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ChatGPT Exam Cheating Racket: दिल्ली पुलिस ने सरकारी नौकरी के एग्जाम में चैटजीपीटी और आधुनिक गैजेट्स से नकल कराने वाले गैंग का पर्दाफाश कर 7 आरोपियों को गिरफ्तार किया है. इसका मास्टरमाइंड चंडीगढ़ में कार्यरत एक फायरमैन निकला. यह गिरोह शर्ट के बटन में छिपे कैमरे से पेपर की फोटो बाहर भेजता था और AI की मदद से उत्तर निकालकर स्टूडेंट के नैनो ईयरबड तक पहुंचाता था. प्रति स्टूडेंट 8 से 12 लाख रुपये वसूले जाते थे.
पुलिस मामले की जांच कर रही है.
दिल्ली पुलिस ने सरकारी नौकरी के एग्जाम में हाईटेक तरीके से नकल कराने वाले एक बड़े सिंडिकेट का भंडाफोड़ किया है. आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस साइज यानी ChatGPT और एडवांस इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स के जरिए उम्मीदवारों को पास कराने वाले इस गैंग के कुल 7 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है. गिरोह का मास्टरमाइंड सोनू कुमार खुद चंडीगढ़ में फायरमैन के पद पर तैनात सरकारी कर्मचारी निकला. पुलिस ने इस पूरे रैकेट के कब्जे से नैनो ईयरबड, कंसील्ड कैमरे, जीएसएम डिवाइस और कार बरामद की है.
सेंट्रल संस्कृत यूनिवर्सिटी के एग्जाम से खुला राज
इस हाईटेक नकल गिरोह का खुलासा 26 मई को हुआ, जब सेंट्रल संस्कृत यूनिवर्सिटी द्वारा आयोजित एलडीसी के 6 पदों के एग्जाम के दौरान दो अभ्यर्थियों को संदिग्ध गतिविधियों के कारण पकड़ा गया. 200 अभ्यर्थियों की इस एग्जाम में नकल पकड़े जाने के बाद विश्वविद्यालय प्रशासन ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई. पुलिस ने जब पकड़े गए अभ्यर्थियों से सख्ती से पूछताछ की तो पूरे नेटवर्क की कड़ियां खुलती चली गईं.
शर्ट के बटन में कैमरा और कान में नैनो ईयरबड
पुलिस जांच में पता चला कि यह गिरोह उम्मीदवारों को बेहद छोटे इलेक्ट्रॉनिक उपकरण मुहैया कराता था. एग्जाम हॉल में जाने वाले अभ्यर्थियों की शर्ट के बटन में छिपा हुआ माइक्रो कैमरा लगाया जाता था जो सीधे बाहर बैठे सॉल्वर गैंग से जुड़ा होता था. कैमरे के जरिए प्रश्नपत्र की फोटो बाहर भेजी जाती थी, जहां ChatGPT की मदद से सेकेंडों में उत्तर तैयार कर अभ्यर्थियों के कान में लगे नैनो ईयरबड तक वॉइस कॉल या जीएसएम डिवाइस के जरिए पहुंचाए जाते थे.
8 से 12 लाख रुपये में तय होती थी सरकारी नौकरी की डील
डीसीपी हरेश्वर स्वामी के मुताबिक, यह गैंग विभिन्न राज्यों में निकलने वाली सरकारी भर्तियों और स्किल टेस्ट वाले पदों पर नजर रखता था. किसी भी स्टूडेंट को एग्जाम पास कराने के एवज में 8 से 12 लाख रुपये की मोटी रकम वसूली जाती थी. पुलिस को अंदेशा है कि यह गिरोह अब तक 10 से 12 उम्मीदवारों को इसी फर्जीवाड़े से पास करा चुका है. पुलिस ने आरोपियों के पास से 7 मोबाइल फोन, 4 जीएसएम डिवाइस, टैबलेट और एक टाटा नेक्सॉन कार जब्त की है. फिलहाल पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि इस सिंडिकेट के तार अन्य किन-किन राज्यों से जुड़े हैं.
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पत्रकारिता में 16 वर्षों से अधिक का सुदीर्घ अनुभव रखने वाले संदीप गुप्ता वर्तमान में News18 इंडिया में बतौर चीफ सब-एडिटर होम पेज पर जिम्मेदारी संभाल रहे हैं. जटिल और सामरिक विषयों को बेहद सरल भाषा में पाठकों त…
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