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Ground Report Ghaziabad: गाजियाबाद के विजयनगर की सड़कों की बदहाली और जलभराव से स्थानीय लोग परेशान हैं. नगर निगम में शिकायत के बावजूद समस्या का समाधान नहीं हुआ है, जिससे बच्चों और बुजुर्गों को आने-जाने में दिक्कत हो रही है और बीमारियों का खतरा बढ़ रहा है.
गाजियाबाद: जिले के बागू क्रिश्चियन नगर के वार्ड नंबर-1 में बदहाल सड़कें और जलभराव स्थानीय लोगों के लिए परेशानी का सबब बने हुए हैं. वार्ड की कई गलियों में सड़कें जगह-जगह से टूटी हुई हैं. वहीं बारिश के बाद हालात और खराब हो जाते हैं. पानी की निकासी की उचित व्यवस्था नहीं होने के कारण गलियों में लंबे समय तक पानी जमा रहता है और कई बार जलभराव का पानी घरों तक पहुंच जाता है.
स्थानीय निवासियों का आरोप है कि समस्या को लेकर कई बार नगर निगम में शिकायत की गई, लेकिन इसके बावजूद सड़कों की मरम्मत और जल निकासी की व्यवस्था पर ध्यान नहीं दिया गया. गली में पानी भरा रहने से बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों को आने-जाने में परेशानी होती है. वहीं गड्ढों और पानी के कारण दोपहिया वाहन चालकों को हादसे का डर बना रहता है. लंबे समय से जमा पानी के कारण बीमारियां फैलने की आशंका भी बनी हुई है.
निचले मकानों में घुस जाता है पानी
स्थानीय लोगों ने नगर निगम से सड़क निर्माण के साथ जल निकासी की स्थायी व्यवस्था कराने की मांग की है. स्थानीय निवासी राकेश कुमार ने बताया कि यहां बारिश के दिनों में ही नहीं, बल्कि सामान्य दिनों में भी गलियों में पानी भरा रहता है. कई जगह सड़कें ऊबड़-खाबड़ हैं और रात के समय रोशनी की भी समस्या रहती है. बरसात में पानी घुटनों से ऊपर पहुंच जाता है और निचले मकानों में पानी घुस जाता है. ऐसे में बच्चों को स्कूल भेजना भी मुश्किल हो जाता है. कई बच्चे जूते हाथ में लेकर पानी से होकर निकलने को मजबूर हैं. जलभराव के कारण मच्छर और कीड़े पनप रहे हैं और लोगों को बुखार जैसी बीमारियां भी हो रही हैं.
गलियों में तैर रहा नाले का पानी
स्थानीय निवासी अनीता का कहना है कि सड़क और नालियों की हालत लंबे समय से खराब है. पानी जमा रहने से बच्चों की तबीयत बिगड़ रही है और परिवारों को इलाज पर पैसा खर्च करना पड़ रहा है. कई बार बच्चों को स्कूल से छुट्टी तक करानी पड़ती है, क्योंकि गलियों से निकलने का रास्ता नहीं बचता. बारिश में पूरे बाग का पानी गलियों में आ जाता है और कई बार घरों व दीवारों तक पानी पहुंच जाता है. उन्होंने सड़क जल्द बनवाने की मांग की है.
घुटनों तक भर जाता है पानी
वहीं ज्योति ने बताया कि करीब चार-पांच साल से समस्या बनी हुई है. पानी निकालने के लिए कई बार सीवर का ढक्कन तक उठाना पड़ता है. दो-तीन गलियों का पानी भी इसी रास्ते में आता है. स्ट्रीट लाइट नहीं होने से रात में परेशानी और बढ़ जाती है. गड्ढों के कारण बुजुर्गों और दोपहिया वाहन चालकों के गिरने का खतरा बना रहता है. स्थानीय निवासी कुसुम लता ने कहा कि जल निकासी की व्यवस्था नहीं होने से पूरी गली का पानी उनकी गली में आ जाता है. बरसात में घुटनों तक पानी भर जाता है. बच्चों और बुजुर्गों को निकलने में सबसे ज्यादा परेशानी होती है.
मच्छरों का बढ़ रहा प्रकोप
उन्होंने सड़क निर्माण के साथ पानी की स्थायी निकासी की व्यवस्था कराने की मांग की. इलाके में सड़क और नालियों की समस्या करीब 30-35 साल से बनी हुई है. आसपास की कई गलियां बन चुकी हैं, लेकिन मुख्य रास्ता अब भी बदहाल है. वही स्कूल जाने वाले बच्चों, महिलाओं और कामगारों को लंबे रास्ते से निकलना पड़ता है. जलभराव और गंदगी के कारण मच्छर बढ़ रहे हैं, जिससे बीमारियों का खतरा बना रहता है. उन्होंने नगर निगम और जनप्रतिनिधियों से जल्द स्थायी समाधान की मांग की.
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आर्यन सेठ, News18 Hindi में डिजिटल डेस्क पर जुड़े हैं और जनवरी 2026 से उत्तर प्रदेश की राजनीति, अपराध, प्रशासन, वायरल और अन्य महत्वपूर्ण विषयों पर खबरें लिखते हैं. जामिया मिलिया इस्लामिया दिल्ली से साल 2024 में…
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