Last Updated:
Lok Sabha Polls 2024: चुनाव आयोग ने सभी राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों से चुनावी खर्चे में उपयोग में आने वाले सभी सामानों की लिस्ट और उसके रेट देने को कहा है. इसमें डीजल-पेट्रोल की दरों से लेकर होटल का कमरा, चाय-समोसा, सोफा, दरी, बिस्तर सहित टीवी पर समाचार देखने और पंडित जी से हवन कराने का शुल्क भी शामिल है.
देश के कई राज्यों में ईडी की कार्रवाई के बाद चुनाव आयोग भी एक्शन में आ गया है.
Lok Sabha Polls 2024: लोकसभा चुनाव- 2024 की तैयारी को लेकर चुनाव आयोग एक्शन मोड में आ गया है. ईसी ने आने वाले दिनों में उम्मीदवारों के खर्चे को लेकर सभी राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों से चुनाव में इस्तेमाल होने वाले सामानों के रेट मांगे हैं. लोकसभा चुनाव लड़ने वाले सभी प्रत्याशियों को इस रेट के हिसाब से ही अपने खर्चे का पूरा हिसाब चुनाव आयोग को रोजाना भेजना होगा. प्रत्याशी क्या खा रहें हैं, कार्यकर्ताओं को क्या खिला रहे हैं, झंडे और डंडे पर कितना खर्च कर रहे हैं, कार्यकर्ताओं को पानी की बोतलें कितनी पिलाई, खुद कितनी पी, चाय-समोसा पर कितना खर्च किया इन सभी का हिसाब ईसी को देना होगा. उम्मीदवार मनमानी तरीके से बिल नहीं बना सकते हैं.
पिछले दिनों चुनाव आयोग ने सभी राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों से चुनावी खर्चे में उपयोग में आने वाले सामानों की लिस्ट और उसके रेट देने को कहा है. बता दें कि साल 2022 में चुनाव आयोग ने लोकसभा चुनावों में उम्मीदवारों की खर्च सीमा 70 लाख से बढ़ाकर 95 लाख कर दिया था और विधानसभा चुनावों के लिए यह सीमा 28 लाख से बढ़ाकर 40 लाख कर दिया था. लोकसभा चुनाव को देखते हुए इस बार भी डीजल-पेट्रोल सहित कई सामानों के रेट तय होंगे.इसके बाद इसे आधिकारिक तौर पर लागू कर दिया जाएगा.
लोकसभा चुनाव लड़ने वाले सभी प्रत्याशियों को चुनाव आयोग का गाइडलाइंस मानना अनिवार्य होगा.
नेताजी को देना होगा हर खर्चे का हिसाब
बता दें कि चुनाव आयोग पूर्व के चुनावों में भी उम्मीदवारों के लिए इस तरह की लिस्ट जारी करती रही है. इसमें उम्मीदवारों के खर्चे का हिसाब भी रखा जाता है. ऐसे में उम्मीदवारों को संभलकर खर्चा करना पड़ता है. अगर कोई प्रत्याशी या पार्टी कार्यकर्ताओं को चाय-पानी पिलाता है तो यह खर्चा भी चुनावी खर्चे में जुड़ जाएगा. इसके तह पार्टी के झंडे, बैनर, पोस्टर और डंडे तक का शुल्क शामिल है.
कोरोना गाइडलाइंस भी हो सकती है लागू
इस बार भी कोरोना गाइडलाइन का पालन करने के लिए उपयोगी सामान को चुनावी खर्चे में जोड़ा जाएगा. देश के सभी जिलों के डीएम एक रिपोर्ट तैयार कर रहे हैं, जिसके तहत चुनाव प्रचार के दौरान सामग्रियों के दाम तय रहेंगे. रिटर्निंग ऑफिसर नजर रखेंगे कि इसमें कोई ऐसा सामान नहीं है, जिसे उम्मीदवार उपयोग तो करता है लेकिन खर्चा में नहीं जोड़ता है. इस तरह की गड़बड़ियां अगर सामने आती है तो उम्मीवार का उम्मीदवारी भी रद्द हो जाएगा.
चुनाव आयोग के खर्चे में पार्टी के झंडे, बैनर, पोस्टर और डंडे तक का शुल्क शामिल रहता है.
सामानों की संभावित दरें
1-होटल का एक कमरा – 1000 से 10000
2-एक कप चाय – 10 से 20 रुपये प्रति कप
3-फूल और माला – 20-100 रुपये
4-कैंप कार्यालय के लिए एलईडी बल्ब – 60 से 90 रुपये
5-दरी – 50 से 200 रुपये प्रति दरी
6-बिस्तर – एक बिस्तर 50 से 150 रुपये
7-सोफा – 100 से 250 प्रति सोफा
8-तिरपाल – 400 से 700 रुपये
9-साबुन – एमआरपी लागू
10-फेस वॉश – एमआरपी लागू
11-थर्मल थाली – 5 से 7 रुपये
12-बैठने के लिए कुर्सी – 50 से 150 रुपये
13-पानी की दरें – एमआरपी लागू
14-टीवी पर समाचार देखने की इच्छा हुई तो 2000 से 3000 रुपये महीना
15-पंडित से हवन कराने के लिए- 1200 से 1500 रुपये
16-कलावा पहनने के लिए- 5 से 10 रुपये
इसके साथ इस बार भी कोरोना गाइडालाइंस का कुछ हद तक पालन करना होगा. इसके लिए फेस मास्क, दस्ताना, सेनेटाइजर की बोतलें एमआरपी की तय दर के हिसाब से देना होगा. कुलमिलाकर लोकसभा चुनाव 2024 कई मायनों में खास होने वाला है.
