खुजली, लाल चकत्ते और फंगल इंफेक्शन से बचना है, तो मानसून में अपनाएं ये आदतें

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कानपुर में मानसून के दौरान त्वचा संबंधी बीमारियों के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं. हैलट अस्पताल की त्वचा रोग ओपीडी में रोजाना 600 से 800 मरीज पहुंच रहे हैं. विशेषज्ञों का कहना है कि फंगल और बैक्टीरियल संक्रमण से बचने के लिए शरीर को साफ और सूखा रखना, गीले कपड़े तुरंत बदलना और लक्षण दिखने पर डॉक्टर से जांच कराना जरूरी है.

कानपुर: मानसून और बारिश का मौसम आते ही शहर में त्वचा संबंधी बीमारियां तेजी से बढ़ने लगी हैं. इसका असर अब कानपुर के गणेश शंकर विद्यार्थी मेडिकल कॉलेज से संबद्ध लाला लाजपत राय (हैलट) अस्पताल की ओपीडी में भी साफ दिखाई दे रहा है. अस्पताल के त्वचा रोग विभाग में रोजाना 600 से 800 मरीज इलाज के लिए पहुंच रहे हैं. इनमें सबसे ज्यादा फंगल इंफेक्शन, बैक्टीरियल इंफेक्शन, दाद, खुजली, एलर्जी और त्वचा पर लाल चकत्तों की शिकायत वाले मरीज शामिल हैं

नमी बढ़ते ही बढ़ रहे संक्रमण

जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज के त्वचा रोग विभागाध्यक्ष डॉ. डी.पी. शिवहरे ने बताया कि बारिश के मौसम में हवा में नमी बढ़ जाती है. पसीना ज्यादा आता है और कई बार शरीर लंबे समय तक गीला रहता है. ऐसे माहौल में फंगस और बैक्टीरिया तेजी से पनपते हैं. यही वजह है कि इस मौसम में स्किन की बीमारियां बढ़ जाती हैं. खासकर बच्चों, बुजुर्गों और मधुमेह के मरीजों में संक्रमण का खतरा ज्यादा रहता है.डॉक्टर के अनुसार कई मरीज शुरुआत में खुजली या दाद को सामान्य समझकर नजरअंदाज कर देते हैं या मेडिकल स्टोर से बिना सलाह क्रीम खरीदकर लगा लेते हैं. इससे बीमारी ठीक होने के बजाय और बढ़ जाती है.

इन बीमारियों के सबसे ज्यादा मरीज

हैलट अस्पताल में इन दिनों दाद, खुजली, फंगल इंफेक्शन, बैक्टीरियल इंफेक्शन, पैरों की उंगलियों के बीच फंगस, त्वचा पर रैशेज, एलर्जी और नाखूनों के संक्रमण के मरीज सबसे ज्यादा आ रहे हैं. कई मामलों में संक्रमण परिवार के दूसरे सदस्यों तक भी फैल रहा है.

डॉक्टर ने बताए बचाव के आसान तरीके

डॉ. डी.पी. शिवहरे ने बताया कि थोड़ी सावधानी बरतकर इन बीमारियों से बचा जा सकता है. इसके लिए शरीर को हमेशा साफ और सूखा रखें. बारिश में भीगने के बाद तुरंत कपड़े बदलें. सूती और ढीले कपड़े पहनें ताकि पसीना कम आए. गीले जूते और मोजे लंबे समय तक न पहनें. तौलिया, कपड़े और अन्य निजी सामान किसी के साथ साझा न करें. रोजाना नहाने के बाद शरीर को अच्छी तरह सुखाएं, खासकर बगल, गर्दन और पैरों की उंगलियों के बीच की जगह को.

उन्होंने कहा कि खुजली, दाद या त्वचा पर लाल चकत्ते दिखें तो खुद से कोई क्रीम लगाने के बजाय त्वचा रोग विशेषज्ञ से सलाह लें. समय पर इलाज कराने से संक्रमण जल्दी ठीक हो जाता है और दूसरों तक फैलने का खतरा भी कम रहता है. बारिश के मौसम में थोड़ी सी सावधानी और साफ-सफाई अपनाकर त्वचा संबंधी ज्यादातर बीमारियों से बचा जा सकता है. इसलिए लक्षण दिखते ही इलाज कराने में देर न करें.

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Vivek Kumar

विवेक कुमार एक सीनियर जर्नलिस्ट हैं, जिन्हें मीडिया में 10 साल का अनुभव है. वर्तमान में न्यूज 18 हिंदी के साथ जुड़े हैं और हरियाणा, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड की लोकल खबरों पर नजर रहती है. इसके अलावा इन्हें देश-…

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