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दिल्ली मेट्रो से यात्रा करने वालों का सफर अब और सुरक्षित और स्वदेशी होने जा रहा है. डीएमआरसी ने पहली बार वो काम किया है, जो अभी तक नहीं हुआ था. यह कदम यात्रियों की सुरक्षा और बेहतर करने के लिए किया गया है. अब नए मेट्रो कॉरिडोर मेक इन इंडिया प्लेटफॉर्म स्क्रीन डोर्स (पीएसडी) लगाए जाएंगे.
चौथे और पांचवें फेज में बनने वाली मेट्रो कॉरिडोर में होना इस्तेमाल.
नई दिल्ली. दिल्ली मेट्रो से यात्रा करने वालों का सफर अब और सुरक्षित और स्वदेशी होने जा रहा है. डीएमआरसी ने पहली बार वो काम किया है, जो अभी तक नहीं हुआ था. यह कदम यात्रियों की सुरक्षा और बेहतर करने के लिए किया गया है. अब नए मेट्रो कॉरिडोर मेक इन इंडिया प्लेटफॉर्म स्क्रीन डोर्स (पीएसडी) लगाए जाएंगे. अभी तक ये पीएसडी अलग-अलग विदेशी कंपनियों से लिए जाते थे, जो अब यहीं पर तैयार होंगे.
टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार डीएमआरसी के अनुसार मेट्रो फेज चार और पांच के तहत बनने वाले सभी मेट्रो स्टेशनों पर स्क्रीन डोर्स लगाए जाएंगे. भूमिगत (अंडरग्राउंड) स्टेशनों पर पूरे में हाइट स्क्रीन डोर्स लगाए जाएंगे, जबकि एलिवेटेड स्टेशनों पर हाफ-हाइट स्क्रीन डोर्स लगाए जाने की योजना है.
83 स्टेशनों पर हाफ डोर
मौजूदा समय मेट्रो के कुल 303 स्टेशनों में से केवल 83 स्टेशनों पर हाफ-स्क्रीन डोर्स वाले और 8 फुल-स्क्रीन डोर्स वाले हैं. वहीं, एयरपोर्ट एक्सप्रेस लाइन के सभी सात स्टेशनों पर पहले से ही फुल-स्क्रीन डोर्स मौजूद हैं. इसके अलावा मैजेंटा लाइन के कृष्णा पार्क एक्सटेंशन स्टेशन पर भी यह सुविधा दी गई है.
शहरी विकास मंत्रालय का निर्देश
डीएमआरसी के एक अधिकारी ने बताया कि भारतीय कंपनियों से स्क्रीन डोर्स की आपूर्ति के लिए रुचि दिखाई थी. इसी के बाद यह फैसला शहरी विकास मंत्रालय के निर्देश के बाद लिया गया है, जिसमें कहा गया है कि मेट्रो प्रोजेक्ट में कम से कम 75% उत्पाद भारत में ही निर्मित होने चाहिए.
फेज चार और पांच को मंजूरी
दिल्ली मेट्रो नेटवर्क फिलहाल करीब 416 किलोमीटर लंबा है. फेज-चार के तहत पांच नए कॉरिडोर बनाए जा रहे हैं, जिनमें आरके आश्रम से जनकपुरी वेस्ट, एरोसिटी से तुगलकाबाद, इंदरलोक से इंद्रप्रस्थ, लाजपत नगर से साकेत जी ब्लॉक और रिठाला से कुंडली शामिल हैं. वहीं फेज-पांच में भी तीन नए कॉरिडोर को मंजूरी मिल चुकी है.
देश में रोजगार बढ़ेगा
विशेषज्ञों का मानना है कि प्लेटफॉर्म स्क्रीन डोर्स लगाने से यात्रियों की सुरक्षा बढ़ेगी, हादसों में कमी आएगी. साथ ही ट्रेन ऑपरेशन भी ज्यादा बेहतर होगा. साथ ही मेक इन इंडिया पहल के तहत देश अर्थव्यवस्था मजबूत होगी और रोजगार को भी बढ़ेगा.
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करीब 20 साल का पत्रकारिता का अनुभव है. नेटवर्क 18 से जुड़ने से पहले कई अखबारों के नेशनल ब्यूरो में काम कर चुके हैं. रेलवे, एविएशन, रोड ट्रांसपोर्ट और एग्रीकल्चर जैसी महत्वपूर्ण बीट्स पर रिपोर्टिंग की. कैंब्रिज…और पढ़ें
