बच्चों के हाथ से छुड़वाया मोबाइल, थमा दिया मुगदर! 60 वर्षीय पहलवान की यह जिद बदल रही बच्चों की दुनिया

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बच्चों से छुड़वाया मोबाइल, थमा दिया मुगदर! 60 वर्षीय पहलवान की अनोखी जिद

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Mugdar Exercise Benefits in Hindi: भारत में बच्चों को मोबाइल की लत से बचाने के लिए 60 वर्षीय पहलवान हवा सिंह ने एक अनूठी मुहिम शुरू की है. हर घर मुगदर, स्वस्थ भारत बनाओ के नारे के साथ वे बच्चों को निशुल्क मुगदर बांट रहे हैं. पारंपरिक फिटनेस का प्रशिक्षण दे रहे हैं. अब तक 5000 से ज्यादा बच्चे इस मुहिम से जुड़ चुके हैं. पढ़ें पूरी प्रेरणादायक कहानी.

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नई दिल्ली: बच्चों के अंदर से मोबाइल की लत छुड़ाने के लिए दिल्ली के हवा सिंह ने एक अनोखी पहल की है. उन्होंने बच्चों को निशुल्क मुगदर (मुदगर) बांटना शुरू किया है, ताकि बच्चे बचपन से ही फिट रहें और स्वस्थ रहें. हवा सिंह ने एक नारा भी दिया है हर घर मुगदर और मुगदर घुमाओ स्वस्थ भारत बनाओ. आपको जानकर हैरानी होगी कि हवा सिंह पहलवान रह चुके हैं और अब उनकी उम्र 60 साल है, लेकिन आज भी भारी से भारी मुगदर को वह चंद सेकंड में घुमा लेते हैं. अब तक राजस्थान, महाराष्ट्र और उत्तर प्रदेश समेत दिल्ली एनसीआर में कुल 5000 से ज्यादा बच्चों को निशुल्क मुगदर बांट चुके हैं. यही नहीं मुगदर की निशुल्क ट्रेनिंग भी दे रहे हैं. जल्द ही वह अपना एक फिटनेस सेंटर भी खोलने जा रहे हैं. हवा सिंह ने खास बातचीत में बताया कि बचपन से ही वह मुगदर घुमाते आए हैं और अखाड़े में भी वह मुगदर घुमा कर ही अपने आप को फिट रखते थे और बड़े से बड़े पहलवान को भी चारों खाने चित्त कर देते थे. मुगदर देसी जिम है और भारत का पारंपरिक और प्राचीन फिटनेस का एकमात्र साधन है, जो अब विलुप्त होता जा रहा है जिसे बचाना जरूरी है.

माता पिता की शिकायत ने दिखाया रास्ता 
हवा सिंह ने बताया कि क्योंकि वह पहलवान रह चुके हैं इसीलिए आसपास के गांव के लोग उनके पास यह शिकायत लेकर अक्सर आते थे कि उनका बच्चा मोबाइल में दिनभर लगा रहता है और वह चाहते हैं कि उनका बच्चा मोबाइल की लत छोड़कर उनकी तरह पहलवान बने. फिट बने और मोबाइल से दूर रहे. दिल्ली के रिठाला के रहने वाले पहलवान सिंह माता-पिता की ऐसी शिकायतें सुन सुनकर थक चुके थे तो उन्होंने यह आइडिया निकाला कि क्यों ना बच्चों को बचपन से ही फिटनेस की आदत डाली जाए इसलिए उन्होंने बच्चों को मुगदर की ट्रेनिंग देनी शुरू की. खास तौर पर उन सभी के बच्चों को इसमें शामिल किया जो शिकायत लेकर के आ रहे थे. धीरे-धीरे उनके बच्चों ने मुगदर चलाना शुरू किया और उसी में वह बिजी रहने लगे और उन्हें इतना मजा आने लगा कि मोबाइल की लत उनकी छूट गई और बच्चे अब पढ़ाई के साथ-साथ अपनी फिटनेस पर ध्यान दे रहे हैं. यहीं से हवा सिंह को एक नया रास्ता मिल गया. यही वजह है कि देश के अलग-अलग राज्यों में वह हमेशा जाते हैं और निशुल्क मुगदर बांटते हैं. हाल ही में उन्होंने खेड़ा खुर्द गांव में बड़ी संख्या में बच्चों को मुगदर बांटा है और निशुल्क ट्रेनिंग भी दी है.

120 साल पुराना मुगदर भी है इनके पास
हवा सिंह ने बताया कि हाल ही में वह मुंडका गांव में गए थे जोकि ट्रेनिंग अकादमी है. वहां पर लोगों ने उन्हें 120 साल पुराना मुगदर दिखाया था जिसे उन्होंने ले लिया था. अब वह लोगों को दिखा रहे हैं कि भारत में यह एक ऐसी पद्धति है जो बेहद पुरानी है और फिटनेस का सबसे सस्ता और अच्छा साधन है, लेकिन अब लोग इसे भूल चुके हैं. वापस बच्चों के साथ-साथ समाज के सभी लोगों तक मुगदर की जागरूकता फैलाने के लिए ही उन्होंने मुहिम छेड़ दी है ताकि लोग अपनी फिटनेस पर ध्यान दें. भारी भरकम फीस जो जिम में जाकर के देते हैं वह देने की जरूरत नहीं है. लोग इसी के जरिए अपने आप को फिट रख सकते हैं. इसी दौरान 4 साल के पार्थ समेत कई बच्चे मुगदर घुमाते हुए नजर आए. बच्चों ने बताया कि उन्हें भी मुगदर के जरिए अपने आप को फिट रखने का मौका मिल रहा है. बचपन से ही अब उन्हें मोबाइल की लत नहीं बल्कि मुगदर चाहिए.

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Amit ranjan

मैंने अपने 12 वर्षों के करियर में इलेक्ट्रॉनिक, प्रिंट और डिजिटल मीडिया में काम किया है। मेरा सफर स्टार न्यूज से शुरू हुआ और दैनिक भास्कर, दैनिक जागरण, दैनिक भास्कर डिजिटल और लोकल 18 तक पहुंचा। रिपोर्टिंग से ले…और पढ़ें

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