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मॉस्को में NSA अजीत डोभाल को दुनिया के पहले अंतरिक्ष यात्री यूरी गागरिन की आइकॉनिक ब्लैक GAZ-21 Volga कार देखने का दुर्लभ मौका मिला. 1961 की ऐतिहासिक स्पेस फ्लाइट के बाद सोवियत सरकार ने ये कार गागरिन को गिफ्ट की थी. आखिर क्यों ये कार आज भी रूस के स्पेस सेंटर की सबसे बड़ी आकर्षण बनी हुई है और कैसे गागरिन ने मानव इतिहास बदल दिया, जानिए.
मॉस्को के स्पेस सेंटर में यूरी गागरिन की ऐतिहासिक ब्लैक Volga कार देखते NSA अजीत डोभाल.
मॉस्को में भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) अजीत डोभाल को यूरी गागरिन की पॉपुलर ब्लैक वोल्गा कार देखने का बेहद दुर्लभ मौका मिला. रूस की Valentina Tereshkova National Space Centre की विजिटके दौरान डोभाल ने गागरिन की ऑफिशियल सर्विस कार GAZ-21 Volga को करीब से देखा.
ये वही आइकॉनिक कार है, जिसे 1961 में उनके ऐतिहासिक स्पेस फ्लाइट के तुरंत बाद कोस्मोनॉट ट्रेनिंग सेंटर ने उन्हें विशेष रूप से गिफ्ट किया था. रूस के स्पेस सेंटर में रखी ये क्लासिक कार न सिर्फ ऑटोमोबाइल लवर्स बल्कि स्पेस हिस्ट्री के शौकीनों के लिए काफी महत्वपूर्ण है. आइए इस कार के साथ-साथ यूरी गागरिन के बारे में भी जानने की कोशिश करते हैं.
यूरी गागरिन की आइकॉनिक कार.
GAZ-21 Volga: सोवियत एरा की क्लासिक मशीन
गागरिन की ये GAZ-21 Volga सोवियत यूनियन की सबसे पॉपुलर सेडान कारों में से एक है. 1956 में लॉन्च हुई Volga सीरीज मजबूती, कम्फर्ट और विश्वसनीयता के लिए जानी जाती थी. GAZ-21 मॉडल को खासतौर पर सरकारी अधिकारियों और बड़ी हस्तियों के लिए डिज़ाइन किया गया था.
ये कार 2.5 लीटर पेट्रोल इंजन के साथ आती थी, जो उस समय के हिसाब से शानदार परफॉर्मेंस देता था. मजबूत बॉडी, क्लासिक डिज़ाइन और लंबी ड्राइविंग रेंज इसे लंबी दूरी की यात्राओं के लिए परफेक्ट बनाती थी. गागरिन को ये कार उनके स्पेस मिशन के सम्मान में दी गई थी, जो सोवियत सरकार की तरफ से विशेष तोहफा था.
आज ये ब्लैक कलर की चमकदार GAZ-21 Volga मॉस्को के नेशनल स्पेस सेंटर में प्रदर्शनी का मुख्य आकर्षण है. ऑटोमोबाइल इतिहास के शौकीनों के लिए ये कार 1960 के दशक की सोवियत इंजीनियरिंग का बेहतरीन नमूना है.
यूरी गागरिन (सोवियत संघ के वायु सेना के पायलट और कोस्मोनॉट).
कौन थे यूरी गागरिन?
यूरी अलेक्सेयेविच गागरिन (9 मार्च 1934 – 27 मार्च 1968) सोवियत संघ के वायु सेना के पायलट और कोस्मोनॉट थे. 12 अप्रैल 1961 को उन्होंने Vostok 1 स्पेसक्राफ्ट के जरिए पृथ्वी की परिक्रमा की और अंतरिक्ष में जाने वाले पहले मानव बन गए. उनकी ये उड़ान मात्र 108 मिनट की थी, लेकिन इसने पूरी मानव जाति के लिए नया द्वार खोल दिया.
गागरिन को ‘मानवता का हीरो’ और ‘कॉस्मोस का कोलंबस’ कहा जाता है. उनका जन्म स्मोलेंस्क क्षेत्र के एक छोटे से गांव में हुआ था. उन्होंने सोवियत एयर फोर्स जॉइन की और बेहतरीन पायलट साबित हुए. स्पेस फ्लाइट के बाद वे विश्व स्तर पर सुपरस्टार बन गए. दुनियाभर के लोग उन्हें देखने के लिए उत्सुक रहते थे.
दुर्भाग्यवश, 1968 में एक ट्रेनिंग फ्लाइट के दौरान उनका MiG-15 फाइटर जेट क्रैश हो गया और मात्र 34 साल की उम्र में उनका निधन हो गया. उनकी मौत विवादों में रही है, लेकिन उनकी विरासत आज भी जीवित है. गागरिन स्पेस एक्सप्लोरेशन के प्रतीक बने हुए हैं और उनकी याद में कई देशों ने स्मारक बनाए हैं.
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न्यूज़18 हिंदी में सीनियर सब-एडिटर के रूप में कार्यरत राम मोहन मिश्र 2021 से डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं और फिलहाल ऑटो डेस्क संभाल रहे हैं. वे कार और बाइक से जुड़ी जानकारी को आसान, स्पष्ट और भरोसेमंद तरीके से …और पढ़ें
