, तो एक छोटा सा आइडिया भी बड़े मुकाम तक पहुँच सकता है. आज विशाखा न केवल खुद आत्मनिर्भर हैं, बल्कि अपने काम के जरिए दूसरों को भी प्रेरित कर रही हैं.
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राहुल गोयल न्यूज़ 18 हिंदी में हाइपरलोकल (यूपी, उत्तराखंड, हरियाणा और हिमाचल प्रदेश) के लिए काम कर रहे हैं. मीडिया इंडस्ट्री में उन्हें 16 साल से ज्यादा का अनुभव है, जिसमें उनका फोकस हमेशा न्यू मीडिया और उसके त…और पढ़ें
