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Ghaziabad News: गाजियाबाद के विजयनगर थाना क्षेत्र स्थित सर्वोदय नगर में बारिश के कारण हुए जलभराव ने एक मासूम की जान ले ली. तीन साल की दीप्ति घर के बाहर पानी से भरी गली में पहुंच गई. देखते ही देखते वह गहरे पानी में डूब गई. मासूम की मौत के बाद परिवार में कोहराम मच गया और पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ गई. वहीं मां-बाप का रो-रोकर बुरा हाल है.
गाजियाबाद में 3 साल की बच्ची डूबकर मरी.
गाजियाबाद (अमित राणा/ दीपक बिष्ठ) : गाजियाबाद में लगातार हो रही बारिश अब जानलेवा साबित होने लगी है. विजयनगर थाना क्षेत्र के सर्वोदय नगर में जलभराव के बीच एक दर्दनाक हादसे में तीन साल की मासूम बच्ची की डूबने से मौत हो गई. बच्ची घर के बाहर पानी से भरी गली में पहुंच गई, जहां वह गहरे पानी में डूब गई. परिजन उसे तुरंत अस्पताल लेकर पहुंचे, लेकिन डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया. घटना के बाद परिवार में मातम पसरा है. माता-पिता रो-रोकर अपने कलेजे के टुकड़े को याद कर रहे हैं. उनका कहना है कि अगर नगर निगम गली से मुंह नहीं मोड़ता तो आज उनकी बेटी उनके साथ होती.
गाजियाबाद के विजयनगर थाना क्षेत्र स्थित सर्वोदय नगर में बारिश के कारण हुए जलभराव ने एक मासूम की जान ले ली. तीन साल की दीप्ति घर के बाहर पानी से भरी गली में पहुंच गई. देखते ही देखते वह गहरे पानी में डूब गई. परिजनों ने आनन-फानन में बच्ची को पास के निजी अस्पताल पहुंचाया, लेकिन डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया. मासूम की मौत के बाद परिवार में कोहराम मच गया और पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ गई.
लोगों ने लगाया जाम
पुलिस के अनुसार आशंका है कि बच्ची जलभराव के बीच नाले या गहरी नाली की ओर चली गई, जहां पानी अधिक होने के कारण यह हादसा हुआ. फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है. मासूम की मौत की खबर मिलते ही परिजनों और स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश फैल गया. गुस्साए लोगों ने नेशनल हाईवे-9 पर जाम लगा दिया और प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की. जाम की सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे. अधिकारियों ने लोगों को समझा-बुझाकर शांत कराया और काफी मशक्कत के बाद जाम खुलवाया. प्रशासन ने परिजनों को भरोसा दिलाया कि मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाएगी और यदि किसी अधिकारी या कर्मचारी की लापरवाही सामने आती है तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी.
पिता सुमित ने बताया कि बच्ची घर के अंदर थी. जैसे ही वह घर से बाहर कुछ सामान लेने दुकान की तरफ गए. बच्ची गली में आ गई. उस वक्त घर के बाहर गली में घुटनों तक पानी बह रहा था, जिसमें डूबकर बच्ची की मौत हो गई. जब वह दुकान से वापस लौटे तो बच्ची को पानी में गिरा देखा. लोगों ने पहले पानी निकालने की कोशिश की लेकिन बच्ची में कोई हलचल नहीं थी. इसके बाद उसे तीन अस्पताल में लेकर गए. मगर, सबने उसे मरा हुआ घोषित कर दिया.
क्या बोले घरवाले?
मां का बुरा हाल हो रखा है. वह नगर निगम को लगातार कोस रही हैं. परिवार के लोगों ने बताया कि नगर निगम कभी भी उनकी गली को साफ नहीं करता है, जिसकी वजह से पानी की निकासी नहीं होती और इसी वजह से गली में पानी भर जाता है. पहली बारिश में प्रशासन की लापरवाही की वजह से मासूम बच्ची की मौत हो गई. 3 साल की मासूम बच्ची की मौत के बाद आज नगर निगम जागा है और उनकी टीम जिस गली से मुंह मोड़ चुकी थी उसे गाली की सफाई करने में जुटी हुई दिखाई दी.
नगर निगम की तैयारियों पर गंभीर सवाल
तीन साल की मासूम दीप्ति की मौत ने एक बार फिर नगर निगम की तैयारियों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं. हर साल मानसून से पहले नालों की सफाई और जल निकासी व्यवस्था पर करोड़ों रुपये खर्च किए जाने के दावे किए जाते हैं, लेकिन पहली ही बारिश में ये दावे धराशायी होते नजर आए. सड़कों पर जलभराव, जगह-जगह खुले नाले और बदहाल जल निकासी व्यवस्था लोगों के लिए जानलेवा बनती जा रही है. स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय रहते नालों की सफाई और जल निकासी की व्यवस्था दुरुस्त की गई होती, तो शायद आज यह मासूम अपनी जान नहीं गंवाती. फिलहाल प्रशासन ने मामले की जांच के आदेश दे दिए हैं, जबकि पूरे इलाके में इस घटना को लेकर लोगों में गहरा आक्रोश और दुख का माहौल है.
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Kavya Mishra is working with News18 Hindi as a Senior Sub Editor in the regional section (Uttar Pradesh, Uttarakhand, Haryana and Himachal Pradesh). Active in Journalism for more than 7 years. She started her j…और पढ़ें
