भारतीय किसानों के लिए बड़ी खुशखबरी, अब अमेरिका के साथ मिलकर होगी खेती पर रिसर्च

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भारतीय किसानों के लिए बड़ी खुशखबरी,अब अमेरिका के साथ मिलकर होगी खेती पर रिसर्च

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इस साझेदारी के तहत अमेरिका के वैज्ञानिक और छात्र भारत आकर रिसर्च करेंगे. जबकि दिल्ली पूसा के वैज्ञानिक और छात्रों को भी अमेरिका में शोध करने का मौका मिलेगा. इस पहल को एक्सचेंज प्रोग्राम के नाम से शुरू किया गया है.

नई दिल्ली: देश में खेती-किसानी और कृषि अनुसंधान को नई दिशा देने के लिए भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान (आईएआरआई) पूसा, नई दिल्ली और अमेरिका की ओहायो स्टेट यूनिवर्सिटी ने साझेदारी की है. इस सहयोग के तहत आधुनिक खेती, नई कृषि तकनीक, जलवायु परिवर्तन, मिट्टी संरक्षण, कार्बन सीक्वेस्ट्रेशन और सस्टेनेबल एग्रीकल्चर जैसे विषयों पर संयुक्त रिसर्च की जाएगी. इसका उद्देश्य किसानों की आय बढ़ाना और खेती को अधिक आधुनिक और लाभकारी बनाना है.

बेहतर कृषि समाधान का लाभ
आईएआरआई पूसा के वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. आरएस बाना ने बताया कि इस साझेदारी से भारतीय किसानों को नई तकनीकों और बेहतर कृषि समाधान का लाभ मिलेगा. डॉ. बाना पिछले तीन महीनों से ओहायो स्टेट यूनिवर्सिटी में रिसर्च कार्य के लिए गए हुए थे. भारत लौटने के बाद उन्होंने इस सहयोग की जानकारी साझा की.

छात्र और वैज्ञानिक करेंगे एक्सचेंज प्रोग्राम
डॉ. बाना ने बताया कि ओहायो स्टेट यूनिवर्सिटी दुनिया की प्रतिष्ठित यूनिवर्सिटियों में शामिल है. वहां कॉलेज ऑफ फूड, एग्रीकल्चरल एंड एनवायरमेंटल साइंसेज (CFAES) के अंतर्गत प्रसिद्ध डॉ. रतन लाल कार्बन मैनेजमेंट एंड सीक्वेस्ट्रेशन सेंटर संचालित होता है. उन्होंने कहा कि डॉ. रतनलाल मूल रूप से भारत के करनाल के रहने वाले हैं और उन्होंने पंजाब कृषि विश्वविद्यालय तथा दिल्ली पूसा से पढ़ाई की है. बाद में अमेरिका जाकर उन्होंने मिट्टी और कृषि अनुसंधान के क्षेत्र में विश्व स्तर पर पहचान बनाई.

अमेरिका जाकर शोध कार्य करेंगे
इस साझेदारी के तहत अमेरिका के छात्र और वैज्ञानिक भारत आकर रिसर्च करेंगे, जबकि पूसा के छात्र और वैज्ञानिक अमेरिका जाकर शोध कार्य करेंगे. इसे एक्सचेंज प्रोग्राम के रूप में चलाया जाएगा.

खेती को मिलेगा नया आयाम
डॉ. बाना के अनुसार, दोनों संस्थान प्राकृतिक संसाधन प्रबंधन, ग्रीन हाउस गैस उत्सर्जन कम करने और बदलते जलवायु में खेती के नए तरीकों पर शोध करेंगे. इससे खेती को अधिक टिकाऊ और पर्यावरण के अनुकूल बनाने में मदद मिलेगी.उन्होंने बताया कि ओहायो स्टेट यूनिवर्सिटी में करीब 65 हजार छात्र, 16 कॉलेज और 8 हजार फैकल्टी सदस्य हैं. इस सहयोग से भारतीय कृषि अनुसंधान और खेती-किसानी को नई दिशा मिलने की उम्मीद है.

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Amita kishor

न्यूज़18इंडिया में कार्यरत हैं. आजतक से रिपोर्टर के तौर पर करियर की शुरुआत फिर सहारा समय, ज़ी मीडिया, न्यूज नेशन और टाइम्स इंटरनेट होते हुए नेटवर्क 18 से जुड़ी. टीवी और डिजिटल न्यूज़ दोनों विधाओं में काम करने क…और पढ़ें

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