Noida News: नोएडा के सेक्टर-118 स्थित ‘सुपरटेक द रोमानो’ सोसायटी में रहने वाले करीब 400 परिवार इन दिनों भारी संकट से गुजर रहे हैं. बिल्डर द्वारा नियुक्त मेंटिनेंस एजेंसी अचानक सोसायटी का काम छोड़कर फरार हो गई, जिसके बाद पूरी हाईराइज सोसायटी की मूलभूत व्यवस्थाएं चरमरा गई हैं. पानी की सप्लाई प्रभावित है, लगातार बिजली कटौती हो रही है, लिफ्ट संचालन पर खतरा मंडरा रहा है और सुरक्षा व्यवस्था लगभग खत्म हो चुकी है. सबसे ज्यादा परेशानी बुजुर्गों, महिलाओं, छोटे बच्चों और मरीजों को झेलनी पड़ रही है. निवासियों का आरोप है कि एजेंसी बिना किसी सूचना, हैंडओवर या जरूरी रिकॉर्ड सौंपे अचानक सोसायटी छोड़कर चली गई. मामले को लेकर सेक्टर-113 थाने में एजेंसी के तीन मालिकों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई गई है और पुलिस ने जांच शुरू कर दी है.
लगातार बढ़ाते रहे मेंटेनेंस चार्ज, सुविधाओं के नाम पर मिला धोखा
सोसायटी निवासी आरके पांडे, ज्ञानेंद्र यादव, मनीषा दसमाना समेत कई लोगों ने बताया कि सुपरटेक बिल्डर पहले से ही लापता है और वर्ष 2019 से वाईजी कंपनी यहां मेंटिनेंस का काम संभाल रही थी. निवासियों के अनुसार, शुरुआत से ही सिक्योरिटी, सफाई और अन्य सुविधाओं को लेकर शिकायतें बनी हुई थीं. पहले कंपनी ने 2 रुपए 25 पैसे प्रति वर्गफुट के हिसाब से मेंटिनेंस चार्ज लिया, बाद में इसे बढ़ाकर ढाई रुपए और फिर तीन रुपए प्रति वर्गफुट कर दिया गया, लेकिन सुविधाओं में कोई सुधार नहीं हुआ. लोगों का आरोप है कि बीते चार-पांच दिन पहले कंपनी अचानक पूरी सोसायटी छोड़कर गायब हो गई और जाते समय डीजी चलाने वाली मोटर तक साथ ले गई. इसके बाद सोसायटी में बिजली और पानी की समस्या और गंभीर हो गई.
अचानक रातों रात फरार हो गई एजेंसी, मालिकों पर FIR दर्ज
निवासी अजीत शर्मा ने बताया कि लगातार अव्यवस्थाओं के कारण वह खुद अपने फ्लैट में नहीं रहते और किराए पर दूसरी जगह रहने को मजबूर हैं. ऐसे कई फ्लैट ऑनर हैं जिन्होंने परेशानियों से तंग आकर सोसायटी छोड़ दी है. सोसायटी के निवासी लोकेंद्र सिंह राठौर, अंकुर कुमार ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि वाईजी एस्टेट नाम की एजेंसी सुपरटेक द रोमानो में मेंटिनेंस का कार्य देख रही थी. एजेंसी के मालिकों के नाम नितिश अरोड़ा, अरुण चौहान और हरीश शर्मा बताए गए हैं.
शिकायत के अनुसार एजेंसी नियमित रूप से निवासियों से मेंटिनेंस चार्ज वसूल रही थी, लेकिन 12-13 मई के बाद अचानक पूरा सिस्टम बंद कर गायब हो गई. जाते समय एजेंसी ने न तो संचालन की जिम्मेदारी किसी अन्य संस्था या व्यक्ति को सौंपी और न ही अकाउंट, रिकॉर्ड या जरूरी दस्तावेज उपलब्ध कराए.
OC और CC न होने के चलते AOA का गठन भी नहीं
निवासियों का आरोप है कि एजेंसी की इस लापरवाही ने पूरी सोसायटी को गंभीर स्थिति में पहुंचा दिया है. वहीं प्रोजेक्ट की अभी तक ऑक्यूपेंसी सर्टिफिकेट (OC) और सीसी नहीं होने के कारण सोसायटी निवासी AOA का गठन भी नहीं कर पाए हैं, जिससे लोगों के पास प्रबंधन संभालने का कोई वैधानिक ढांचा भी मौजूद नहीं है. मेंटिनेंस एजेंसी के अचानक गायब होने का सबसे बड़ा असर पानी और बिजली की व्यवस्था पर पड़ा है.
कई टावरों में पानी की सप्लाई बाधित हो रही है, जिसके चलते लोगों को बेसमेंट से बोतलों और बाल्टियों में पानी भरकर ऊपरी मंजिलों तक ले जाना पड़ रहा है. निवासियों का कहना है कि वे समय पर प्रीपेड बिजली मीटर का भुगतान कर रहे थे, इसके बावजूद लंबे समय से बिजली कटौती की समस्या बनी हुई थी. कई बार शिकायत करने के बाद भी कोई समाधान नहीं निकला.
भगवान भरोसे लिफ्ट और सुरक्षा, खुद व्यवस्था संभालने में जुटे निवासी
लोगों का आरोप है कि लिफ्टों के संचालन को लेकर भी गंभीर खतरा पैदा हो गया है. अगर किसी लिफ्ट में कोई व्यक्ति फंस जाए तो उसे बाहर निकालने वाला कोई तकनीकी स्टाफ मौजूद नहीं है. फायर सेफ्टी सिस्टम को संभालने वाला स्टाफ भी गायब है, जिससे किसी आपात स्थिति में बड़ा हादसा हो सकता है. सोसायटी की सुरक्षा व्यवस्था भी पूरी तरह ध्वस्त हो चुकी है. हमे बाहर से हर रोज गार्ड बुलाकर उन्हें बिठाना पड़ रहा है ताकि सिक्योरिटी बनी रहे. सिक्योरिटी गार्डों ने भी काम करना बंद कर दिया है, जिसके कारण बाहरी लोगों की एंट्री पर कोई निगरानी नहीं बची है. टावरों के बेसमेंट की हालत बेहद खराब है, जहां जगह-जगह जलभराव, गंदगी और कूड़े के ढेर लगे हुए हैं. फिलहाल निवासी खुद मिलकर किसी तरह व्यवस्थाएं संभालने की कोशिश कर रहे हैं, जबकि पुलिस मामले की जांच में जुटी है.
