दिल्‍ली: दोस्‍तों संग स्‍वीमिंग पूल में नहाने गया था 10 साल का संस्‍कार, डूबने से मौत के बाद सदमे में परिवार

नई दिल्ली. देश की राजधानी के वजीराबाद इलाके से एक बेहद ही दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है. यहां के जगतपुर (मिलन विहार) इलाके में चल रहे एक प्राइवेट स्विमिंग पूल में नहाने के दौरान 10 साल के एक मासूम बच्चे की डूबने से दर्दनाक मौत हो गई. मृतक बच्चे की पहचान छठी कक्षा में पढ़ने वाले संस्कार के रूप में हुई है. इस भीषण हादसे के बाद से पीड़ित परिवार में कोहराम मचा हुआ है. परिजनों ने स्विमिंग पूल प्रशासन पर सुरक्षा मानकों की अनदेखी और घोर लापरवाही बरतने के गंभीर आरोप लगाए हैं. पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है.

परिजनों के मुताबिक, मासूम संस्कार आज सुबह अपने भाई और दोस्तों के साथ गर्मी से राहत पाने और नहाने के लिए स्विमिंग पूल गया था. लेकिन पूल में उतरने के कुछ ही देर बाद वह अचानक संदिग्ध और बेहोशी की हालत में पानी में मिला. आनन-फानन में उसे तुरंत नजदीकी अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया. आरोप है कि यह स्विमिंग पूल पूरी तरह अवैध और असंवैधानिक तरीके से चलाया जा रहा था.

स्विमिंग पूल हादसे की बड़ी बातें
· लापरवाही ने ली जान: मृतक छात्र संस्कार सुबह अपने दोस्तों के साथ वजीराबाद के मिलन विहार स्थित प्राइवेट स्विमिंग पूल में नहाने गया था, जहाँ यह हादसा हुआ.

· सुरक्षा के कोई इंतजाम नहीं: परिजनों का आरोप है कि स्विमिंग पूल परिसर में बच्चों की सुरक्षा के लिए न तो कोई लाइफ गार्ड तैनात था और न ही लाइफ जैकेट या अन्य कोई बचाव उपकरण उपलब्ध थे.

· अवैध संचालन का आरोप: स्थानीय लोगों और परिजनों के अनुसार, घनी आबादी के बीच इस स्विमिंग पूल को नियमों को ताक पर रखकर असंवैधानिक तरीके से चलाया जा रहा था.

· CCTV जांच की मांग: स्विमिंग पूल परिसर में सीसीटीवी कैमरे लगे हुए हैं. पीड़ित परिवार ने पुलिस से मांग की है कि फुटेज की गहनता से जांच की जाए ताकि हादसे की सच्चाई सामने आ सके.

· पुलिस की कार्रवाई: वजीराबाद थाना पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और पूल संचालकों के खिलाफ तफ्तीश शुरू कर दी है.

दिल्ली में बढ़ते अवैध पूल्स
दिल्ली-एनसीआर में गर्मी की शुरुआत होते ही बच्चों और युवाओं का स्विमिंग पूल्स की तरफ रुख बढ़ जाता है. लेकिन वजीराबाद की यह घटना इस बात का जीता-जागता सबूत है कि कैसे चंद पैसों की कमाई के लिए बिना लाइसेंस और बिना सुरक्षा मानकों के अवैध पूल्स का धंधा धड़ल्ले से चल रहा है. नियमों के मुताबिक, किसी भी कमर्शियल पूल पर लाइफ गार्ड, लाइफ जैकेट, फर्स्ट एड किट और गहराई के स्पष्ट संकेतक होने अनिवार्य हैं. वजीराबाद के इस पूल में मासूम संस्कार की मौत ने प्रशासन के दावों पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं. यदि समय रहते इन अवैध पूल्स पर शिकंजा नहीं कसा गया, तो मासूमों की जान यूं ही जोखिम में पड़ती रहेगी.

सवाल-जवाब
दिल्ली के वजीराबाद में स्विमिंग पूल हादसे में किस बच्चे की मौत हुई है?

इस दर्दनाक हादसे में छठी कक्षा में पढ़ने वाले 10 वर्षीय छात्र संस्कार की स्विमिंग पूल में डूबने से मौत हुई है.

मृतक बच्चे के परिजनों ने स्विमिंग पूल प्रशासन पर क्या गंभीर आरोप लगाए हैं?

परिजनों का आरोप है कि प्राइवेट स्विमिंग पूल में बच्चों के बचाव के लिए लाइफ जैकेट जैसी कोई सुविधा नहीं थी और न ही वहाँ कोई सुरक्षा के इंतजाम थे. साथ ही इस पूल को अवैध तरीके से चलाया जा रहा था.

मामले को लेकर पुलिस की तरफ से अब तक क्या कार्रवाई की गई है?

वजीराबाद थाना पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है. पुलिस पूल में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालने और मामले की कानूनी तफ्तीश में जुट गई है.

Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *