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Malviya Nagar Delhi Hotel Fire News Live: दिल्ली के मालवीय नगर होटल आग हादसे में बड़ा खुलासा हुआ है. शुरुआती जांच में सामने आया कि कई लोग डिजिटल लॉक वाले कमरों में फंस गए और समय पर दरवाजे नहीं खुल सके. धुएं ने …और पढ़ें
होटल में डिजिटल लॉक नहीं खुलने से लोग फंसे रहे. (फोटो PTI)
Delhi Hotel Fire News Live: दिल्ली के मालवीय नगर में हुआ होटल आग हादसा अब सिर्फ एक दुर्घटना नहीं, बल्कि लापरवाही और सिस्टम की विफलता की भयावह कहानी बनता जा रहा है. जिस होटल में लोग अपने बीमार परिजनों के इलाज के लिए ठहरे थे, वही कुछ मिनटों में मौत का जाल बन गया. सबसे दर्दनाक बात यह रही कि कई लोग कमरे के अंदर फंसकर तड़पते रहे, लेकिन डिजिटल लॉक वाले दरवाजे समय पर नहीं खुल सके. धुएं ने सीढ़ियों को पूरी तरह भर दिया था और लोगों के पास बाहर निकलने का दूसरा रास्ता नहीं बचा. चीखें सुनाई देती रहीं, लेकिन कई कमरे अंदर से बंद रह गए. शुरुआती जांच में सामने आया है कि होटल बिना फायर NOC के चल रहा था. अब इस हादसे में मरने वालों की संख्या 21 तक पहुंच चुकी है, जिनमें 12 विदेशी नागरिक भी शामिल हैं. ये लोग दिल्ली के बड़े अस्पतालों में इलाज करा रहे रिश्तेदारों के साथ यहां ठहरे हुए थे. हादसे के बाद राजधानी में छोटे होटल और गेस्ट हाउसों की सुरक्षा व्यवस्था पर बड़े सवाल खड़े हो गए हैं.
दिल्ली पुलिस ने इस मामले में बड़ा एक्शन लेते हुए होटल मालिक लवकेश बजाज को गिरफ्तार कर लिया है. पुलिस ने पहले उसके और उसकी पत्नी के खिलाफ लुकआउट सर्कुलर जारी किया था और लगातार छापेमारी की जा रही थी. जांच एजेंसियां अब यह पता लगाने में जुटी हैं कि होटल में सुरक्षा नियमों की कितनी अनदेखी हुई. लोकल लोगों का दावा है कि कई मेहमान डिजिटल लॉक की वजह से समय पर कमरे से बाहर नहीं निकल पाए. आग लगने के बाद धुआं तेजी से पूरे होटल में फैल गया था, जिससे लोगों का दम घुटने लगा. कई घायल अब भी अस्पताल में भर्ती हैं और कुछ की हालत बेहद गंभीर बताई जा रही है. अधिकारियों का कहना है कि मृतकों की संख्या बढ़ भी सकती है.
डिजिटल लॉक और धुएं ने छीनी बचने की आखिरी उम्मीद
जांच में सामने आया है कि आग लगने के बाद होटल की सीढ़ियां धुएं से भर गई थीं. यही रास्ता मेहमानों के बाहर निकलने का मुख्य जरिया था. लेकिन जब लोग अपने कमरों से बाहर निकलने की कोशिश कर रहे थे, तब डिजिटल लॉक वाले दरवाजे कई जगह समय पर नहीं खुल पाए. स्थानीय लोगों का कहना है कि कुछ लोग अंदर से दरवाजा पीटते रहे, लेकिन तब तक आग और धुआं बहुत तेजी से फैल चुका था.
हादसे के बाद पुलिस, फायर ब्रिगेड और प्रशासनिक टीम पूरी रात मौके पर मौजूद रही. कई लोगों को बेहोशी की हालत में बाहर निकाला गया. होटल के बेसमेंट और ऊपरी मंजिलों में फंसे लोगों को बचाने में काफी दिक्कत आई. आग इतनी भयावह थी कि कुछ ही मिनटों में पूरे भवन में धुआं भर गया.
दिल्ली पुलिस अब होटल के सभी दस्तावेज और सुरक्षा मंजूरियों की जांच कर रही है. शुरुआती जानकारी में सामने आया है कि होटल के पास वैध फायर NOC नहीं थी. यही वजह है कि अब इस मामले में लापरवाही और गैरइरादतन हत्या समेत कई गंभीर धाराओं में केस दर्ज किया गया है.
होटल मालिक लवकेश बजाज गिरफ्तार
दिल्ली पुलिस ने गुरुवार को होटल मालिक लवकेश बजाज को गिरफ्तार कर लिया. पुलिस के मुताबिक हादसे के बाद वह फरार हो गया था. उसकी तलाश में कई जगह दबिश दी गई थी. फिलहाल उससे पूछताछ की जा रही है और यह पता लगाने की कोशिश हो रही है कि होटल में सुरक्षा नियमों का पालन क्यों नहीं किया गया.
दिल्ली में फिर उठे फायर सेफ्टी पर सवाल
इस हादसे ने राजधानी दिल्ली में चल रहे छोटे होटल, गेस्ट हाउस और BnB मॉडल की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं. घनी आबादी वाले इलाकों में चल रहे कई होटल बिना पर्याप्त सुरक्षा इंतजामों के संचालित हो रहे हैं. विशेषज्ञों का कहना है कि डिजिटल लॉक जैसे सिस्टम इमरजेंसी के दौरान खतरा बन सकते हैं, अगर उनके लिए बैकअप सुरक्षा व्यवस्था न हो.
