आखिर ORS, X-Ray मशीन और बेडशीट खरीद में क्‍या हुआ? स्‍वास्‍थ्‍य मंत्री को सचिव से मांगना पड़ गया जवाब?

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ORS, X-Ray और बेडशीट खरीद में क्‍या हुआ? मंत्री को सचिव से मांगना पड़ा जवाब?

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दिल्ली सरकार के स्वास्थ्य विभाग में ORS, हैंडहेल्ड पोर्टेबल X-Ray मशीन और बेडशीट की खरीद को लेकर जांच शुरू हो गई है. स्वास्थ्य मंत्री डॉ. पंकज सिंह ने स्वास्थ्य सचिव रूपेश कुमार ठाकुर से विस्तृत रिपोर्ट मांगी है. सरकारी अस्पतालों में दवाइयों और मेडिकल उपकरणों की खरीद में देरी पर भी शो-कॉज नोटिस जारी किया गया है. सरकार ने साफ किया है कि संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर संबंधित अधिकारियों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की सिफारिश की जाएगी. इस मामले ने सरकारी खरीद प्रक्रिया और स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं.

दिल्‍ली के सरकारी अस्‍पताल के लिए हुई ओआरएस, एक्‍सरे मशीन और बेडशीट की खरीद सवालों के घेरे में है. (एआई न्‍यूज)

Delhi News: दिल्ली सरकार के स्वास्थ्य विभाग में खरीद प्रक्रिया को लेकर बड़ा मामला सामने आया है. स्वास्थ्य मंत्री डॉ. पंकज सिंह ने सेंट्रल प्रोक्योरमेंट एजेंसी (सीपीए) के जरिए हुई ओआरएस, हैंडहेल्ड पोर्टेबल एक्‍स-रे मशीन और बेडशीट की खरीद की जांच शुरू कर दी है. इस मामले में स्वास्थ्य सचिव रूपेश कुमार ठाकुर को नोटिस जारी कर विस्तृत रिपोर्ट मांगी गई है.

इसके साथ ही सरकारी अस्पतालों में दवाइयों, कंज्यूमेबल्स और मेडिकल उपकरणों की खरीद में लगातार हो रही देरी को लेकर स्वास्थ्य सचिव को अलग से शो-कॉज नोटिस भी भेजा गया है. सरकार ने साफ कर दिया है कि अगर तय समय में संतोषजनक जवाब नहीं मिला तो संबंधित अधिकारियों के खिलाफ सेवा नियमों के तहत अनुशासनात्मक कार्रवाई की सिफारिश की जाएगी.

  1. ओआरएस की खरीद पर सवाल: स्वास्थ्य मंत्री ने सबसे पहले ओआरएस की खरीद को लेकर सवाल उठाए हैं. नोटिस में पूछा गया है कि ₹15 प्रति सैशे की दर से ओआरएस किस आधार पर खरीदा गया. विभाग से पूरी खरीद प्रक्रिया का रिकॉर्ड, संबंधित वेंडर का नाम, खरीद की दर, वेंडर द्वारा दिया गया डिस्काउंट, जीएसटी और अंतिम भुगतान का पूरा ब्योरा मांगा गया है. सरकार यह भी जानना चाहती है कि खरीद प्रक्रिया सभी नियमों के अनुसार हुई या नहीं और कहीं जरूरत से ज्यादा कीमत पर सामान तो नहीं खरीदा गया.
  2. बेडशीट खरीद की भी होगी जांच: स्वास्थ्य विभाग को 1 अप्रैल 2025 से अब तक खरीदी गई सभी बेडशीटों का पूरा रिकॉर्ड देने के निर्देश दिए गए हैं. इसमें खरीदी गई कुल संख्या, प्रति यूनिट कीमत, गुणवत्ता, स्पेसिफिकेशन और टेंडर प्रक्रिया की जानकारी शामिल होगी. इसके अलावा अन्य सरकारी विभागों और सरकारी अस्पतालों में खरीदी गई समान गुणवत्ता की बेडशीटों की कीमत से भी तुलना की जाएगी, ताकि यह पता लगाया जा सके कि कहीं अधिक कीमत पर खरीद तो नहीं हुई.
  3. एक्‍स-रे मशीन खरीद भी जांच के दायरे में: वर्ष 2026 में खरीदी गई हैंडहेल्ड पोर्टेबल एक्‍स-रे मशीनों की खरीद भी जांच के घेरे में आ गई है. आरोप है कि इन मशीनों की खरीद करीब ₹33 लाख प्रति मशीन की दर से की गई, जो अन्य सरकारी संस्थानों की तुलना में ज्यादा बताई जा रही है. स्वास्थ्य विभाग से हर मशीन की तकनीकी जानकारी, खरीद की कीमत, संबंधित वेंडर और केंद्र सरकार व दूसरे राज्यों में हुई इसी तरह की खरीद का तुलनात्मक विवरण मांगा गया है.
  4. दवाइयों की खरीद में देरी पर नाराजगी: स्वास्थ्य सचिव को भेजे गए शो-कॉज नोटिस में कहा गया है कि सरकारी अस्पतालों के लिए दवाइयों, कंज्यूमेबल्स और मेडिकल उपकरणों की खरीद लंबे समय से लंबित है. इस संबंध में विभाग से कई बार एक्शन प्लान और आइटम-वाइज टाइमलाइन मांगी गई, लेकिन समय पर जवाब नहीं मिला. विभागीय रिकॉर्ड के मुताबिक, 28 मई 2026 को पहली बार एक्शन प्लान मांगा गया था. इसके बाद 17 जून को दोबारा निर्देश जारी किए गए और 19 जून तक रिपोर्ट देने को कहा गया. 22 जुलाई को तीसरा रिमाइंडर भी भेजा गया, लेकिन फिर भी संतोषजनक जवाब नहीं मिला है.

5 अगस्त तक मांगी रिपोर्ट
नोटिस में कहा गया है कि बार-बार निर्देशों की अनदेखी से खरीद प्रक्रिया प्रभावित हुई है. इसका सीधा असर सरकारी अस्पतालों की स्वास्थ्य सेवाओं पर पड़ रहा है. स्वास्थ्य सचिव से पूछा गया है कि समय पर निर्देशों का पालन क्यों नहीं किया गया. साथ ही, संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की सिफारिश क्यों न की जाए. स्वास्थ्य विभाग को 5 अगस्त 2026 तक विस्तृत तथ्यात्मक रिपोर्ट और एक्शन टेकन रिपोर्ट जमा करने के निर्देश दिए गए हैं. इस नोटिस की कॉपी उपराज्यपाल, मुख्यमंत्री और मुख्य सचिव को भी भेजी गई हैं.

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Anoop Kumar MishraAssistant Editor

Anoop Kumar Mishra is currently serving as Assistant Editor at News18 Hindi Digital, where he leads coverage of strategic domains including aviation, defence, paramilitary forces, international…

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