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Ghaziabad Kanwar route : हर साल की तरह इस बार भी हरिद्वार से गंगाजल लेकर लौटने वाले लाखों शिवभक्त गाजियाबाद से होकर दिल्ली, हरियाणा, पंजाब और राजस्थान की ओर जाएंगे. गाजियाबाद ट्रैफिक पुलिस ने तीन मुख्य कांवड़ रूट चिन्हित कर उनकी व्यवस्थाओं को अंतिम रूप देना शुरू कर दिया है. उन स्थानों की पहचान कर ली गई है, जहां ट्रैफिक डायवर्जन करना होगा, अतिरिक्त बैरिकेडिंग लगानी होगी, सड़क पर बने अवैध कट और यू-टर्न बंद करने होंगे. 504 ट्रैफिक वॉलंटियर, 700 से अधिक सिविल डिफेंस और डिजिटल वॉलंटियर भी पुलिस के साथ मिलकर ट्रैफिक संचालन में सहयोग करेंगे. दिल्ली-मेरठ रोड गाजियाबाद का सबसे प्रमुख और सबसे व्यस्त कांवड़ मार्ग है.
गाजियाबाद. कांवड़ यात्रा शुरू होने में अब कुछ ही सप्ताह का समय बचा है. हर साल की तरह इस बार भी हरिद्वार से गंगाजल लेकर लौटने वाले लाखों शिवभक्त गाजियाबाद से होकर दिल्ली, हरियाणा, पंजाब और राजस्थान की ओर जाएंगे. यही वजह है कि पश्चिमी उत्तर प्रदेश के सबसे महत्वपूर्ण जिलों में शामिल गाजियाबाद में कांवड़ यात्रा को लेकर तैयारियां तेज हो गई हैं. ट्रैफिक पुलिस ने तीन मुख्य कांवड़ रूट चिन्हित कर उनकी व्यवस्थाओं को अंतिम रूप देना शुरू कर दिया है. डीसीपी ट्रैफिक त्रिगुण बिसेन के नेतृत्व में ट्रैफिक पुलिस ने सभी प्रमुख कांवड़ मार्गों का सर्वे पूरा कर रिपोर्ट जिला प्रशासन को सौंप दी है. निरीक्षण के दौरान उन स्थानों की पहचान की गई जहां ट्रैफिक डायवर्जन करना होगा, अतिरिक्त बैरिकेडिंग लगानी होगी, सड़क पर बने अवैध कट और यू-टर्न बंद करने होंगे. संबंधित विभागों को समय रहते सभी जरूरी कार्य पूरे करने के निर्देश भी दिए गए हैं.
ये हैं गाजियाबाद के तीन कांवड़ रूट
1- दिल्ली-मेरठ रोड : यह गाजियाबाद का सबसे प्रमुख और सबसे व्यस्त कांवड़ मार्ग है. कांवड़ यात्री यहां मुरादनगर, मोदीनगर, गाजियाबाद शहर और मोहननगर होते हुए दिल्ली तक जाते हैं. करीब 50 किलोमीटर लंबे इस मार्ग से सबसे ज्यादा कांवड़िए गुजरते हैं.
2- पाइपलाइन रोड : लोनी बॉर्डर से निवाड़ी तक जाने वाला यह मार्ग पैदल कांवड़ियों के लिए अहम माना जाता है. हर साल बड़ी संख्या में श्रद्धालु इसी रास्ते से गुजरते हैं, इसलिए यहां भी सुरक्षा और ट्रैफिक प्रबंधन पर विशेष फोकस रहेगा.
3- दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे : मेरठ के परतापुर टोल से यूपी गेट तक करीब 35 किलोमीटर लंबा यह मार्ग मुख्य रूप से डाक कांवड़ के लिए इस्तेमाल होता है. यात्रा के दौरान इस रूट पर विशेष ट्रैफिक व्यवस्था लागू की जाती है.
600 से अधिक ट्रैफिक पुलिसकर्मी
इस बार कांवड़ यात्रा के दौरान सुरक्षा और यातायात व्यवस्था संभालने के लिए 600 से अधिक ट्रैफिक पुलिसकर्मी तैनात किए जाएंगे. इसके अलावा, 504 ट्रैफिक वॉलंटियर, 700 से अधिक सिविल डिफेंस और डिजिटल वॉलंटियर भी पुलिस के साथ मिलकर ट्रैफिक संचालन में सहयोग करेंगे. सभी वॉलंटियर्स को पहले से प्रशिक्षण दिया जा रहा है.
कब से लगेगा ट्रैफिक डायवर्जन
डीसीपी ट्रैफिक त्रिगुण बिसेन ने बताया कि लोक निर्माण विभाग, नगर निगम, बिजली विभाग और अन्य संबंधित एजेंसियों के साथ लगातार समन्वय किया जा रहा है. सड़क मरम्मत, स्ट्रीट लाइट, बैरिकेडिंग, साइन बोर्ड और अन्य जरूरी व्यवस्थाओं को समय पर पूरा कराया जा रहा है. गाजियाबाद ट्रैफिक पुलिस जल्द ही दिल्ली पुलिस और मेरठ पुलिस के साथ संयुक्त ट्रैफिक एडवाइजरी जारी करेगी. 6 अगस्त से ट्रैफिक डायवर्जन लागू होने की संभावना है, ताकि कांवड़ियों की यात्रा सुरक्षित और सुचारू रहे. आम लोगों को भी कम से कम परेशानी का सामना करना पड़े.
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प्रियांशु गुप्ता बीते 10 साल से भी ज्यादा समय से पत्रकारिता में सक्रिय हैं. 2015 में भारतीय जनसंचार संस्थान (IIMC), दिल्ली से जर्नलिज्म का ककहरा सीख अमर उजाला (प्रिंट, नोएडा ऑफिस) से अपने करियर की शुरुआत की. य…और पढ़ें
