अलविदा ग्लास्गो, अहमदाबाद में मिलेंगे, कॉमनवेल्थ गेम्स 2030 की मेजबानी के लिए भारत को मिला बैटन

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कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 का आधिकारिक रूप से समापन हो गया. इसके साथ ही अगले कॉमनवेल्थ गेम्स की मेजबानी के लिए भारत को कॉमनवेल्थ गेम्स की बैटन भारत को सौंपा गया. अगला कॉमनवेल्थ गेम्स 2030 में अहमदाबाद में होगा. समापन समारोह में भारत की तरफ से मानुषी छिल्लर ने दमदार परफॉर्मेंस दी.

2030 कॉमनवेल्थ गेम्स के लिए भारत को मिली बैटन

नई दिल्ली: ग्लास्गो कॉमनवेल्थ गेम्स के समापन के साथ ही भारत ने दुनिया को अहमदाबाद आने का एक शानदार न्योता दिया. समापन समारोह के मंच पर भारत के प्राचीन दर्शन, आधुनिक कला और सांस्कृतिक भव्यता का अनूठा संगम देखने को मिला और इसके साथ ही 2030 में अहमदाबाद में होने वाले खेलों के शताब्दी संस्करण की यात्रा आधिकारिक तौर पर शुरू हो गई.

समापन समारोह में रविवार को ग्लास्गो ने कॉमनवेल्थ गेम्स की बैटन भारत को सौंपी. इससे पहले संगीत और नृत्य के ताने बाने में तैयार किए गए अद्भुत सांस्कृतिक कार्यक्रम ने भारत की पहचान ऐसे देश के रूप में रखी जहां परंपरा और आधुनिकता साथ में बसते हैं. किंग चार्ल्स तृतीय के प्रतिनिधि प्रिंस एडवर्ड (ड्यूक आफ एडिनबर्ग) ने खेलों के समापन की औपचारिक घोषणा की.

जैसमीन लंबोरिया बनी भारत के लिए ध्वजवाहक

उन्होंने कहा ,‘‘ जिस तरह से आपने प्रतिस्पर्धा की, खेलों का आयोजन किया और समर्थन किया , उसके लिये धन्यवाद. आपने आज एक बार फिर कॉमनवेल्थ की भावना और मूल्यों को जीवंत कर दिया. शुक्रिया ग्लास्गो. मैं सभी देशों और प्रदेशों के खिलाड़ियों को भारत के अहमदाबाद आने का न्योता देता हूं जहां चार साल बाद 24वें कॉमनवेल्थ खेल होंगे जो इन खेलों का शताब्दी संस्करण भी है.’’

समापन समारोह में जैसमीन लंबोरिया भारत की ध्वजवाहक थी जिन्होंने महिला मुक्केबाजी 57 किलोवर्ग में स्वर्ण पदक जीता था. औपचारिक तौर पर ध्वज सौंपने का कार्यक्रम कॉमनवेल्थ गेम्स के ध्वज की पूरे परिसर में सांकेतिक यात्रा के साथ शुरू हुआ.

भारतीय संस्कृति में सराबोर हुआ CWG 2026 का क्लोजिंग सेरेमनी

स्कॉटलैंड और भारत के ध्वज वाहकों की अगुवाई में जुलूस ने गेम्स के मुड़े हुए झंडे को नीचे उतारा. इसके बाद ग्लास्गो की लॉर्ड प्रोवोस्ट जैकलीन मैकलारेन ने इसे कॉमनवेल्थ खेल स्कॉटलैंड की उपाध्यक्ष सुसान जैक्सन, स्कॉटिश नेटबॉल खिलाड़ी एमिली निकोल, कॉमनवेल्थ स्पोर्ट के अध्यक्ष डॉ. डोनाल्ड रुकारे, दो बार के ओलंपिक पदक विजेता नीरज चोपड़ा, भारतीय ओलंपिक संघ की अध्यक्ष पीटी उषा और आखिर में गुजरात के उप मुख्यमंत्री हर्ष संघवी को सौंपा.

एक्ट्रेस मानुषी छिल्लर ने भारत के लिए क्लोजिंग सेरेमनी की अगुवाई

इसके साथ ही स्कॉटलैंड से भारत को मेजबानी की जिम्मेदारी आधिकारिक तौर पर सौंप दी गई. इसके बाद से समारोह भारत की सांस्कृतिक विरासत के जश्न में डूब गया. भारत की प्रस्तुति तीन खंडों में थी जिसमें दर्शकों को एक ऐसी यात्रा पर ले जाया गया जिसे आयोजकों ने साझा मूल्यों, संस्कृति और आपसी जुड़ाव का जश्न मनाने वाला बताया. इसकी थीम ‘वसुधैव कुटुम्बकम’ थी जो कॉमनवेल्थ के एकता और दोस्ती के आदर्शों के अनुरूप है. पहली प्रस्तुति में भारत के राष्ट्रगीत वंदेमातरम के 150 साल पूरे होने का जश्न मनाया गया और नृत्य की अगुवाई अभिनेत्री मानुषी छिल्लर ने की.

शानदार डिजिटल दृश्यों के बीच सैकड़ों नर्तकों ने भारत की विविधता की एक जीवंत तस्वीर पेश की, जबकि गायक शंकर महादेवन के दिल को छू लेने वाले संगीत ने ऑर्केस्ट्रा की भव्यता को भारतीय संगीत परंपराओं के साथ मिलाया. इस प्रस्तुति का उद्देश्य भारत को एक ऐसी सभ्यता के रूप में प्रस्तुत करना था जो अपनी विविध भाषाओं, रीति-रिवाजों और कलात्मक परंपराओं के माध्यम से दुनिया का स्वागत करती है. एक विशेष रूप से निर्मित फिल्म के माध्यम से अंतर्राष्ट्रीय दर्शकों का अहमदाबाद से परिचय कराया गया.

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Jitendra Kumar

जितेंद्र कुमार डिजिटल पत्रकारिता की दुनिया में बीते 10 सालों से सक्रिय हैं. वर्तमान में वह नेटवर्क 18 समूह के साथ बतौर चीफ सब एडिटर जुड़े हैं और हिंदी स्पोर्ट्स सेक्शन में अपनी…

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