नोएडा. उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 से पहले बीजेपी के भीतर टिकटों को लेकर खींचतान शुरू हो गई है. जैसे-जैसे चुनाव नजदीक आ रहे हैं, बीजेपी के बड़े नेताओं और राजनीतिक घरानों के बीच अपने करीबियों को टिकट दिलाने की होड़ तेज़ हो गई है. पूर्वांचल से लेकर पश्चिमी यूपी तक, बीजेपी के कई दिग्गज नेताओं के बच्चे और रिश्तेदार अभी से अपनी चुनावी जमीन तैयार करने में जुट गए हैं. इस समय सबसे ज़्यादा चर्चा नोएडा विधानसभा सीट की हो रही है. यहां से मौजूदा विधायक रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के बेटे पंकज सिंह हैं. अब इसी सीट पर कैसरगंज के पूर्व सांसद और बाहुबली नेता बृजभूषण शरण सिंह की बेटी शालिनी सिंह ने भी टिकट की दावेदारी पेश कर दी है. शालिनी सिंह की एंट्री से नोएडा और जेवर, दोनों सीटों पर राजनीतिक सरगर्मी बढ़ गई है.
कैसरगंज से बीजेपी के पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह की बेटी शालिनी सिंह लंबे समय से अपने पति विशाल सिंह के साथ नोएडा में रह रही हैं. हाल के दिनों में शालिनी सिंह को नोएडा की सोसायटियों, जनसमस्याओं जैसे बिजली कटौती, पानी और सामाजिक मुद्दों को लेकर जनता के बीच काफी सक्रिय देखा गया है. वहीं पंकज सिंह वर्तमान विधायक हैं और बीते दो टर्म से वह लगातार जीतते आ रहे हैं. ऐसे में इस सीट पर दो राजनीतिक परिवारों की दावेदारी ने बीजेपी के बड़े नेताओं को चिंता में डाल दिया है.
केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के बेटे हैं पकंज सिंह.
शालिनी सिंह क्यों चाहती हैं नोएडा या जेवर से चुनाव लड़ना?
नोएडा सीट से पंकज सिंह लगातार दो बार से भारी मतों से चुनाव जीत रहे हैं. लेकिन शालिनी सिंह की जमीनी सक्रियता से यह चर्चा तेज हो गई है कि वह 2027 में नोएडा या पास की जेवर सीट से चुनावी मैदान में उतरने का मन बना रही हैं. जेवर सीट पर धीरेंद्र सिंह अभी विधायक हैं, जिनकी लोकप्रियता ठीकठाक कही जा रही है. बता दें कि शालिनी सिंह से हाल ही में एक इंटरव्यू में जब पंकज सिंह की सीट पर उनकी दावेदारी और परिवार से चौथे सदस्य के चुनाव लड़ने पर सवाल पूछा गया, तो उन्होंने कहा कि यदि उनके अंदर क्षमता है, वे शिक्षित हैं और जनता की सेवा करना चाहती हैं, तो चुनाव क्यों नहीं लड़ सकतीं? हालांकि, उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि टिकट देना या न देना शीर्ष नेतृत्व का काम है और पार्टी का जो भी फैसला होगा, वह उन्हें स्वीकार होगा.
क्या बीजेपी शालिनी सिंह को नोएडा या जेवर से टिकट देगी?
राजनीतिक विश्लेषकों के मुताबिक, बीजेपी का शीर्ष नेतृत्व शालिनी सिंह को नोएडा या जेवर जैसी सुरक्षित सीट से टिकट देने से पहले कई बार सोचेगा. बीजेपी पहले से ही विपक्ष पर परिवारवाद का आरोप लगाती रही है. बृजभूषण शरण सिंह के बड़े बेटे प्रतीक भूषण गोंडा सदर से विधायक और छोटे बेटे करण भूषण सिंह कैसरगंज से सांसद पहले से ही हैं. ऐसे में बेटी शालिनी को टिकट देकर बीजेपी एक ही परिवार में चार-चार पावर सेंटर बनाने और विपक्ष को हमलावर होने का मौका देने से बचना चाहेगी.
शालिनी सिंह बीजेपी नेता बृजभूषण शरण सिंह की बेटी हैं.
पंकज सिंह क्या किसी दूसरे सीट से लड़ेंगे चुनाव?
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के बेटे पंकज सिंह यूपी बीजेपी के कद्दावर चेहरे और प्रदेश संगठन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते रहे हैं. उनका टिकट काटकर बृजभूषण सिंह की बेटी को देना बीजेपी आलाकमान के लिए आसान नहीं होगा. वहीं, जेवर सीट से बीजेपी के धीरेंद्र सिंह विधायक हैं, जिन्होंने नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट जेवर के निर्माण और किसान अधिग्रहण के मुद्दों पर मजबूत पकड़ बना रखी है. ऐसे में वहां भी बदलाव करना पार्टी के लिए जोखिम भरा हो सकता है.
यूपी में किन-किन बड़े नेताओं के परिवारों में टिकट की जंग?
केवल बृजभूषण शरण सिंह का परिवार ही नहीं, बल्कि 2027 के चुनाव को लेकर बीजेपी के कई अन्य दिग्गज नेताओं के घरों में भी अगली पीढ़ी को स्थापित करने की होड़ मची हुई है. कहा जा रहा है कि बृजभूषण शरण सिंह की बेटी शालिनी सिंह के लिए पश्चिम यूपी में जमीन तलाशी जा रही है. भले ही स्वामी प्रसाद मौर्य बीजेपी से अलग हो गए हों, लेकिन बीजेपी के भीतर भी कई ऐसे ओबीसी और सवर्ण नेता हैं जो अपने बच्चों के लिए सुरक्षित सीटों पर दावेदारी ठोक रहे हैं. पूर्व सांसद रीता बहुगुणा जोशी अपने बेटे मयंक जोशी के लिए लंबे समय से विधानसभा टिकट की पैरवी करती रही हैं. इसी तरह कैराना से दिवंगत नेता हुकुम सिंह की बेटी मृगांका सिंह एक बार फिर कैराना या आसपास की सीटों से अपनी दावेदारी पेश करने की तैयारी में हैं.
यूपी चुनाव 2027 में राजनीतिक परिवारों से बीजेपी के कौन-कौन दावेदार?
पूर्व सांसद शरद त्रिपाठी के परिवार के सदस्य भी पूर्वांचल की सीटों पर फिर से राजनीतिक जमीन तलाश रहे हैं. ऐसे में यूपी चुनाव बीजेपी के लिए साख की लड़ाई है. एक तरफ पार्टी अपने कड़े ‘नो-रिपीट’ या सिटिंग विधायकों के टिकट काटने वाले सर्वे फॉर्मूले पर विचार कर सकती है, तो दूसरी तरफ बड़े-बड़े बाहुबली और क्षत्रप नेताओं के बच्चों की दावेदारी ने पार्टी के आंतरिक अनुशासन को चुनौती दे दी है. शालिनी सिंह और पंकज सिंह के बीच नोएडा की यह अप्रत्यक्ष जंग आने वाले दिनों में यूपी बीजेपी के अंदरूनी पावर-गेम को और दिलचस्प बनाएगी.
