Sprinter Animesh Kujur: रफ्तार का सौदागर… भारत के सबसे तेज धावक ने 5 मिनट में रिकॉर्ड तोड़कर रचा इतिहास

नई दिल्ली. भारतीय एथलेटिक्स के इतिहास में कुछ पल ऐसे आते हैं जो हमेशा के लिए दर्ज हो जाते हैं. रांची में आयोजित फेडरेशन कप एथलेटिक्स चैंपियनशिप में एक ऐसा ही अद्भुत और रोमांचक नजारा देखने को मिला. भारत के दो सबसे तेज धावकों, अनिमेष कुजूर और गुरिंदरवीर सिंह ने महज पांच मिनट के भीतर देश का 100 मीटर का नेशनल रिकॉर्ड एक नहीं, बल्कि दो बार ध्वस्त कर दिया. इस अविश्वसनीय प्रदर्शन ने न केवल वहां मौजूद दर्शकों को दांतों तले उंगली दबाने पर मजबूर कर दिया, बल्कि भारतीय स्प्रिंटिंग (तेज दौड़) के एक नए स्वर्णिम युग की शुरुआत का बिगुल भी फूंक दिया.

यह ऐतिहासिक घटनाक्रम उस समय शुरू हुआ जब दोनों धावक 100 मीटर स्पर्धा के सेमीफाइनल में अलग-अलग हीट में दौड़ने के लिए ट्रैक पर उतरे. किस्मत का खेल देखिए कि दोनों को अलग-अलग हीट में रखा गया था, जिसने इस मुकाबले के रोमांच को दोगुना कर दिया. पूर्व राष्ट्रीय रिकॉर्ड धारक गुरिंदरवीर सिंह पहली हीट में दौड़ने के लिए पूरी तरह तैयार थे. जैसे ही गन फायर हुई, गुरिंदरवीर ने बिजली की गति से शुरुआत की और हवा को चीरते हुए फिनिश लाइन पार कर ली. जब स्कोरबोर्ड चमका, तो वहां हर कोई हैरान था. गुरिंदरवीर ने महज 10.17 सेकंड का समय निकालकर एक नया राष्ट्रीय रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया था. उन्होंने अनिमेष कुजूर के पिछले साल ग्रीस में बनाए गए 10.18 सेकंड के रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया था.

अनिमेष कुजूर बने स्पीड के बादशाह.

लेकिन, गुरिंदरवीर के जश्न की गूंज अभी थमी भी नहीं थी कि ठीक पांच मिनट बाद कुछ और भी बड़ा होने वाला था. दूसरी हीट में अब बारी अनिमेष कुजूर की थी. अपने ही रिकॉर्ड को टूटते देख अनिमेष के भीतर एक अलग ही ऊर्जा का संचार हो चुका था. जैसे ही उनकी दौड़ शुरू हुई, अनिमेष ने ट्रैक पर ऐसा तूफान खड़ा किया कि हर कोई देखता रह गया. अनिमेष ने महज 10.15 सेकंड में दौड़ पूरी करके गुरिंदरवीर के पांच मिनट पुराने रिकॉर्ड को भी चकनाचूर कर दिया.यह न केवल अनिमेष का नया पर्सनल बेस्ट (व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ) प्रदर्शन था, बल्कि अब यह भारत का नया आधिकारिक नेशनल रिकॉर्ड भी बन गया था. पांच मिनट के भीतर देश के दो सबसे बड़े धावकों द्वारा एक-दूसरे के रिकॉर्ड को तोड़ना भारतीय खेल इतिहास की सबसे रोमांचक कहानियों में से एक बन गया है.

यह फेडरेशन कप केवल एक राष्ट्रीय प्रतियोगिता नहीं है, बल्कि यह आगामी कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 (राष्ट्रमंडल खेल) के लिए एक क्वालीफायर टूर्नामेंट भी है. इस लिहाज से दोनों खिलाड़ियों के लिए यह दौड़ बेहद महत्वपूर्ण थी. कॉमनवेल्थ गेम्स के लिए 100 मीटर का क्वालिफिकेशन मार्क 10.16 सेकंड तय किया गया है. अपनी जादुई दौड़ के बदौलत अनिमेष कुजूर ने 10.15 सेकंड का समय निकालकर इस कड़े क्वालिफिकेशन मार्क को सफलतापूर्वक हासिल कर लिया और कॉमनवेल्थ गेम्स का टिकट पक्का कर लिया.दूसरी ओर, गुरिंदरवीर सिंह बेहद दुर्भाग्यशाली रहे. उन्होंने 10.17 सेकंड का समय निकाला और महज 0.01 सेकंड के बेहद मामूली अंतर से क्वालीफाई करने से चूक गए. हालांकि, गुरिंदरवीर की उम्मीदें अभी खत्म नहीं हुई हैं.

इन दोनों चैंपियन एथलीटों की इस सफलता के पीछे एक ही गुरु का हाथ है. अनिमेष और गुरिंदरवीर दोनों ही रिलायंस के कोच जेम्स हिलियर के मार्गदर्शन में कड़ी ट्रेनिंग लेते हैं. एक ही कोच के तहत प्रशिक्षण लेने के कारण इन दोनों के बीच ट्रैक पर तो कड़ी प्रतिस्पर्धा रहती है, लेकिन असल जिंदगी में ये एक-दूसरे को आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करते हैं. पिछले एक साल से इन दोनों के बीच की इसी आपसी होड़ ने भारतीय स्प्रिंटिंग के स्तर को अंतरराष्ट्रीय मुकाम पर पहुंचा दिया है.

अगर पिछले साल के आंकड़ों पर नजर डालें, तो इन दोनों के बीच की यह जंग मार्च 2025 से ही बेहद दिलचस्प रही है. बेंगलुरु में आयोजित इंडियन ग्रैंड प्रिक्स में गुरिंदरवीर सिंह ने 10.20 सेकंड का समय निकालकर मणिकांत होबलिधर के 10.23 सेकंड के पिछले राष्ट्रीय रिकॉर्ड को तोड़ा था. उसी समय अनिमेष ने भी 10.20 सेकंड का समय निकालकर उनकी बराबरी की थी. इसके बाद जुलाई 2025 में अनिमेष कुजूर एक कदम आगे निकल गए और उन्होंने ग्रीस में 10.18 सेकंड का समय निकालकर नया नेशनल रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया था, जिसे अब रांची में फिर से बदल दिया गया.

प्रतियोगिता से ठीक एक दिन पहले अनिमेष ने कहा था कि वह जानते हैं कि 100 मीटर का क्वालिफिकेशन मार्क बहुत कठिन है, इसलिए उनका मुख्य फोकस 200 मीटर पर है, जो उनका पसंदीदा इवेंट है. वहीं दूसरी ओर, गुरिंदरवीर ने इस कड़े क्वालिफिकेशन मार्क को एक चुनौती और प्रेरणा के रूप में लिया था. उन्होंने एक इंटरव्यू में कहा था कि मार्क भले ही कठिन है, लेकिन जब बेहतरीन एथलीट एक साथ प्रतिस्पर्धा करते हैं, तो वे एक-दूसरे को और आगे धकेलते हैं. यही कठिन समय उन्हें अतिरिक्त प्रेरणा देता है. भले ही गुरिंदरवीर आज 0.01 सेकंड से चूक गए हों, लेकिन कल होने वाले फाइनल मुकाबले में उनके पास क्वालीफाई करने का एक और शानदार मौका होगा.

अब खेल प्रेमियों की नजरें कल होने वाले 100 मीटर के फाइनल मुकाबले पर टिकी हैं. रांची का मौसम इस समय स्प्रिंटिंग (तेज दौड़) के लिए पूरी तरह अनुकूल है और हवा की गति भी धावकों की मदद कर रही हैय ऐसे में फाइनल रेस और भी तेज और धमाकेदार होने की उम्मीद है. इसके अलावा, यह जोड़ी 200 मीटर स्पर्धा में भी हिस्सा लेगी, जहां क्वालिफिकेशन मार्क 20.61 सेकंड है.यह देखना दिलचस्प होगा कि कल के फाइनल में क्या गुरिंदरवीर भी कॉमनवेल्थ का टिकट हासिल कर पाते हैं और क्या अनिमेष अपने इस नए रिकॉर्ड को और बेहतर कर पाते हैं. जो भी हो, रांची के ट्रैक ने यह साबित कर दिया है कि भारतीय एथलेटिक्स की रफ्तार अब रुकने वाली नहीं है.

Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *