ब्लूटूथ लगाकर नकल कर रही थी आरती, एक हरकत ने खोल दी सोनू पेपरवाला के गैंग की पोल

नई दिल्ली (LDC Paper Leak Racket Busted). दिल्ली में प्रतियोगी परीक्षाओं में सेंध लगाने वाले एक बड़े अंतरराज्यीय पेपर लीक सिंडिकेट का भंडाफोड़ हुआ है. दिल्ली पुलिस ने बेहद मुस्तैदी दिखाते हुए इस गिरोह का पर्दाफाश किया और मुख्य मास्टरमाइंड समेत कुल 7 लोगों को गिरफ्तार कर लिया है. हैरान करने वाली बात है कि इस हाईटेक नकल गिरोह की कमान चंडीगढ़ फायर डिपार्टमेंट में तैनात एक फायरमैन के हाथों में थी. इस काले धंधे में उसे ‘सोनू पेपरवाला’ या ‘सोनू मान’ के नाम से जाना जाता था.

यह मामला दिल्ली स्थित ‘सेंट्रल संस्कृत यूनिवर्सिटी’ में आयोजित लोअर डिविजनल क्लर्क (LDC) भर्ती परीक्षा का है. परीक्षार्थी हॉल के अंदर गैजेट्स छिपाकर ले गए थे और बाहर से गैंग उन्हें उत्तर सप्लाई कर रहा था. शुरुआती पूछताछ के बाद जब पुलिस ने कड़ियां जोड़ीं तो यह नकल या पेपर लीक का साधारण मामला न रहकर 3 राज्यों (दिल्ली, हरियाणा और चंडीगढ़) में फैला एक संगठित अंतरराज्यीय नेटवर्क निकला, जो पिछले दो सालों से धड़ल्ले से सक्रिय था.

ऐसे खुली मुन्नाभाइयों की पोल

26 जुलाई को सेंट्रल संस्कृत यूनिवर्सिटी में LDC पद के लिए परीक्षा चल रही थी. एग्जाम शुरू होने के कुछ ही मिनटों बाद Invigilators की नजर आरती नामक अभ्यर्थी पर पड़ी. वह बार-बार अपने कान और गर्दन को असामान्य तरीके से खींच रही थी. शक होने पर उसकी तलाशी ली गई तो उसके पास से छिपा हुआ ब्लूटूथ बरामद हुआ. इसके जरिए बाहर बैठा कोई शख्स लगातार जवाब बता रहा था. इसी दौरान अन्य अभ्यर्थी हेमंत को भी ऐसे ही नैनो ईयरबड्स और सिम कार्ड वाले कस्टमाइज्ड डिवाइस के साथ पकड़ा गया.

10 लाख रुपये में तय हुई थी नकल की डील

जनकपुरी पुलिस स्टेशन में नए सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) अधिनियम और भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धाराओं के तहत FIR दर्ज की गई. पकड़े गए अभ्यर्थियों से सख्ती से पूछताछ हुई तो राज खुलकर सामने आ गया. आरोपी आरती ने बताया कि उसे यह ब्लूटूथ, नैनो ईयरबड्स और कस्टमाइज्ड मोबाइल उसके दोस्त सनी ने मुहैया कराया था. सनी दिल्ली यूनिवर्सिटी (DU) में स्टाफ के रूप में काम करता है. पास कराने के बदले 10 लाख रुपये की डील हुई थी, जो परीक्षा में पास होने के बाद दिए जाने थे.

3 राज्यों में फैला था गिरोह का मकड़जाल

जांच आगे बढ़ी तो पुलिस ने बिचौलियों रिंकू, वीरेंद्र और दीपक को गिरफ्तार किया. रोहतक के रहने वाले ये बिचौलिए अभ्यर्थियों को गिरोह के संपर्क में लाते थे. दीपक नामक दलाल ने पूछताछ के दौरान बताया कि वह डायरेक्ट ‘सोनू पेपरवाला’ के इशारों पर काम कर रहा था और प्रति अभ्यर्थी 8 लाख रुपये तक में सौदेबाजी की जाती थी.
इंस्पेक्टर दिनेश कुमार के नेतृत्व में पुलिस टीम ने टेक्निकल सर्विलांस और सोशल मीडिया एनालिसिस के आधार पर मास्टरमाइंड सोनू कुमार उर्फ ‘सोनू पेपरवाला’ को ट्रैक किया. हरियाणा के चरखी दादरी जिले में दादरी बाईपास रोड पर पुलिस ने उसे उस वक्त घेरकर दबोच लिया, जब वह हरियाणा सरकार की एक अन्य परीक्षा का पेपर लीक कराने की फिराक में था.

सख्त कार्रवाई की तैयारी

पुलिस ने आरोपियों के पास से कस्टमाइज्ड मोबाइल, सिम कार्ड, नैनो ईयरबड्स और कई इलेक्ट्रॉनिक डिवाइसेस जब्त किए हैं. दिल्ली पुलिस का कहना है कि यह गैंग पिछले दो सालों से कई सरकारी भर्तियों को निशाना बना रहा था. फिलहाल गिरफ्तार सभी सात आरोपियों से पूछताछ जारी है, जिससे इस गिरोह से जुड़े अन्य दलालों और इसका फायदा उठाने वाले अन्य अभ्यर्थियों का पता लगाया जा सके.

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