बॉलीवुड की परम सुंदरी, जिस शर्त के लिए ठुकराया सुपरस्टार का प्यार, उसी वचन पर बिजनेसमैन को कर बैठी कुबूल

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70 के दशक की सबसे महंगी एक्ट्रेस का साल 1970 से 1976 के बीच बॉलीवुड में खूब सिक्का चला. वे उस जमाने में एक फिल्म के लिए करीब 7.5 लाख रुपये लेती थीं. हेमा मालिनी और परवीन बाबी जैसी बड़ी एक्ट्रेस भी उस दौर में थीं, लेकिन उनकी पॉपुलैरिटी एक अलग ही मुकाम पर थी. वे 70 की सबसे बड़ी हीरोइन बनकर उभरीं. वे सुपरस्टार से शादी करना चाहती थीं, लेकिन उनके पिता की एक परंपरा की वजह से वे कभी एक न हो सके. मगर, परम सुंदरी ने सालों बाद उसी शर्त पर एक बिजनेसमैन से शादी कर ली.

नई दिल्ली: 1960 के दशक के आखिर में जब कई बड़ी एक्ट्रेस फिल्मों से दूर हुईं, तब एक नई हीरोइन ने बॉलीवुड में अपनी जगह बनाई. उन्होंने करियर की शुरुआत ‘स्टंट हीरोइन’ के तौर पर दारा सिंह के साथ बी-ग्रेड फिल्मों से की थी. लेकिन ‘राम और श्याम’ और ‘ब्रह्मचारी’ जैसी फिल्मों की कामयाबी ने उन्हें रातों-रात टॉप स्टार बना दिया था. राजेश खन्ना और जितेंद्र के साथ उनकी जोड़ी को दर्शकों ने सिर आंखों पर बैठाया और वह उस दौर की सबसे सफल अभिनेत्री बन गईं. (फोटो साभार: AI से जेनरेटेड इमेज)

70 के दशक के बीच में मुमताज बॉलीवुड की सबसे महंगी एक्ट्रेस थीं. उन्होंने फीस के मामले में हेमा मालिनी और रेखा जैसी स्टार्स को भी पीछे छोड़ दिया था. एक्ट्रेस जितनी तेजी से स्टारडम के पीक पर पहुंचीं और करियर के टॉप पर ऐसा निर्णय लिया कि दर्शक उन्हें दोबारा बड़े पर्दे पर देखने को तरस गए. दरअसल, 1974 में बिजनेसमैन मयूर माधवानी से शादी के बाद उन्होंने अपने करियर के पीक पर ही बॉलीवुड को अलविदा कह दिया. माधवानी परिवार की शर्त थी कि वह शादी के बाद काम नहीं करेंगी और मुमताज ने इसे मान लिया, जबकि कुछ ऐसी ही शर्त कपूर खानदान ने उनके सामने रखी थी, जब उन्होंने उनके लाडले शम्मी कपूर से शादी करनी चाही थी. (फोटो साभार: AI से जेनरेटेड इमेज)

मुमताज फिल्म ‘ब्रहमचारी’ की शूटिंग के दौरान शम्मी कपूर के बेहद करीब आ गई थीं. दोनों की जोड़ी काफी पसंद की गई. शम्मी ने मुमताज को शादी के लिए प्रपोज भी किया था. उस वक्त मुमताज महज 18-19 साल की थीं और वह भी शम्मी कपूर से बहुत प्यार करती थीं. (फोटो साभार: Instagram@bombaybasanti)

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मुमताज-शम्मी की शादी न हो पाने की एक बड़ी वजह कपूर खानदान की परंपरा थी. उस समय पृथ्वीराज कपूर का नियम था कि घर की बहुएं फिल्मों में काम नहीं करेंगी. मुमताज अपने करियर के टॉप पर थीं और वह अभिनय छोड़ना नहीं चाहती थीं. उन्होंने इस शर्त की वजह से सुपरस्टार की पत्नी बनने के बजाय अपना करियर चुना. (फोटो साभार: YouTube/videograb)

मुमताज ने स्ट्रगल और मेहनत को तरजीह दी. उन्होंने एक इंटरव्यू में बताया था कि उन पर पूरे परिवार की जिम्मेदारी थी. उन्होंने शम्मी कपूर को ‘ना’ कहकर फिल्म इंडस्ट्री में अपनी जगह बनाए रखा. उन्होंने बाद में बिजनेसमैन मयूर माधवानी से शादी की और उनकी दो बेटियां, नताशा और तान्या हैं.(फोटो साभार: IMDb)

मुमताज ने करीब 10 साल बाद मयूर माधवानी संग शादी से पहले अपने माता-पिता की सलाह मानी, जो चाहते थे कि वह सही समय पर एक अच्छे परिवार के साथ सेटल हो जाएं. उन्होंने अपनी बची हुई फिल्में जैसे ‘प्रेम कहानी’ और ‘नागिन’ पूरी कीं और महज 28 साल की उम्र में इंडस्ट्री छोड़ दी. मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, उन्होंने साल 1990 में फिल्म ‘आंधियां’ से कमबैक करने की कोशिश जरूर की, लेकिन फिल्म फ्लॉप होने के बाद उन्होंने हमेशा के लिए फिल्मों से किनारा कर लिया. (फोटो साभार: Instagram@bollywood.nostalgia)

बहुत कम लोग जानते हैं कि मुमताज का परिवार असल में ईरान से ताल्लुक रखता था. उनके पिता अब्दुल सलीम असकरी और मां शदी हबीब आगा ईरान के शिराज शहर से मुंबई आए थे. मुमताज का जन्म मुंबई में ही हुआ था. उन्होंने ‘सोने की चिड़िया’ (1958) फिल्म से बतौर चाइल्ड आर्टिस्ट अपने काम की शुरुआत की थी.(फोटो साभार: YouTube/videograb)

मुमताज ने 1960 के दशक में पहलवान और एक्टर दारा सिंह के साथ खूब काम किया. 1963 से 1968 के बीच इस जोड़ी ने करीब 16 फिल्मों में लीड रोल निभाया. ट्रेड एक्सपर्ट्स की मानें तो उनकी 10 फिल्में बॉक्स ऑफिस पर सुपरहिट रही थीं. दारा सिंह के साथ उनकी फिल्मों ने उन्हें घर-घर में पहचान दिलाई.(फोटो साभार: Instagram@mumtaztheactress)

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