राजिंदर बैरागी से बन गया 'डॉ. झटका', 29 साल बाद ढूंढ पाई पुलिस, सन्न कर देगी कुख्यात की कहानी

दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच को 29 साल बाद बड़ी सफलता हाथ लगी है. पुलिस ने 29 साल से फरार चल रहे एक कुख्यात शातिर अपराधी को गिरफ्तार किया है. कभी राजिंदर बैरागी उर्फ राजिंदर यादव के नाम से पहचाने जाने वाला यह वांटेड जब पुलिस को मिला तो वह डॉक्टर झटका बन चुका था. इसकी कहानी सुनकर पुलिस भी सन्नाटे में है.

इंडियन एक्सप्रेस की खबर के मुताबिक राजिंदर यादव हरियाणा पुलिस के एक जवान की हत्या और कई अन्य हत्याओं के प्रयास के मामलों में वांछित था. इसे पुलिस ने गिरफ्तार भी किया था लेकिन यह चकमा देकर फरार हो गया था. वहीं 29 साल तक ढूंढने के बाद जब पुलिस उसे गिरफ्तार करने पहुंची, तब तक वह ‘डॉ. झटका’ बन चुका था और हजारों लोगों का इलाज कर चुका था.

पुलिस के अनुसार, राजिंदर यादव ने 1998 में हरियाणा के सोनीपत में एक शादी समारोह के दौरान पुलिस जवान जय भगवान की हत्या की दी थी. हत्या के मामले में 1999 में जब उसे हथकड़ी लगाकर गाजियाबाद जेल से हरियाणा कोर्ट ले जाया जा रहा था, तब वह यूपी पुलिस को किसी तरह चकमा देकर हिरासत से फरार हो गया. उसे काफी ढूंढा गया, कई जगहों पर दबिशें दी गईं लेकिन वह पुलिस की पहुंच से दूर निकल गया. इसके बाद उसे घोषित अपराधी (प्रोकलेम्ड ऑफेंडर) घोषित कर दिया गया.

एक तरफ पुलिस उसे ढूंढती रही, वहीं दूसरी ओर राजिंदर बैरागी ने पुरानी जिंदगी को छोड़कर नई जिंदगी जीना शुरू कर दिया. फरार होने के बाद उसने अपनी पहचान पूरी तरह बदल ली. उसने अपना नाम, काम, शहर, परिवार सब नया कर लिया. पहले वह महाराष्ट्र में एक केंद्रीय विद्यालय में शारीरिक शिक्षा शिक्षक के रूप में काम करता रहा. बाद में वह मध्य प्रदेश के अशोकनगर जिले के मुंगाओली कस्बे में जा बसा. वहां उसने राजेंद्र सिंह यादव नाम अपना लिया और स्थानीय लोगों के बीच बिना किसी रजिस्ट्रेशन के डॉक्टर का काम करने लगा. लोगों ने उसे ‘डॉ. झटका’ नाम दे दिया. साथ ही वह प्रॉपर्टी डीलिंग और ठेकेदारी का काम भी करता था.

डॉक्टर झटका के रूप में फेमस हो चुके राजिंदर यादव ने 2003 में वहीं काम कर रही एक सरकारी अस्पताल में एएनएम (ऑक्जिलरी नर्स मिडवाइफ)महिला से शादी कर ली. दोनों पूरी तरह सेट हो गए और आराम से गुजर-बसर करने लगे. उन दोनों के दो बच्चे हो गए, उनकी अभी एक 17 साल का बेटा और एक 16 साल की बेटी है. इस दौरान आरोपी ने आधार कार्ड, पैन कार्ड, वोटर आईडी, ड्राइविंग लाइसेंस और डोमिसाइल सर्टिफिकेट जैसे दस्तावेज भी फर्जी पहचान पर बनवा लिए थे.

हालांकि इधर क्राइम ब्रांच की टीम 29 सालों से उसके खिलाफ मल्टी-स्टेट ऑपरेशन चलाती रही और ढूंढती रही, एक दिन एक टिप पर पुलिस ने मुंगाओली में उसके घर पर छापा मारा और उसे गिरफ्तार कर लिया. पुलिस का कहना है कि राजिंदर के खिलाफ दिल्ली, हरियाणा और उत्तर प्रदेश में हत्या, हत्या के प्रयास, आर्म्स एक्ट, चोरी और पुलिस हिरासत से भागने सहित कुल आठ आपराधिक मामले दर्ज हैं. अब इन सभी मामलों में उसके खिलाफ केस चल रहे हैं. 53 साल के डॉ. झटका को दिल्ली लाया गया और आगे की जांच चल रही है.

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