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Miranda House ADDRC: दिल्ली विश्वविद्यालय के मिरांडा हाउस में दृष्टिबाधित (Visually Challenged) छात्रों की पढ़ाई को आसान बनाने के लिए विशेष इंतजाम किए गए है. दृष्टिबाधित छात्रों की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए यहां एक विशेष ऑडियो लाइब्रेरी भी तैयार की गई है. कॉलेज की एनएसएस टीम और छात्रों ने मिलकर पाठ्यक्रम और साहित्य से जुड़ी ऑडियो फाइलों का बड़ा संग्रह तैयार किया है, जिससे छात्रों को पढ़ाई में काफी सहायता मिलती है.
दिल्ली विश्वविद्यालय के मिरांडा हाउस में दृष्टिबाधित (Visually Challenged) छात्रों की पढ़ाई को आसान बनाने के लिए विशेष इंतजाम किए गए है. कॉलेज की लाइब्रेरी के ग्राउंड फ्लोर पर अंबा डालमिया डिजिटल रिसोर्स सेंटर फॉर विजुअली चैलेंज्ड (ADDRC) स्थापित किया गया है. यह सेंटर छात्रों को बिना किसी बाधा के पढ़ाई करने में मदद करता है और उन्हें आधुनिक तकनीक से जोड़ता है. कॉलेज के लाइब्रेरियन प्रमोद शर्मा के अनुसार यह सेंटर दृष्टिबाधित छात्रों के लिए एक आधुनिक और सुविधाजनक स्थान है. जहां पढ़ाई के लिए अनेक डिजिटल और तकनीकी संसाधन उपलब्ध है.
स्क्रीन रीडर से लेकर ब्रेल मशीन तक की सुविधा सेंटर में ऐसे कंप्यूटर लगाए गए है. जिनमें आधुनिक स्क्रीन रीडिंग और टेक्स्ट-टू-स्पीच सॉफ्टवेयर मौजूद है. इनमें JAWS, SAFA और लेखा (Lekha) जैसे सॉफ्टवेयर शामिल हैं, जो छात्रों की पढ़ाई में सहायक है. इसके अलावा यहां ब्रेल एम्बॉसर, लेक्स स्कैनर और टॉकिंग टाइपराइटर जैसी मशीनें भी उपलब्ध है. प्रमोद शर्मा के मुताबिक सेंटर में 1,000 से ज्यादा ब्रेल किताबें और मैगज़ीन मौजूद है, ताकि छात्र आसानी से अपनी पढ़ाई जारी रख सके.
ऑडियो लाइब्रेरी भी बनी बड़ी मदद
दृष्टिबाधित छात्रों की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए यहां एक विशेष ऑडियो लाइब्रेरी भी तैयार की गई है. कॉलेज की एनएसएस टीम और छात्रों ने मिलकर पाठ्यक्रम और साहित्य से जुड़ी ऑडियो फाइलों का बड़ा संग्रह तैयार किया है, जिससे छात्रों को पढ़ाई में काफी सहायता मिलती है.
कैंपस समझने के लिए खास ट्रेनिंग
कॉलेज हर साल दृष्टिबाधित छात्रों के लिए ओरिएंटेशन और मोबिलिटी ट्रेनिंग प्रोग्राम आयोजित करता है. यह कार्यक्रम लक्षिता, द एनेबलिंग सोसायटी, के सहयोग से संचालित किया जाता है, ताकि नए छात्र कैंपस और वहां उपलब्ध सुविधाओं को बेहतर तरीके से समझ सकें.
बढ़ती जरूरतों को देखते हुए बढ़ाई गई सुविधाएं
प्रमोद शर्मा ने बताया कि छात्रों की बढ़ती जरूरतों को देखते हुए सेंटर को और अधिक आधुनिक बनाया गया है. हेल्प द ब्लाइंड फाउंडेशन के सहयोग से यहां 25 नए मॉडर्न वर्कस्टेशन जोड़े गए हैं, ताकि अधिक से अधिक छात्र इन सुविधाओं का लाभ उठा सकें.
