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ED Director Rahul Navin Extension: प्रवर्तन निदेशालय के डायरेक्टर राहुल नवीन को केंद्र सरकार ने एक साल का एक्सटेंशन दिया है. अब वह 13 अगस्त 2027 तक ईडी की कमान संभालेंगे. 1993 बैच के IRS अधिकारी राहुल नवीन को इंटरनेशनल टैक्सेशन, ट्रांसफर प्राइसिंग, मनी लॉन्ड्रिंग और अंतरराष्ट्रीय वित्तीय सहयोग का लंबा अनुभव है. नवंबर 2019 में ईडी में ओएसडी के तौर पर आने के बाद उन्होंने स्पेशल डायरेक्टर के रूप में भी काम किया है.
फिलहाल 1993 बैच के आईआरएस अधिकारी राहुल नवीन ईडी डायरेक्टर बने रहेंगे.
Enforcement Directorate Director Appointment: प्रवर्तन निदेशालय यानी ईडी के डायरेक्टर पद पर राहुल नवीन बने रहेंगे. केंद्र सरकार की अपॉइंटमेंट्स कमेटी ऑफ द कैबिनेट (एसीसी) ने उन्हें एक साल का एक्सटेंशन दिया है. अब वह 13 अगस्त 2027 तक इस पद पर बनेंगे रहेगे. एसीसी की तरफ से 8 अगस्त 2026 को जारी आदेश के अनुसार, आईआरएस अधिकारी राहुल नवीन का 13 अगस्त 2026 को खत्म होने वाला कार्यकाल अगले एक साल के लिए बढ़ा दिया गया है. यानी वे 13 अगस्त 2027 ईडी डायरेक्टर के तौर पर अपने दायित्वों का निर्वहन करते रहेंगे. खास बात यह है कि यह एक्सटेंशन उनकी 31 जुलाई 2027 को होने वाली सुपरएनुएशन की तारीख के बाद भी सेवा जारी रखने को कवर करता है. आदेश में साफ किया गया है कि उनका कार्यकाल 13 अगस्त 2027 तक या अगले आदेश तक, जो भी पहले हो, जारी रहेगा.
आपको बता दें कि राहुल नवीन 1993 बैच के भारतीय राजस्व सेवा (आईआरएस) अधिकारी हैं. ईडी की आधिकारिक प्रोफाइल के अनुसार, उन्होंने आयकर विभाग में 30 साल से ज्यादा समय तक काम किया है. उन्हें इंटरनेशनल टैक्सेशन का एक्सपर्ट माना जाता है. उन्होंने आईआई कानपुर से बी.टेक और एम.टेक किया है. इसके अलावा, उन्होंने मेलबर्न की स्विनबर्न यूनिवर्सिटी ऑफ टेक्नोलॉजी से एमबीए की डिग्री हासिल की है. उनके करियर का एक अहम हिस्सा अंतरराष्ट्रीय टैक्सेशन और सीमा-पार वित्तीय लेनदेन से जुड़े मामलों में रहा है. 2004 से 2008 के दौरान उन्होंने मुंबई के इंटरनेशनल टैक्सेशन डायरेक्टोरेट में काम किया और कई ऐसे ऑफशोर ट्रांजैक्शन में टैक्स डिमांड तय करने में भूमिका निभाई, जिनकी वास्तविक संपत्तियां भारत में थीं.
ट्रांसफर प्राइसिंग से शुरू हुआ लंबा अनुभव
राहुल नवीन ने नवंबर 2015 से नवंबर 2017 तक ट्रांसफर प्राइसिंग के कमिश्नर के तौर पर काम किया. इस दौरान उन्होंने कई बड़े और जटिल मामलों से जुड़े ट्रांसफर प्राइसिंग ऑडिट की निगरानी की. इन मामलों में इंटैन्जिबल्स, रॉयल्टी पेमेंट, कॉस्ट कंट्रीब्यूशन अरेंजमेंट, इनबाउंड और आउटबाउंड लोन तथा कमोडिटी ट्रांजैक्शन जैसे मामले शामिल थे. इस अनुभव ने उन्हें अंतरराष्ट्रीय कंपनियों के लेनदेन और टैक्स से जुड़े मामलों को समझने में मदद की. इसके बाद सेंट्रल बोर्ड ऑफ डायरेक्ट टैक्सेस में भी उन्होंने अहम जिम्मेदारियां संभालीं. वह टैक्स पॉलिसी डिवीजन में पहले अंडर सेक्रेटरी और बाद में फॉरेन टैक्स एंड टैक्स रिसर्च डिवीजन में डायरेक्टर रहे.
एफएटीएफ और जी-20 में किया भारत का प्रतिनिधित्व
फॉरेन टैक्स एंड टैक्स रिसर्च डिवीजन में काम करते हुए राहुल नवीन ने कई देशों के साथ टैक्स से जुड़ी जानकारी के आदान-प्रदान के लिए होने वाली बातचीत में हिस्सा लिया. उन्होंने द्विपक्षीय और बहुपक्षीय समझौतों पर भी काम किया. इस दौरान वह एफएटीएफ, ओईसीडी, ग्लोबल फोरम ऑन ट्रांसपेरेंसी एंड एक्सचेंज ऑफ इंफॉर्मेशन और जी-20 की बैठकों में भारत के प्रतिनिधि के तौर पर शामिल हुए. उनके इस अनुभव की अहमियत इसलिए भी है क्योंकि मनी लॉन्ड्रिंग और आर्थिक अपराध सिर्फ एक देश तक सीमित नहीं रहते. अपराध का पैसा कई देशों में ट्रांसफर किया जाता है और अलग-अलग कंपनियों, खातों या संपत्तियों के जरिए उसे छिपाने की कोशिश की जाती है.
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Anoop Kumar Mishra is currently serving as Assistant Editor at News18 Hindi Digital, where he leads coverage of strategic domains including aviation, defence, paramilitary forces, international…
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