जनगणना में जुटे दिल्ली के गेस्ट टीचर्स के लिए खुशखबरी! अब माने जाएंगे 'ऑन ड्यूटी', सैलरी का नुकसान नहीं होगा

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जनगणना में जुटे दिल्ली के गेस्ट टीचर्स के लिए खुशखबरी! माने जाएंगे ‘ऑन ड्यूटी’

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Delhi Guest Teachers Census Duty: दिल्ली सरकार ने गेस्ट टीचर्स को बड़ी राहत दी है. अब जनगणना ड्यूटी करने वाले गेस्ट टीचर्स की सेवा अवधि को ऑन ड्यूटी माना जाएगा. शिक्षा मंत्री आशीष सूद ने इस नए नियम को मंजूरी दे दी है. इस फैसले के बाद शिक्षकों को सैलरी और एक्सपीरियंस का कोई नुकसान नहीं होगा. उनकी यह ड्यूटी नियमित कार्य दिवस की तरह मानी जाएगी.

दिल्ली सरकार ने जनगणना के काम में लगे गेस्ट टीचर्स को ऑन ड्यूटी मानने का फैसला किया. (File Photo : PTI)

नई दिल्ली: अब दिल्ली के सरकारी स्कूलों में काम करने वाले गेस्ट टीचर्स को जनगणना यानी सेंसस ड्यूटी के दौरान पूरा फायदा मिलेगा. सरकार ने आदेश जारी किया है कि उनकी इस ड्यूटी की अवधि को ऑन ड्यूटी माना जाएगा. दिल्ली के शिक्षा मंत्री आशीष सूद ने इस नई पॉलिसी को अपनी मंजूरी दे दी है. इस बड़े फैसले का मतलब यह है कि अब जनगणना के काम में लगे शिक्षकों को उनके करियर में कोई नुकसान नहीं उठाना पड़ेगा. इस दौरान उनका वेतन नहीं कटेगा और उनका अनुभव भी पूरा जोड़ा जाएगा. सरकार के इस कदम से दिल्ली के हजारों शिक्षकों को बहुत बड़ी राहत मिली है. अब उन्हें देश सेवा के साथ अपने हक के नुकसान का डर नहीं सताएगा.

शिक्षा मंत्री आशीष सूद ने इस बड़े फैसले को क्यों जरूरी बताया?

शिक्षा मंत्री आशीष सूद ने इस पॉलिसी को लागू करने की मुख्य वजह बताई है. उन्होंने साफ कहा कि गेस्ट टीचर्स केवल स्कूल में पढ़ाने वाले कर्मचारी नहीं हैं. वे राष्ट्र निर्माण के बहुत बड़े पार्टनर हैं. शिक्षा मंत्री आशीष सूद ने कहा, ‘गेस्ट टीचर्स केवल शिक्षक नहीं बल्कि राष्ट्र निर्माण के पार्टनर हैं. जब सरकार उन्हें जनगणना जैसे बड़े काम सौंपती है तो उन्हें कोई प्रोफेशनल नुकसान नहीं होना चाहिए.’ उन्होंने कहा कि पब्लिक सर्विस में बिताए गए हर एक दिन को सम्मान मिलना चाहिए. इसी वजह से सरकार ने इस नए नियम को मंजूरी दी है ताकि शिक्षकों का मनोबल बढ़ सके.

जनगणना ड्यूटी को किस तरह के सरकारी कामों के बराबर माना गया है?

दिल्ली सरकार के इस नए आदेश के बाद अब जनगणना के काम को भी बाकी जरूरी सरकारी ड्यूटी की तरह ही ट्रीट किया जाएगा. इसे अब चुनाव ड्यूटी और बीएलओ यानी बूथ लेवल ऑफिसर के काम के बराबर का दर्जा मिला है. इसके साथ ही कोविड-19 के समय किए गए राहत कार्यों की तरह ही इसे पब्लिक इंटरेस्ट की ऑफिशियल ड्यूटी माना गया है. इस फैसले से सभी तरह की सरकारी ड्यूटियों में लगे गेस्ट टीचर्स के लिए एक समान व्यवस्था लागू हो जाएगी. इससे प्रशासनिक काम भी बहुत आसान हो जाएगा.

गेस्ट टीचर्स को सैलरी और एक्सपीरियंस का क्या फायदा मिलेगा?

इस फैसले से सबसे बड़ा फायदा शिक्षकों की जेब और उनके करियर को होने वाला है. जनगणना कार्य में लगाए गए गेस्ट टीचर्स की पूरी ड्यूटी के समय को रेगुलर वर्किंग डेज माना जाएगा. इसका सीधा मतलब है कि उनके डेली वेतन और रेगुलर मानदेय का पूरा पेमेंट किया जाएगा. इसके अलावा यह समय उनके कुल टीचिंग एक्सपीरियंस और सर्विस रिकॉर्ड में भी जोड़ा जाएगा. यह पूरी बात उनके एक्सपीरियंस सर्टिफिकेट में साफ तौर पर लिखी जाएगी ताकि भविष्य में उन्हें नौकरी में पूरा लाभ मिल सके.

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दीपक वर्माDeputy News Editor

दीपक वर्मा (Deepak Verma) की‍ गिनती हिंदी डिजिटल मीडिया के तेजी से उभरते चेहरों में होती है. वह News18हिंदी के साथ डिप्टी न्यूज़ एडिटर की भूमिका में जुड़े हैं. प्रिंट से डिजिटल का रुख करने वाले दीपक के पास पत्र…और पढ़ें

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