जगद्गुरु रामभद्राचार्य की बिहार के शिक्षामंत्री को खुली चुनौती, मेरे साथ करें शास्त्रार्थ, कर दूंगा दूध का दूध…

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जगद्गुरु रामभद्राचार्य की शिक्षामंत्री को खुली चुनौती, कर दूंगा दूध का दूध…

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जगद्गुरु ने कहा कि यदि कोई सनातन धर्म पर छींटाकशी करेगा, तो मैं बोलूंगा ही. उन्होंने कहा कि बिहार के शिक्षा मंत्री प्रो. चंद्रशेखर अपना मानसिक संतुलन खो दिए हैं. मैं उन्हें चुनौती देता हूं. एक-एक पंक्ति पर चर्चा कर बता दूंगा कि रामचरितमानस में कहीं भी राष्ट्र विरोध में कुछ भी नहीं लिखा गया है. 

आशीष कुमार/पश्चिम चम्पारण. चित्रकूट तुलसी पीठ के पीठाधीश्वर जगद्गुरु स्वामी रामभद्राचार्य इन दिनों बिहार के पश्चिम चम्पारण जिले के रामनगर स्थित अर्जुन विक्रम शाह स्टेडियम में कथा वाचन कर रहे हैं. कथावाचन कार्यक्रम के चौथे दिन जगद्गुरु ने बिहार सरकार को निशाने पर लेते हुए जमकर तंज कसा. इसी क्रम में उन्होंने कहा कि बिहार में अब ज्यादा दिनों तक जंगल राज नहीं चलेगा. पटना के गांधी मैदान में एक साल से मेरी कथा प्रस्तावित है, लेकिन वहां के कमिश्नर परमिशन नहीं दे रहे हैं. ऐसे में अब तुम्हें हटाकर ही पटना में कथा कहने आएंगे. सिर्फ इतना ही नहीं, उन्होंने राज्य के शिक्षा मंत्री प्रो. चंद्रशेखर पर निशाना साधते हुए कहा कि जिस रामचरित मानस की तुम निंदा कर रहे हो, उसे बहुत जल्द राष्ट्र ग्रंथ होना है. यदि तब निंदा करोगे, तो राष्ट्रद्रोह का मुकदमा चलेगा. सीधे कृष्ण जन्म भूमि के दर्शन करोगे.

रामचरितमानस पर चर्चा की खुली चुनौती
कथा वाचन के दौरान जगद्गुरु ने कहा कि बिहार सरकार को मेरे जैसे संत की हुंकार पर पसीना आ गया. मैंने श्रीरामचरितमानस पर मंत्री चंद्रशेखर से चर्चा की बात क्या कह दी, सरकार डर गई है. जगद्गुरु ने यह बात इसलिए कही, क्योंकि बिहार के शिक्षा मंत्री प्रो. चंद्रशेखर ने रामचरितमानस को जातिवाद का स्रोत बताते हुए उसकी निंदा की थी. चंद्रशेखर के उसी बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए जगद्गुरु ने उन्हें रामचरितमानस पर चर्चा करने की खुली चुनौती दे डाली और यहां तक कह दिया कि बहुत जल्द रामचरितमानस राष्ट्रग्रंथ होने वाला है. यदि इस वक्त तुम उसकी निंदा करोगे, तो तुम पर राष्ट्रद्रोह होगा.

रामचरितमानस में राष्ट्र विरोधी कुछ भी नहीं
जगद्गुरु ने बिहार में जाति आधारित गणना पर पूछे गए सवाल के जवाब में कहा कि यह बहुत ही दुर्भाग्यपूर्ण है. ऐसा नहीं होना चाहिए. उन्होंने शिक्षामंत्री के विवादित बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि प्रो. चंद्रशेखर अपना मानसिक संतुलन खो दिए हैं. मैं उन्हें चुनौती देता हूं. एक-एक पंक्ति पर चर्चा कर बता दूंगा कि रामचरितमानस में कहीं भी राष्ट्र विरोध में कुछ भी नहीं लिखा गया है. जगद्गुरुने कहा कि गांधी मैदान में रामकथा अब तभी सुनाऊंगा, जब बिहार में भगवा लहराएगा और चहुंओर कमल खिलेगा. तुलसी पीठाधीश्वर ने कहा कि बिहार में जातिगत बंटवारे की बयार बह रही है. सरकार खुद जाति के आधार पर गणना कर आरक्षण को बढ़ावा दे रही.

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