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दिल्ली के नौरोजी नगर स्थित वर्ल्ड ट्रेड सेंटर में NIOS की 247 करोड़ रुपये की प्रीमियम प्रॉपर्टी अब विदेश मंत्रालय (MEA) के पास किराये पर जाने वाली है. पिछले दो साल से खाली पड़ी इस प्रॉपर्टी पर विदेश मंत्रालय अपने पासपोर्ट, वीजा और प्रवासी भारतीयों से जुड़े विंग को शिफ्ट करना चाहता है, जो फिलहाल दिल्ली में 5 अलग-अलग जगहों पर बिखरे हुए हैं.
विदेश मंत्रालय यहां अपना ऑफिस बनाना चाहता है.
दिल्ली के नौरोजी नगर स्थित एनबीसीसी (NBCC) के वर्ल्ड ट्रेड सेंटर में नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ ओपन स्कूलिंग (NIOS) की 247 करोड़ रुपये की आलीशान प्रॉपर्टी पिछले दो साल से खाली पड़ी है. अब इस खाली जगह को आखिरकार एक बड़ा किरायेदार मिलने जा रहा है. विदेश मंत्रालय (MEA) ने इस वर्ल्ड ट्रेड सेंटर में मौजूद NIOS के दो फ्लोर में से कम से कम एक फ्लोर को लीज पर लेने की इच्छा जताई है. दिलचस्प बात यह है कि शिक्षा मंत्रालय के तहत आने वाले स्वायत्त निकाय NIOS ने साल 2021 में नोएडा से अपना मुख्यालय यहां ट्रांसफर करने के लिए यह प्रीमियम ऑफिस स्पेस खरीदा था. मार्च 2024 में इसका पजेशन भी मिल गया लेकिन दो साल से यह जगह पूरी तरह खाली पड़ी है और NIOS खुद इसके लिए किरायेदार की तलाश कर रहा था.
विदेश मंत्रालय क्यों लेना चाहता है यह जगह?
विदेश मंत्रालय अपने उन डिवीजनों को एक छत के नीचे लाना चाहता है जो सीधे जनता से जुड़े काम संभालते हैं. इसमें पासपोर्ट, कांसुलर, इमीग्रेशन और प्रवासी भारतीयों से जुड़े काम शामिल हैं.
• 5 अलग-अलग जगहों का झंझट खत्म: वर्तमान में विदेश मंत्रालय के ये सभी विंग दिल्ली में पांच अलग-अलग लोकेशंस से काम कर रहे हैं.
• कामकाज में होगी आसानी: विदेश सचिव विक्रम मिस्री द्वारा स्कूल शिक्षा और साक्षरता विभाग के सचिव संजय कुमार को लिखे गए पत्र के अनुसार, अलग-अलग जगहों पर ऑफिस होने से आपसी तालमेल में दिक्कत, कम्युनिकेशन में देरी और पासपोर्ट-वीजा के लिए आने वाले विजिटर्स को भारी असुविधा होती है.
• परफेक्ट लोकेशन और स्पेस: यह वर्ल्ड ट्रेड सेंटर जवाहरलाल नेहरू भवन स्थित विदेश मंत्रालय के मुख्यालय के बेहद करीब है. इसके अलावा यहां हर फ्लोर पर मिलने वाला 22,316 वर्ग फुट का कारपेट एरिया विदेश मंत्रालय की जरूरतों के लिए बिल्कुल परफेक्ट बैठता है.
मीडिया रिपोर्ट के बाद हरकत में आया मंत्रालय
सूत्रों के मुताबिक, विदेश सचिव का यह पत्र 25 मई को भेजा गया था. यह पत्र मीडिया रिपोर्ट्स के सामने आने के तीन हफ्ते बाद लिखा गया था, जिसमें खुलासा किया गया था कि गरीब बच्चों को शिक्षित करने वाला और बिना सरकारी बजट के सिर्फ फीस के दम पर चलने वाला NIOS, 247 करोड़ रुपये की संपत्ति खरीदने के बाद भी वहां शिफ्ट नहीं हो पाया है.
इस पत्र के बाद अब स्कूल शिक्षा विभाग के सचिव संजय कुमार ने 30 जून को NIOS के चेयरपर्सन को पत्र लिखकर इस मामले पर उनकी राय और टिप्पणियां मांगी हैं. उम्मीद है कि जल्द ही दोनों मंत्रालयों के बीच आपसी सहमति से इस डील पर मुहर लग जाएगी.
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डिजिटल पत्रकारिता में खबरों की गहरी समझ रखने वाले संदीप गुप्ता वर्तमान में News18 इंडिया में बतौर चीफ सब-एडिटर अपनी सेवाएं दे रहे हैं. 16 वर्षों से सुदीर्घ पत्रकारीय सफर में इन्होंने अपनी कलम से जटिल विषयों को …और पढ़ें
