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गाजियाबाद प्रशासन ने जिम ट्रेनरों की पहचान सुनिश्चित करने के लिए बड़ा कदम उठाया है. अब सभी जिम ट्रेनरों का सत्यापन किया जाएगा और उन्हें आईडी कार्ड पहनना अनिवार्य होगा. इसके साथ ही एक डेटाबेस भी तैयार किया जाएगा, जिससे सुरक्षा और पारदर्शिता को बढ़ावा मिलेगा. यह निर्णय जिम में आने वाले लोगों, विशेषकर महिलाओं की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए लिया गया है.
गाजियाबाद में अब जिम ट्रेनरों की पहचान छिपाना आसान नहीं होगा. जिला प्रशासन ने जिले के सभी जिमों में कार्यरत ट्रेनरों का सत्यापन कराने का फैसला लिया है. साथ ही ट्रेनरों के लिए आईडी कार्ड पहनना भी अनिवार्य किया जा रहा है. दरअसल, शामली में सामने आए धर्मांतरण के आरोपों के बाद गाजियाबाद प्रशासन अलर्ट मोड में आ गया है.
सभी जिमों का सत्यापन कराने का निर्देश
जिलाधिकारी रविंद्र कुमार मांदड़ ने जिले के सभी जिमों का सत्यापन कराने के निर्देश दिए हैं. इसके लिए एडीएम सिटी की अगुवाई में एक विशेष टीम बनाई गई है.प्रशासन की टीम जिमों में जाकर ट्रेनरों की पूरी जानकारी जुटाएगी. उनके नाम, पते और अन्य दस्तावेजों का सत्यापन किया जाएगा.
डाटा बेस भी होगा तैयार
इसके अलावा सभी ट्रेनरों का एक डाटा बेस भी तैयार किया जाएगा, ताकि जरूरत पड़ने पर जानकारी तुरंत उपलब्ध हो सके.जिला प्रशासन ने साफ कर दिया है कि सभी जिम ट्रेनरों को आईडी कार्ड पहनना होगा. आईडी कार्ड पर उनका वास्तविक नाम दर्ज रहेगा.
महिलाओं के लिए सुरक्षित और पारदर्शी माहौल
प्रशासन का कहना है कि पहचान को लेकर किसी भी तरह की भ्रम की स्थिति स्वीकार नहीं की जाएगी. जिलाधिकारी का दावा है कि इस कदम का उद्देश्य जिम में आने वाले लोगों, खासकर महिलाओं के लिए सुरक्षित और पारदर्शी माहौल सुनिश्चित करना है. निरीक्षण के दौरान नियमों का पालन नहीं मिलने पर कार्रवाई भी की जा सकती है.
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विवेक कुमार एक सीनियर जर्नलिस्ट हैं, जिन्हें मीडिया में 10 साल का अनुभव है. वर्तमान में न्यूज 18 हिंदी के साथ जुड़े हैं और हरियाणा, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड की लोकल खबरों पर नजर रहती है. इसके अलावा इन्हें देश-…और पढ़ें
