उत्तर-पश्चिम दिल्ली के लाखों लोगों के लिए एक बड़ी बाधा दूर हो गई है. दिल्ली का सबसे बड़ा ट्रैफिक जंक्शन यानी मुकरबा चौक अब जाम के इतिहास से बाहर निकलने को तैयार है. केंद्र और दिल्ली सरकार के बीच समन्वय का असर यह हुआ कि रेलवे ने मुकरबा चौक ROB के चौड़ीकरण और शालीमार बाग से ट्रांसपोर्ट नगर तक के एलिवेटेड लूप को हरी झंडी दे दी है. यह मंजूरी केवल कागजी कार्रवाई नहीं बल्कि उस डबल इंजन की रफ़्तार का प्रमाण है जिसने सालों से अटकी फाइलों को हकीकत में बदल दिया. मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने साफ कर दिया है कि अब मुकरबा चौक पर गाड़ी नहीं दिल्ली की रफ़्तार दौड़ेगी.
मुकरबा चौक दिल्ली का प्रवेश द्वार माना जाता है. यहां ट्रैफिक व्यवस्था का सुधरना केवल दिल्ली ही नहीं बल्कि हरियाणा और पंजाब से आने वाले वाहनों के लिए भी बड़ी राहत है. PWD और रेलवे का यह साझा प्रयास दिल्ली को भविष्य की आधुनिक परिवहन जरूरतों के लिए तैयार कर रहा है.
परियोजना की मुख्य बातें
· मुकरबा चौक पर खत्म होगा बॉटलनेक: हैदरपुर-बादली आउटर रिंग रोड पर स्थित मौजूदा रेलवे ओवर ब्रिज (ROB) के संकरा होने के कारण यहां घंटों जाम लगता था. चौड़ीकरण के बाद वाहनों की आवाजाही स्मूथ हो जाएगी.
· कनेक्टिविटी का नया कॉरिडोर: शालीमार बाग से संजय गांधी ट्रांसपोर्ट नगर तक प्रस्तावित एलिवेटेड लूप से भारी वाहनों और यात्रियों को रेलवे ट्रैक पार करने के लिए लंबा इंतजार नहीं करना पड़ेगा.
· परिवहन लागत में कमी: संजय गांधी ट्रांसपोर्ट नगर जैसे प्रमुख मालवाहक हब में ट्रकों की आवाजाही आसान होने से समय और ईंधन दोनों की बचत होगी.
· सुरक्षित और बाधारहित यात्रा: तकनीकी परीक्षण के बाद रेलवे की NOC मिलने का मतलब है कि अब निर्माण कार्य में कोई बड़ी बाधा नहीं है जिससे यात्रियों को सुरक्षित सफर मिलेगा.
· क्षेत्रीय विकास को गति: पीतमपुरा, शालीमार बाग, बादली और रोहिणी जैसे सघन क्षेत्रों के लोगों को मुकरबा चौक के ट्रैफिक जाल से बड़ी राहत मिलेगी.
सवाल-जवाब
रेलवे ने किन दो परियोजनाओं को मंजूरी दी है?
रेलवे ने हैदरपुर-बादली आउटर रिंग रोड पर मौजूदा ROB के चौड़ीकरण और शालीमार बाग से संजय गांधी ट्रांसपोर्ट नगर तक एलिवेटेड लूप परियोजना को मंजूरी दी है.
इन परियोजनाओं से किन इलाकों को मुख्य रूप से फायदा होगा?
इससे उत्तर-पश्चिम दिल्ली के मुकरबा चौक, बादली, शालीमार बाग, रोहिणी और संजय गांधी ट्रांसपोर्ट नगर के निवासियों और यात्रियों को भारी ट्रैफिक जाम से राहत मिलेगी.
मुख्यमंत्री ने ‘डबल इंजन’ का जिक्र क्यों किया?
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने राज्य और केंद्र सरकार (रेल मंत्रालय) के बीच प्रभावी समन्वय और त्वरित मंजूरी के कारण इसे ‘डबल इंजन’ सरकार की साझा सफलता बताया है.
