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गर्मी बढ़ते ही आम का पन्ना लोगों की पहली पसंद बन जाता है. गाजीपुर के सुहवल क्षेत्र में पिछले 15 वर्षों से आम का पन्ना बनाने वाले खुर्शीद तराईनी का कहना है कि स्वादिष्ट पन्ने का असली राज मसालों में नहीं, बल्कि सही आम के चुनाव में छिपा होता है. उनके अनुसार, खासकर लंगड़ा आम से बना पन्ना ज्यादा गाढ़ा, सुगंधित और स्वादिष्ट बनता है.
गाजीपुर. गर्मी बढ़ते ही आम का पन्ना लोगों की पहली पसंद बन जाता है. गाजीपुर के सुहवल स्थित सिवला चट्टी पर पिछले करीब 15 वर्षों से खुर्शीद तराईनी आम का पन्ना बना रहे हैं. उनका कहना है कि अच्छे पन्ने का राज सिर्फ मसालों में नहीं, बल्कि सही आम के चुनाव में छिपा होता है. लोकल 18 से खुर्शीद बताते हैं कि जब उन्होंने आम का पन्ना बनाना शुरू किया था, तब इलाके में बहुत कम लोग इसे बनाते थे. आज भी वे पारंपरिक तरीके से पन्ना तैयार करते हैं और गर्मी के मौसम में बड़ी संख्या में लोग इसका स्वाद लेने पहुंचते हैं.
खुर्शीद के अनुसार, सबसे पहले कच्चे आमों को चुनकर कुकर में करीब आधे घंटे तक उबाला जाता है. आम नरम होने के बाद उसका गूदा निकाला जाता है. इसके बाद उसमें पुदीना, भुना जीरा, काला नमक, नींबू और अन्य मसाले मिलाए जाते हैं. फिर इसे ठंडा करके परोसा जाता है.
खुर्शीद का कहना है कि हर आम का पन्ना स्वादिष्ट नहीं बनता. उनके अनुसार, देसी आम और खासकर लंगड़ा आम का गूदा ज्यादा गाढ़ा, सुगंधित और स्वाद से भरपूर होता है. विशेषज्ञों और पारंपरिक अनुभव के अनुसार, लंगड़ा आम से पन्ना बेहतर बनने के पीछे कई कारण हैं. तेज और प्राकृतिक खुशबू, जिससे पन्ने में बेहतरीन सुगंध आती है. कच्चे लंगड़ा आम में संतुलित खट्टापन होता है, जो पन्ने के लिए आदर्श माना जाता है. गूदे की मात्रा अधिक होने से पन्ना गाढ़ा और स्वादिष्ट बनता है. इसमें रेशे कम होते हैं, जिससे पेय का टेक्सचर मुलायम रहता है. मिठास और खटास का संतुलन अच्छा होने के कारण कम चीनी में भी स्वाद बढ़िया आता है.
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आम का पन्ना उत्तर भारत में लंबे समय से गर्मियों का पारंपरिक पेय माना जाता रहा है. कच्चे आम, पुदीना और मसालों के मिश्रण से तैयार यह पेय लोगों को ताजगी का एहसास देता है. कई लोग इसे गर्मी और लू के मौसम में पसंद करते हैं.
कच्चे लंगड़ा आम-3 मध्यम (लगभग 500–600 ग्राम), चीनी या गुड़-4 से 6 बड़े चम्मच, भुना जीरा पाउडर-2 छोटे चम्मच, काला नमक-1 छोटा चम्मच, साधारण नमक-आधा छोटा चम्मच, पुदीना पत्तियां-15 से 20, ठंडा पानी-4 से 5 कप और बर्फ-आवश्यकतानुसार.
पहला चरण में आम उबालें. कच्चे लंगड़ा आमों को अच्छी तरह धो लें. इसके बाद प्रेशर कुकर में 2 से 3 सीटी तक या पतीले में 15 से 20 मिनट तक उबालें. उबलने के बाद उन्हें ठंडा होने दें. दूसरा चरण गूदा निकालें. आम का छिलका हटाकर उसका गूदा निकाल लें. गुठली में लगा गूदा भी अच्छी तरह खुरच लें. तीसरे चरण में पन्ना बेस तैयार करें. गूदे में चीनी या गुड़, पुदीना, काला नमक, साधारण नमक और भुना जीरा मिलाएं. फिर इसे मिक्सर में पीसकर स्मूद पेस्ट बना लें. चौथा चरण. एक गिलास में 4 से 5 बड़े चम्मच पन्ना बेस डालें. इसमें ठंडा पानी और बर्फ मिलाएं. स्वाद के अनुसार नमक या मिठास को समायोजित करें और ठंडा-ठंडा परोसें.
