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Kanwar Yatra 2026 Ghaziabad : कांवड़ यात्रा को लेकर गाजियाबाद प्रशासन ने तैयारियां अंतिम चरण में हैं. गाजियाबाद जिले को इस बार कांवड़ यात्रा के लिए 11 जोन, 24 सेक्टर और 108 सब-सेक्टर में बांटा गया है. जिलाधिकारी रविंद्र कुमार ने बताया कि करीब 300 कांवड़ शिविर लगाए जाएंगे, जबकि 205 से अधिक कांवड़ संघ यात्रा में शामिल होंगे. किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए 65 एंबुलेंस तैनात रहेंगी. सरकारी अस्पतालों में 250 से अधिक बेड आरक्षित रखे गए हैं. दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे केवल डाक कांवड़ियों के लिए आरक्षित रहेगा. कांवड़ मार्ग पर पड़ने वाले करीब 90 हजार बिजली के पोल चिन्हित किए गए हैं. इन्हें पीवीसी कवर से सुरक्षित किया जाएगा. सभी ट्रांसफार्मरों को भी ढका जा रहा है.
गाजियाबाद. सावन की कांवड़ यात्रा को लेकर गाजियाबाद जिला प्रशासन ने तैयारियां अंतिम चरण में पहुंचा दी हैं. लाखों शिवभक्तों की सुरक्षा, सुगम यात्रा और बेहतर सुविधाओं को सुनिश्चित करने के लिए प्रशासन ने विस्तृत कार्ययोजना तैयार की है. जिलाधिकारी रविंद्र कुमार ने बताया कि सभी विभागों को जिम्मेदारियां सौंप दी गई हैं और लगातार समीक्षा की जा रही है ताकि यात्रा के दौरान किसी भी प्रकार की अव्यवस्था न हो. गाजियाबाद जिले को इस बार कांवड़ यात्रा के लिए 11 जोन, 24 सेक्टर और 108 सब-सेक्टर में विभाजित किया गया है. प्रत्येक क्षेत्र में मजिस्ट्रेट की तैनाती की जाएगी जो अपने-अपने क्षेत्र की व्यवस्थाओं की निगरानी करेंगे. थाना स्तर पर लगातार बैठकें कर पुलिस और प्रशासन के बीच समन्वय मजबूत किया जा रहा है. जिले में इस बार करीब 300 कांवड़ शिविर लगाए जाएंगे जबकि 205 से अधिक कांवड़ संघ यात्रा में शामिल होंगे.
घाटों पर बैरिकेडिंग
श्रद्धालुओं की स्वास्थ्य सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए कांवड़ मार्ग पर 24 से अधिक मेडिकल कैंप स्थापित किए जाएंगे. किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए 65 एंबुलेंस तैनात रहेंगी. सरकारी अस्पतालों में 250 से अधिक बेड आरक्षित रखे गए हैं ताकि जरूरत पड़ने पर कांवड़ियों को तुरंत उपचार मिल सके. कांवड़ियों के प्रमुख जलभराव स्थल मुरादनगर गंग नहर पर भी विशेष सुरक्षा व्यवस्था की जा रही है. घाटों पर बैरिकेडिंग कराई जा रही है. जल पुलिस, एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमें भी तैनात रहेंगी, ताकि किसी भी दुर्घटना की स्थिति में तत्काल राहत और बचाव कार्य किया जा सके.
जिलाधिकारी रविंद्र कुमार ने बताया कि बिजली विभाग ने भी व्यापक तैयारियां की हैं. कांवड़ मार्ग पर स्थित करीब 90 हजार बिजली के पोल चिन्हित किए गए हैं जिन्हें पीवीसी कवर से सुरक्षित किया जाएगा. सभी ट्रांसफार्मरों को भी ढका जा रहा है जिससे करंट जैसी दुर्घटनाओं की आशंका को पूरी तरह कम किया जा सके. संबंधित विभागों को 25 जुलाई तक कांवड़ मार्ग की सड़कों को गड्ढा मुक्त करने के निर्देश दिए गए हैं. प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया है कि दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे केवल डाक कांवड़ियों के लिए आरक्षित रहेगा.
जिलाधिकारी के मुताबिक, धार्मिक भावनाओं का सम्मान बनाए रखने के लिए कांवड़ मार्ग पर पड़ने वाली नॉनवेज की दुकानें बंद रहेंगी. 170 शराब की दुकानों को चिन्हित कर उन्हें पर्दों से ढका जाएगा. खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए 14 से अधिक टीमों का गठन किया गया है जो ढाबों और रेस्टोरेंटों पर खाने की गुणवत्ता, साफ-सफाई और निर्धारित रेट की नियमित जांच करेंगी. कांवड़ मार्ग की निगरानी के लिए मेरठ रोड पर एक आधुनिक कंट्रोल रूम बनाया जा रहा है इसके अलावा जिले में 6 कंट्रोल रूम स्थापित किए जाएंगे जबकि पुलिस लाइन में इंटीग्रेटेड कंट्रोल रूम से सभी सीसीटीवी कैमरों की एक साथ मॉनिटरिंग की जाएगी.
हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता
जिलाधिकारी ने बताया कि प्रशासन ने डीजे संचालकों के साथ भी बैठक कर स्पष्ट कर दिया है कि 10 फुट लंबाई और 12 फुट चौड़ाई से बड़े डीजे की अनुमति नहीं होगी. सोशल मीडिया पर भी 24 घंटे निगरानी रखी जाएगी. अफवाह फैलाने या माहौल बिगाड़ने की कोशिश करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी. कांवड़ यात्रा को सुरक्षित, व्यवस्थित और शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराना हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है.
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प्रियांशु गुप्ता बीते 10 साल से भी ज्यादा समय से पत्रकारिता में सक्रिय हैं. 2015 में भारतीय जनसंचार संस्थान (IIMC), दिल्ली से जर्नलिज्म का ककहरा सीख अमर उजाला (प्रिंट, नोएडा ऑफिस) से अपने करियर की शुरुआत की. य…और पढ़ें
