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Tomorrow Weather Heatwave Alert: उत्तर भारत समेत देश के बड़े हिस्से में सूरज की तपिश अब जानलेवा होने लगी है. अप्रैल के आखिरी हफ्ते में ही गर्मी ने अपने तेवर इतने कड़े कर लिए हैं कि पारा सामान्य से 5 डिग्री ऊपर जा चुका है. मौसम विभाग (IMD) की मानें तो उत्तर-पश्चिमी और मध्य भारत के मैदानी इलाकों में अगले 4-5 दिनों तक लू का भयंकर प्रकोप रहेगा. दिल्ली में कल तापमान 42 डिग्री था, जिसके आज 43 डिग्री और आने वाले दो दिनों में 44 डिग्री तक पहुंचने के आसार हैं. भीषण गर्मी को देखते हुए प्रशासन ने येलो अलर्ट जारी कर दिया है. मौसम वैज्ञानिक अखिल श्रीवास्तव के अनुसार, इस बार हीटवेव की स्थिति काफी गंभीर है क्योंकि रातें भी गर्म होने लगी हैं, जिससे शरीर को रिकवरी का वक्त नहीं मिल पा रहा है. (Photos : PTI)
मौसम विभाग ने दिल्ली, उत्तर प्रदेश, पंजाब, हरियाणा, मध्य प्रदेश और राजस्थान के लिए अगले कुछ दिनों का अलर्ट जारी किया है. पूर्वी भारत में बिहार, झारखंड और उड़ीसा भी इसकी चपेट में रहेंगे.
दक्षिण भारत की बात करें तो केरल के लिए अगले दो दिनों का ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है, जो बेहद गंभीर स्थिति को दर्शाता है. मैदानी इलाकों में पूरे सप्ताह पारा 43 से 44 डिग्री के आसपास रहने का अनुमान है.
राहत की बात यह है कि 3-4 दिनों के बाद तापमान में हल्की गिरावट आ सकती है, लेकिन तब तक लू का सितम बरकरार रहेगा.
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लू क्या है: हीट वेव या लू एक खतरनाक मौसमी स्थिति है. जब किसी इलाके का अधिकतम तापमान मैदानी क्षेत्रों में 40 डिग्री और पहाड़ी क्षेत्रों में 30 डिग्री सेल्सियस से ऊपर चला जाए, तो उसे हीट वेव की श्रेणी में रखा जाता है. इसमें भी सबसे अहम बात यह है कि तापमान सामान्य से कम से कम 4.5 डिग्री सेल्सियस अधिक होना चाहिए. जब यह स्थिति लगातार 2-3 दिनों तक बनी रहती है, तो इसे आधिकारिक रूप से लू घोषित किया जाता है. इस दौरान चलने वाली गर्म और शुष्क हवाएं शरीर में पानी की तेजी से कमी करती हैं, जिससे हीट स्ट्रोक का खतरा बढ़ जाता है.
इस जानलेवा गर्मी से बचने के लिए सावधानी ही सबसे बड़ा बचाव है. डॉक्टरों और मौसम विभाग ने सलाह दी है कि दोपहर 12 बजे से शाम 4 बजे के बीच घर से बाहर निकलने से बचें, क्योंकि इसी वक्त सूरज की किरणें सबसे ज्यादा प्रभावी होती हैं. अगर बाहर निकलना जरूरी हो, तो सिर को कपड़े या छाते से जरूर ढकें.
हल्के रंग के और ढीले सूती कपड़े पहनें ताकि शरीर को हवा मिलती रहे. प्यास न लगने पर भी थोड़े-थोड़े अंतराल में पानी पीते रहें. इसके अलावा ओआरएस (ORS), लस्सी, छाछ या नींबू पानी का सेवन करें ताकि शरीर में इलेक्ट्रोलाइट्स का संतुलन बना रहे.
एक तरफ जहां उत्तर और मध्य भारत तप रहा है, वहीं उत्तर-पूर्वी भारत में मौसम का मिजाज थोड़ा अलग रहने वाला है. इस सप्ताह के दौरान पूर्वी और उत्तर-पूर्वी भारत के कुछ हिस्सों में गरज और बिजली के साथ छिटपुट बारिश होने की संभावना है. कुछ इलाकों में भारी से बहुत भारी वर्षा भी हो सकती है. हालांकि, यह बारिश लू वाले इलाकों में तापमान को कम करने में ज्यादा मदद नहीं करेगी.
पश्चिमी और शुष्क हवाओं के कारण दिल्ली-एनसीआर और आसपास के इलाकों में मौसम पूरी तरह शुष्क बना रहेगा, जिससे हीटवेव का प्रभाव कम नहीं होगा.
