कॉकरोच जनता पार्टी अब करेगी प्रचंड प्रदर्शन? 2 दिन में दूसरी बार दी चेतावनी, आखिर क्यों

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कॉकरोच जनता पार्टी अब करेगी प्रचंड प्रदर्शन? 2 दिन में दूसरी बार दी चेतावनी

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कॉकरोच जनता पार्टी ने दो द‍िनों में दूसरी बार केंद्र सरकार को देशव्‍यापी आंदोलन की चेतावनी दी है. पार्टी प्रवक्‍ता सौरव दास ने कहा क‍ि अगर भारत सरकार अपने वादों से मुकरी और प्रदर्शनकार‍ियों के ख‍िलाफ एफआईआर वापस नहीं ली गईं तो देशव्यापी आंदोलन होगा.

सीजेपी ने भारत सरकार को एक बार फ‍िर प्रचंड आंदोलन की चेतावनी दी है. क्‍यों आख‍िर, जान‍िए

CJP Warning to Center: हाल ही में जंतर-मंतर पर आंदोलन कर चुकी कॉकरोच जनता पार्टी ने फिर प्रदर्शन की चेतावनी दी है. सीजेपी की ओर से यह दो दिनों के अंदर दी गई दूसरी चेतावनी है, जिसमें उन्होंने प्रचंड प्रदर्शन की बात कही है. पार्टी का कहना है कि अगर सरकार अपने वादों से मुकरती है और प्रदर्शन में शामिल छात्रों के खिलाफ पुलिसिया एक्शन उठाती है तो तो एक बार फिर देश भर में जेन-जी सड़कों पर उतर आएंगे.

कॉकरोच जनता पार्टी के प्रवक्ता सौरव दास ने हाल ही में सुप्रीम कोर्ट की ओर से जारी किए गए एक आदेश का हवाला देते हुए कहा कि इस आदेश का इस्तेमाल प्रदर्शन में शामिल छात्रों के खिलाफ हो सकता है. दास ने आशंका जताई कि सरकार इस आदेश का दुरुपयोग कर शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने वाले छात्रों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर सकती है और उन्हें प्रताड़ित कर सकती है.

एनडीटीवी की खबर के अनुसार दास ने कहा कि सीजेपी मूवमेंट की तीन प्रमुख शर्तें थीं, जिनमें शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के अलावा शांतिपूर्वक धरना-प्रदर्शन करने वाले छात्रों के खिलाफ कोई कानूनी एक्शन न लेना भी शामिल था. इस पर सरकार ने हामी भी भरी थी और छात्रों पर कोई कार्रवाई न करने का वादा किया था, लेकिन सीजेआई सूर्यकांत के आदेश की एक शर्त से सब बदल सकता है.

बता दें कि जंतर मंतर और देशभर में नीट पेपर लीक के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर कथित अत्यधिक बल प्रयोग के खिलाफ याचिकाओं की सुनवाई करते हुए मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली पीठ ने निर्देश दिया था कि शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों के खिलाफ कोई जबरदस्ती की कार्रवाई न की जाए. सीजेआई ने बिना आपराधिक रिकॉर्ड वाले हिरासत में लिए गए छात्रों या लोगों को रिहा करने का भी आदेश दिया था हालांकि पीठ ने कहा कि दिल्ली राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र और अन्य राज्य दर्ज की गई एफआईआर की जांच आगे बढ़ा सकते हैं. इसमें छात्रों पर कोई जबर्दस्ती नहीं की जाए लेकिन यह सुरक्षा आपराधिक पृष्ठभूमि वाले व्यक्तियों को नहीं मिलेगी.

अब इस आदेश पर सीजेपी प्रवक्ता सौरव दास ने कहा कि 25 जुलाई 2026 को भारत सरकार ने सीजेपी के साथ बातचीत में इस बात का आश्वासन और गारंटी दी थी कि जिन छात्रों के खिलाफ एफआईआर की गई हैं वे वापस ले ली जाएंगी और किसी के खिलाफ कोई प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष कार्रवाई नहीं होगी. इसी गारंटी के बाद सीजेपी ने अपना देशव्यापी आंदोलन वापस लिया था. लेकिन अब हमें यह विश्वसनीय आशंका है कि भारत सरकार और भाजपा शासित राज्य सीजेआई के आदेश को छात्रों के खिलाफ हथियार के रूप में इस्तेमाल कर सकते हैं और उन्हें कानूनी मुसीबतों में डाल सकते हैं.

दास ने कहा, हमें पहले दिन से ही डर था कि न्यायालयों को सरकार अपने हित में न इस्तेमाल कर ले. अदालत के इस ‘छिपे हुए तरीके’ से सरकार के सार्वजनिक आश्वासन को कमजोर करने की कोशिश हो रही है. सरकार के वकीलों द्वारा इस आदेश का विरोध न करना परेशान करने वाला है.’

अब दास ने एक बार फिर चेतावनी दी है, “भारत सरकार को अपनी गारंटियों का सम्मान करने की समय सीमा आज समाप्त हो रही है. हम एक बार फिर से उसे अपने हर वादे को पूरा करने का आह्वान करते हैं. एफआईआर वापस लें, सुनिश्चित करें कि किसी भी प्रदर्शनकारी के खिलाफ कोई भी दंडात्मक कार्रवाई नहीं होगी. अगर ऐसा नहीं होता है तो जैसा पहले घोषित किया गया था, कॉकरोच जनता पार्टी के पास छात्रों और युवा प्रदर्शनकारियों की सुरक्षा के लिए देशव्यापी आंदोलन फिर से शुरू करने के अलावा कोई और रास्ता नहीं होगा.भारत की सड़कें एक बार फिर इंकलाब की आवाजों से गूंज उठेंगी.

बता दें कि सोमवार को सीजेपी के प्रवक्ता आशुतोष रंका ने कहा था कि सरकार और सीजेपी के बीच हुए समझौते का ‘पूर्ण उल्लंघन’ हुआ है. सैकड़ों प्रदर्शनकारियों को गिरफ्तार किया गया है. एफआईआर करने के बाद उन्हें परेशान किया जा रहा है. इन छात्रों को तुरंत रिहा किया जाए और एफआईआर वापस ली जाएं.

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प्रिया गौतमSenior Correspondent

Priya Gautam is an accomplished journalist currently working with Hindi.News18.com with over 14 years of extensive field reporting experience. Previously worked with Hindustan times group (Hindustan Hindi) and …

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