पेट की चर्बी घटाने के लिए क्या करें? केवल तेज चलना काफी या बेहतर नतीजों के लिए दौड़ना शुरू करना चाहिए

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Tips To Reduce Belly Fat: यदि आपका टारगेट कम समय में ज्यादा कैलोरी बर्न करना है, तो रनिंग बेहतर विकल्प हो सकती है. पर अगर आप ऐसी एक्सरसाइज चाहते हैं जिसे रोजाना आसानी से किया जा सके और जिसका शरीर पर कम प्रभाव पड़े, तो वॉकिंग भी उतनी ही अच्छी है. लेकिन हमेशा अपने लिए सही विकल्प चुनते समय कुछ बातों का ध्यान रखना जरूरी है, जिन्हें आप यहां लेख में जान सकते हैं.

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इसमें कोई दोराय नहीं कि वजन घटाने और फिट रहने के लिए वॉकिंग और रनिंग दोनों ही फायदेमंद मानी जाती हैं. हालांकि, पेट की चर्बी कम करने के मामले में किसी एक को सबसे बेहतर कहना आसान नहीं है. यह समझना जरूरी है कि शरीर के किसी एक हिस्से की चर्बी को अलग से कम नहीं किया जा सकता. पेट की चर्बी घटाने के लिए पूरे शरीर की अतिरिक्त चर्बी कम करनी होती है. इसके लिए कैलोरी डेफिसिट यानी जितनी कैलोरी आप लेते हैं उससे ज्यादा कैलोरी खर्च करना जरूरी है.

ये समझना जरूरी है कि नियमित एक्सरसाइज, संतुलित आहार और स्वस्थ जीवनशैली अपनाकर शरीर की कुल चर्बी को कम किया जा सकता है, जिससे कमर और पेट के आसपास जमा फैट भी धीरे-धीरे घटने लगता है. ऐसे में वॉकिंग और रनिंग दोनों की अपनी-अपनी खासियतें हैं, जिन्हें समझकर आप अपने लिए सही विकल्प चुन सकते हैं.

रनिंग Vs वॉकिंग
दौड़ना एक हाई-इंटेंसिटी एक्सरसाइज है, इसलिए यह चलने की तुलना में कम समय में ज्यादा कैलोरी बर्न करती है. अधिक कैलोरी खर्च होने से फैट लॉस के लिए जरूरी कैलोरी डेफिसिट बनाना आसान हो जाता है. यदि आपके पास समय कम है और आप शारीरिक रूप से दौड़ने में सक्षम हैं, तो रनिंग एक प्रभावी विकल्प हो सकती है.

वहीं, चलना एक ऐसी गतिविधि है जिसे लंबे समय तक नियमित रूप से करना आसान होता है. इसमें किसी विशेष उपकरण की जरूरत नहीं पड़ती और यह लगभग हर उम्र और फिटनेस स्तर के लोगों के लिए उपयुक्त है. रोजाना 30 से 60 मिनट की वॉक समय के साथ वजन और शरीर की चर्बी कम करने में मदद कर सकती है.

यह ध्यान रखना भी जरूरी
चलना और न ही दौड़ना केवल पेट की चर्बी को सीधे कम करते हैं. जब नियमित शारीरिक गतिविधि और हेल्दी डाइट की मदद से शरीर की कुल चर्बी कम होती है, और पेट का फैट भी घटने लगता है. इसलिए किसी एक एक्सरसाइज को चुनने से ज्यादा जरूरी है उसे लगातार करना.

कौन-सा विकल्प चुनें?
दौड़ने से हृदय और फेफड़ों की फिटनेस तेजी से बेहतर हो सकती है. यह स्टैमिना बढ़ाने और मेटाबॉलिक हेल्थ को सपोर्ट करने में भी मददगार साबित होती है. दूसरी ओर, यदि आपको घुटनों में दर्द है, जोड़ों की समस्या है, किसी चोट से उबर रहे हैं या फिटनेस की शुरुआत कर रहे हैं, तो वॉकिंग अधिक सुरक्षित विकल्प मानी जाती है क्योंकि इससे जोड़ों पर कम दबाव पड़ता है.

अगर तेज गति से चला जाए और दिल की धड़कन बढ़े, तो वॉकिंग भी एक बेहतरीन वर्कआउट बन सकती है. चढ़ाई पर चलना, गति बढ़ाना या बीच-बीच में तेज चलने के इंटरवल शामिल करना कैलोरी बर्न को बढ़ा सकता है.

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शारदा सिंहSenior Sub Editor

शारदा सिंह मध्यप्रदेश की रहने वाली हैं. उन्होंने माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय, भोपाल से पत्रकारिता के क्षेत्र में अपना सफर शुरू किया. उनके पास डिजिटल मीडिया और लाइफस्टाइल पत्रक…

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Disclaimer: इस खबर में दी गई दवा/औषधि और स्वास्थ्य से जुड़ी सलाह, एक्सपर्ट्स से की गई बातचीत के आधार पर है. यह सामान्य जानकारी है, व्यक्तिगत सलाह नहीं. इसलिए डॉक्टर्स से परामर्श के बाद ही कोई चीज उपयोग करें. Local-18 किसी भी उपयोग से होने वाले नुकसान के लिए जिम्मेदार नहीं होगा.

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