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Udaipur Boxer Success Story: वर्षों की मेहनत, अनुशासन और राष्ट्रीय स्तर पर शानदार प्रदर्शन का इनाम उदयपुर के तीन युवा मुक्केबाजों को सरकारी नौकरी के रूप में मिला है. श्री हेमराज राष्ट्रीय व्यायामशाला के खिलाड़ी नमन शर्मा, प्रियदर्शी सिंह और ताष्री मेनारिया को आउट ऑफ टर्न स्पोर्ट्स कोटे से नियुक्ति मिली है. नमन और ताष्री राजस्थान पुलिस में, जबकि प्रियदर्शी राज्य बीमा एवं प्रावधायी निधि विभाग में सेवाएं देंगे. इन खिलाड़ियों की उपलब्धि ने यह साबित कर दिया कि खेल केवल पदक ही नहीं, बल्कि सम्मानजनक करियर और उज्ज्वल भविष्य का रास्ता भी बन सकता है.
उदयपुर. कहते हैं कि अगर मेहनत ईमानदारी से की जाए तो सफलता एक दिन जरूर कदम चूमती है. उदयपुर की श्री हेमराज राष्ट्रीय व्यायामशाला के तीन युवा मुक्केबाजों नमन शर्मा, प्रियदर्शी सिंह और ताष्री मेनारिया ने इस बात को सच साबित कर दिखाया है. वर्षों की कड़ी मेहनत, अनुशासन और लगातार शानदार प्रदर्शन के दम पर इन तीनों खिलाड़ियों को राज्य सरकार की आउट ऑफ टर्न स्पोर्ट्स कोटे के तहत सरकारी नौकरी मिली है. यह उपलब्धि न केवल उनके परिवार बल्कि पूरे उदयपुर और राजस्थान के लिए गर्व की बात है. इन तीनों खिलाड़ियों ने बचपन से ही मुक्केबाजी को अपना सपना बनाया. नियमित अभ्यास, राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं में लगातार भागीदारी और हर मुकाबले में बेहतर प्रदर्शन ने उन्हें उस मुकाम तक पहुंचाया, जहां खेल ही उनके उज्ज्वल भविष्य का आधार बन गया.
ताष्री मेनारिया को कंप्यूटर ऑपरेटर पद पर नियुक्ति मिली
ताष्री मेनारिया ने महिला मुक्केबाजी में अपनी अलग पहचान बनाई. उन्होंने राष्ट्रीय सीनियर और जूनियर प्रतियोगिताओं, खेलो इंडिया यूनिवर्सिटी गेम्स तथा स्कूल गेम्स फेडरेशन की प्रतियोगिताओं में बेहतरीन प्रदर्शन किया. सात बार राज्य स्तरीय प्रतियोगिताओं में स्वर्ण पदक जीतने वाली ताष्री को उनकी खेल उपलब्धियों के आधार पर राजस्थान पुलिस में कंप्यूटर ऑपरेटर पद पर नियुक्ति मिली है. उनकी सफलता प्रदेश की बेटियों के लिए भी एक प्रेरणादायक उदाहरण बन गई है.
नमन शर्मा को राजस्थान पुलिस में मिली नियुक्ति
श्री हेमराज राष्ट्रीय व्यायामशाला और उनके प्रशिक्षकों का रहा अहम रोल
इन तीनों खिलाड़ियों की सफलता के पीछे श्री हेमराज राष्ट्रीय व्यायामशाला और उनके प्रशिक्षकों का भी बड़ा योगदान रहा. वर्षों तक मिले मार्गदर्शन और निरंतर अभ्यास ने उन्हें राष्ट्रीय स्तर का खिलाड़ी बनाया. जिला मुक्केबाजी संघ और खेल अधिकारियों ने भी इस उपलब्धि पर खिलाड़ियों को बधाई देते हुए कहा कि यह सफलता आने वाली पीढ़ी के खिलाड़ियों को खेलों के प्रति प्रेरित करेगी. आज नमन, प्रियदर्शी और ताष्री की कहानी इस बात का संदेश देती है कि खेल केवल पदक जीतने का माध्यम नहीं, बल्कि सम्मानजनक करियर और बेहतर भविष्य का रास्ता भी बन सकता है. उनकी यह सफलता उन हजारों युवाओं के लिए उम्मीद की नई किरण है, जो अपने सपनों को पूरा करने के लिए संघर्ष कर रहे हैं. मेहनत, लगन और दृढ़ संकल्प के साथ हर सपना साकार किया जा सकता है.
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दीप रंजन सिंह 2016 से मीडिया में जुड़े हुए हैं. हिंदुस्तान, दैनिक भास्कर, ईटीवी भारत और डेलीहंट में अपनी सेवाएं दे चुके हैं. 2022 से News18 हिंदी में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. एजुकेशन, कृषि, राजनीति, खेल, लाइफस्ट…
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