दिल्‍ली की विरासत को मिलेगा नया जीवन! पीपीपी मॉडल से बदलेगी सूरत, 5 साल के लिए तैयार हुआ मास्‍टर प्‍लान

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दिल्‍ली को मिलेगा नया जीवन! PPP मॉडल से बदलेगी सूरत, तैयार हुआ मास्‍टर प्‍लान

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Delhi Monuments Adoption Scheme: दिल्ली सरकार ने राजधानी की 75 हिस्टोरिकल मॉन्यूमेंट्स के संरक्षण और डेवलपमेंट के लिए बड़ा फैसला लिया है. मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट मीटिंग में ‘दिल्ली मुख्यमंत्री मॉन्यूमेंट अडॉप्शन स्कीम’ और ‘ग्रांट-इन-एड स्कीम’ को मंजूरी दी गई है. अब पीएसयू, प्राइवेट कंपनियां, एनजीओ, ट्रस्ट और एजुकेशनल इंस्टीट्यूशंस पांच साल के लिए मॉन्यूमेंट्स गोद ले सकेंगे.

दिल्ली सरकार ने राजधानी की 75 हिस्टोरिकल मॉन्यूमेंट्स को गोद लेने का रास्‍ता साफ कर दिया है.

Delhi Monuments Adoption Scheme: दिल्ली सरकार ने राजधानी की हिस्टॉरिकल और कल्चरल हेरिटेज को बचाने के लिए बड़ा फैसला लिया है. सरकार का मकसद दिल्ली के टूरिज्म को नया बूस्ट देना है. मंगलवार को मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट मीटिंग में दो नई स्कीम्स को मंजूरी दी गई है. इन स्कीम्स के तहत पहली बार पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (पीपीपी) मॉडल पर हिस्टॉरिकल मॉन्यूमेंट्स के कंजर्वेशन और डेवलपमेंट का काम होगा. सरकार का मानना है कि इससे मॉन्यूमेंट्स की हालत सुधरेगी, टूरिज्म बढ़ेगा और नए एम्प्लॉयमेंट ऑपर्च्युनिटीज भी बनेंगी.

  1. 75 मॉन्यूमेंट्स को 5 साल के लिए लिया जा सकेगा अडॉप्ट
    ‘दिल्ली मुख्यमंत्री मॉन्यूमेंट अडॉप्शन स्कीम’ के तहत दिल्ली सरकार के संरक्षण में मौजूद 75 हिस्टॉरिकल मॉन्यूमेंट्स को 5 साल के लिए अडॉप्ट किया जा सकेगा. सरकार के मुताबिक, पीएसयू, प्राइवेट कंपनियां, रजिस्टर्ड एनजीओ, ट्रस्ट, एजुकेशनल इंस्टीट्यूशंस और इच्छुक नागरिक भी इस स्कीम का हिस्सा बन सकेंगे. मॉन्यूमेंट अडॉप्ट करने वाली संस्थाओं को ‘मॉन्यूमेंट मित्र’ का दर्जा दिया जाएगा.
  2. सफाई से लेकर लाइट एंड साउंड शो तक की जिम्मेदारी
    मॉन्यूमेंट अडॉप्ट करने वाली संस्था को स्मारक की क्लीनिंग, सिक्योरिटी, लाइटिंग, गार्डनिंग और टूरिस्ट फैसिलिटीज का इंतजाम करना होगा. इसके अलावा, उन्हें लाइट एंड साउंड शो जैसी आधुनिक सुविधाएं भी डेवलप करनी होंगी. इन सभी सुविधाओं का रेगुलर मेंटेनेंस भी उसी संस्था की जिम्मेदारी होगी. सरकार का अनुमान है कि इससे हर मॉन्यूमेंट पर हर साल करीब 4.5 लाख रुपये की बचत होगी.
  3. मॉन्यूमेंट से होने वाली कमाई नहीं बनेगी प्राइवेट प्रॉफिट
    सरकार ने साफ किया है कि अगर कोई संस्था मॉन्यूमेंट पर कोई इवेंट आयोजित करके कमाई करती है, तो उस पैसे का इस्तेमाल सिर्फ उसी मॉन्यूमेंट के मेंटेनेंस, कंजर्वेशन और डेवलपमेंट पर किया जाएगा. किसी भी संस्था को इस इनकम को प्राइवेट प्रॉफिट के तौर पर रखने की अनुमति नहीं होगी.
  4. ट्रांसपेरेंट प्रोसेस से होगा चयन
    मॉन्यूमेंट अडॉप्ट करने के लिए दिल्ली सरकार, संबंधित जमीन की मालिक एजेंसी और मॉन्यूमेंट मित्र के बीच ट्राइपार्टाइट एमओयू साइन होगा. संस्था के सिलेक्शन और एमओयू की पूरी प्रक्रिया ट्रांसपेरेंट होगी. समय-समय पर मॉन्यूमेंट्स का इंस्पेक्शन किया जाएगा और टूरिस्ट्स के फीडबैक के आधार पर स्कीम का रिव्यू भी होगा, ताकि बेहतर मेंटेनेंस सुनिश्चित किया जा सके.
  5. ईओआई के साथ देना होगा विजन डॉक्यूमेंट
    स्कीम में हिस्सा लेने वाली संस्थाओं और व्यक्तियों को एक्सप्रेशन ऑफ इंटरेस्ट (ईओआई) के साथ एक विजन डॉक्यूमेंट भी जमा करना होगा. इसमें बताना होगा कि मॉन्यूमेंट के डेवलपमेंट, कंजर्वेशन, टूरिस्ट फैसिलिटीज और मेंटेनेंस के लिए क्या-क्या काम किए जाएंगे.

कंजर्वेशन प्रोजेक्ट्स के लिए मिलेंगे 2 करोड़ रुपये तक
कैबिनेट ने ग्रांट-इन-एड स्कीम को भी मंजूरी दी है. इसके तहत ट्रस्ट, एनजीओ, फाउंडेशन, यूनिवर्सिटी, एजुकेशनल इंस्टीट्यूशंस और अन्य पात्र संस्थाओं को मॉन्यूमेंट्स के कंजर्वेशन, रेस्टोरेशन और टेक्निकल प्रिजर्वेशन के लिए अधिकतम 2 करोड़ रुपये तक की फाइनेंशियल असिस्टेंस दी जाएगी. सरकार ने स्पष्ट किया है कि वॉलंटरी ऑर्गेनाइजेशंस, ट्रस्ट, फाउंडेशन और एजुकेशनल इंस्टीट्यूशंस के लिए भारत सरकार के डार्पण पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन अनिवार्य होगा. सभी एप्लिकेशन आर्कियोलॉजी डिपार्टमेंट की वेबसाइट और जारी नोटिफिकेशन के आधार पर ऑनलाइन स्वीकार किए जाएंगे.

21 मॉन्यूमेंट्स पर पहले से चल रहा है काम
दिल्ली सरकार के आर्कियोलॉजी डिपार्टमेंट के तहत कुल 75 मॉन्यूमेंट्स हैं. इनमें से 21 मॉन्यूमेंट्स पर फिलहाल दिल्ली टूरिज्म एंड ट्रांसपोर्टेशन डेवलपमेंट कॉरपोरेशन (डीटीटीडीसी) कंजर्वेशन का काम कर रहा है. नई स्कीम लागू होने के बाद एक्सपर्ट इंस्टीट्यूशंस की भागीदारी भी बढ़ाई जाएगी, ताकि टेक्निकल लेवल पर बेहतर कंजर्वेशन सुनिश्चित किया जा सके. सरकार का कहना है कि इन दोनों स्कीम्स से दिल्ली के हिस्टॉरिकल मॉन्यूमेंट्स का कंजर्वेशन बेहतर होगा और उन्हें आकर्षक टूरिस्ट डेस्टिनेशन के तौर पर डेवलप किया जाएगा.

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Anoop Kumar MishraAssistant Editor

Anoop Kumar Mishra is currently serving as Assistant Editor at News18 Hindi Digital, where he leads coverage of strategic domains including aviation, defence, paramilitary forces, international security affairs…और पढ़ें

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