विनेश फोगाट की मुश्किलें बढ़ीं… वाडा नियम और WFI की चयन नीति वापसी में बन सकती है बाधा, ओपन रैंकिंग टूर्नामेंट में खेलने पर संशय

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पहलवान विनेश फोगाट की प्रतिस्पर्धी कुश्ती में वापसी पर संशय के बादल मंडरा रहे हैं. गोंडा में होने वाले राष्ट्रीय ओपन रैंकिंग टूर्नामेंट में उनकी भागीदारी ‘वाडा’ (WADA) के नियम 5.6.1 के अनुपालन पर टिकी है, जिसके तहत संन्यास के बाद वापसी करने वाले खिलाड़ी को छह महीने पहले लिखित नोटिस देना अनिवार्य है. भारतीय कुश्ती महासंघ फिलहाल अंतरराष्ट्रीय संस्था से उनकी पात्रता की पुष्टि का इंतजार कर रहा है.

विनेश फोगाट का रैकिंग टूर्नामेंट में खेलना मुश्किल.

नई दिल्ली. पहलवान विनेश फोगाट की प्रतिस्पर्धी कुश्ती में वापसी की पात्रता पर गोंडा में होने वाले राष्ट्रीय ओपन रैंकिंग टूर्नामेंट से पहले संदेह के बादल मंडरा रहे हैं. क्योंकि संन्यास के बाद वापसी करने वाले खिलाड़ियों के लिए विश्व डोपिंग रोधी एजेंसी (वाडा) के अनिवार्य छह महीने के नोटिस के नियम का पालन करने को लेकर अस्पष्टता बनी हुई है.  विनेश ने 2024 पेरिस ओलंपिक में मिली निराशा के बाद खेल से संन्यास की घोषणा कर दी थी लेकिन पिछले साल दिसंबर में उन्होंने फिर से प्रतिस्पर्धी कुश्ती में लौटने की इच्छा जताई थी.

विनेश फोगाट (Vinesh Phogat) ने 10-12 मई तक होने वाले ओपन रैंकिंग टूर्नामेंट में 57 किग्रा वर्ग में हिस्सा लेने के लिए प्रविष्टि दी है. हालांकि यह अब भी साफ नहीं है कि विश्व चैंपियनशिप की पूर्व पदक विजेता विनेश ने वाडा के नियम 5.6.1 के तहत तय की गई शर्तों को पूरा किया है या नहीं. यह नियम संन्यास लेने वाले खिलाड़ियों की प्रतियोगिता में वापसी को नियंत्रित करता है.

विनेश फोगाट का रैकिंग टूर्नामेंट में खेलना मुश्किल.

इस नियम के अनुसार पंजीकृत परीक्षण पूल (आरटीपी) में शामिल कोई भी खिलाड़ी अगर संन्यास लेने के बाद फिर से सक्रिय रूप से हिस्सा लेना चाहता है तो उसे संबंधित अंतरराष्ट्रीय महासंघ और राष्ट्रीय डोपिंग रोधी एजेंसी को छह महीने पहले लिखित नोटिस देकर खुद को परीक्षण के लिए उपलब्ध कराना होगा. आरटीपी खास खिलाड़ियों का एक चुनिंदा समूह होता है जिन पर बिना किसी पूर्व सूचना के डोपिंग परीक्षण किए जा सकते हैं.

इस नियम में आगे यह भी कहा गया है कि इस नियम का उल्लंघन करके हासिल किया गया कोई भी प्रतिस्पर्धी नतीजा ‘अयोग्य घोषित कर दिया जाएगा’ जब तक कि खिलाड़ी यह साबित नहीं कर दे कि उसे ‘उचित रूप से यह पता नहीं चल सका’ था कि वह प्रतियोगिता अंतरराष्ट्रीय या राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिता थी.

इस छह महीने की अवधि का मकसद खिलाड़ियों को परीक्षण प्रणाली से लंबे समय तक बाहर रहने और फिर बिना उचित निगरानी के सीधे प्रतियोगिता में लौटने से रोकना है.  हालांकि खिलाड़ी इस छह महीने के नोटिस से छूट का अनुरोध कर सकता है।

भारतीय कुश्ती महासंघ (डब्ल्यूएफआई) के अध्यक्ष संजय सिंह ने कहा, ‘आज की तारीख तक हमें यह नहीं पता है कि विनेश ने इस शर्त को पूरा किया है या नहीं. अगर वह पात्र है तभी प्रतियोगिता में हिस्सा ले सकती हैं, वरना नहीं. हम यूडब्ल्यूडब्ल्यू से पुष्टि का इंतजार कर रहे हैं. अगर विनेश ने छूट का अनुरोध किया होता तो अधिकारियों द्वारा हमें इसकी सूचना दे दी गई होती.’

विनेश अपने सक्रिय करियर के दौरान आरटीपी का हिस्सा रही थीं. ट्रेनिंग और प्रतियोगिता फिर से शुरू करने का फैसला करने के बाद उन्होंने दोबारा परीक्षण पूल में प्रवेश किया और इस दौरान उनका एक परीक्षण छूट भी गया था जिसे आईटीए ने उनकी रहने के स्थान की जानकारी देने की पहली विफलता के तौर पर दर्ज किया था. यह पता नहीं है कि राष्ट्रीय प्रतियोगिता ढांचे के अंतर्गत आने वाली गोंडा प्रतियोगिता से पहले उन्होंने छह महीने का अनिवार्य नोटिस दिया था या नहीं.

विनेश से इस पर टिप्पणी के लिए संपर्क किया गया लेकिन उनके निजी सहायक ने कहा कि वह अभी व्यस्त हैं. भले ही विनेश यह टूर्नामेंट जीत जाएं लेकिन इस जीत से 2026 के एशियाई खेलों के लिए भारतीय टीम में जगह बनाने की उनकी इच्छा पूरी होने की संभावना कम ही है.

इस साल फरवरी में घोषित डब्ल्यूएफआई की चयन नीति के अनुसार राष्ट्रीय ओपन रैंकिंग टूर्नामेंट में किए गए प्रदर्शन को एशियाई खेलों के ट्रायल्स के लिए नहीं माना जाएगा. नीति के मुताबिक केवल 2025 की सीनियर राष्ट्रीय चैंपियनशिप, 2026 के फेडरेशन कप और 2026 की अंडर-20 राष्ट्रीय चैंपियनशिप में पदक जीतने वाले खिलाड़ी ही एशियाई खेलों के चयन ट्रायल्स में हिस्सा लेने के पात्र होंगे. ये ट्रायल 30 मई (महिलाओं के लिए) और 31 मई (पुरुषों के लिए) को आयोजित किए जाएंगे। इसका सीधा सा मतलब यह है कि विनेश को इसमें हिस्सा लेने का मौका नहीं मिलेगा.

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Kamlesh Raiचीफ सब एडिटर

कमलेश राय वर्तमान में News18 इंडिया में बतौर चीफ सब-एडिटर कार्यरत हैं. 17 वर्षों से अधिक के अपने सुदीर्घ पत्रकारीय सफर में उन्होंने डिजिटल मीडिया की बारीकियों और खबरों की गहरी समझ के साथ एक विशिष्ट पहचान बनाई ह…और पढ़ें

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