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Online doctor consultations Noida : चिकित्सा लागत दिनोंदिन बढ़ती जा रही है. कई लोगों के लिए इसे वहन करना मुश्किल होता जा रहा है. ऐसे लोगों के लिए नोएडा में लोक मंच संस्था और फेलिक्स हॉस्पिटल वरदान बनकर सामने आए हैं. दोनों ने मिलकर एक नई सुविधा शुरू की है. लोक मंच संस्था के फाउंडर महेश सक्सेना और फेलिक्स हॉस्पिटल के मालिक डीके गुप्ता ने लोकल 18 को बताया कि इस पहल का मकसद स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक किफायती बनाना है. मरीज अपने मोबाइल के जरिये अनुभवी डॉक्टर से वीडियो कॉल पर सलाह ले सकेंगे.
नोएडा. बढ़ती चिकित्सा लागत के बीच यूपी के नोएडा में लोक मंच संस्था और फेलिक्स हॉस्पिटल ने मिलकर एक नई सुविधा शुरू की है. इसके तहत, अब केवल 30 रुपये में 24 घंटे ऑनलाइन डॉक्टर से वीडियो परामर्श लिया जा सकेगा. यह पहल उन परिवारों के लिए मददगार साबित हो सकती है, जिन्हें महंगे इलाज और अस्पताल तक पहुंचने में कठिनाई का सामना करना पड़ता है. इस सुविधा का मुख्य उद्देश्य लोगों को घर बैठे शुरुआती चिकित्सकीय सलाह उपलब्ध कराना है. खासकर बुजुर्गों और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लिए यह सुविधा महत्वपूर्ण मानी जा रही है, क्योंकि उनके लिए छोटी बीमारियों में भी अस्पताल जाना अक्सर मुश्किल होता है. यह पहल नोएडा जैसे तेजी से विकसित होते शहर में स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक सुलभ बनाने की दिशा में एक कदम है.
नौकरीपेशा परिवारों के लिए वरदान
यह ऑनलाइन परामर्श सेवा नौकरीपेशा परिवारों के लिए भी काफी उपयोगी हो सकती है. उन्हें हर बार डॉक्टर के पास जाने के लिए समय निकालने की आवश्यकता नहीं होगी. मरीज अपने मोबाइल फोन के माध्यम से अनुभवी डॉक्टर से वीडियो कॉल पर सलाह ले सकेंगे. इस पहल में ऑनलाइन अपॉइंटमेंट और ई-प्रिस्क्रिप्शन जैसी सुविधाएं भी शामिल हैं.
ओपीडी उपचार पर छूट
इस सेवा के तहत आपात स्थिति में 15 से 20 किलोमीटर के दायरे में स्थित 24 घंटे संचालित फार्मेसी से दवाओं पर 15 प्रतिशत तक की छूट मिलेगी. जरूरत पड़ने पर नि:शुल्क एंबुलेंस की सुविधा भी प्रदान की जाएगी, जो मरीज को संबंधित या सरकारी अस्पताल तक पहुंचाएगी. ओपीडी उपचार पर 30 प्रतिशत की विशेष छूट दी जाएगी. लोक मंच संस्था के फाउंडर महेश सक्सेना और फेलिक्स हॉस्पिटल के ऑनर डीके गुप्ता ने लोकल 18 को बताया कि इस पहल का मकसद स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक किफायती बनाना है. कई परिवार बीमारी के शुरुआती लक्षणों को सिर्फ इसलिए नजरअंदाज कर देते हैं क्योंकि इलाज का खर्च वहन करना उनके लिए मुश्किल होता है. हालांकि, गंभीर या आपात स्थिति में ऑनलाइन परामर्श के बजाय तत्काल अस्पताल जाएं.
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प्रियांशु गुप्ता बीते 10 साल से भी ज्यादा समय से पत्रकारिता में सक्रिय हैं. 2015 में भारतीय जनसंचार संस्थान (IIMC), दिल्ली से जर्नलिज्म का ककहरा सीख अमर उजाला (प्रिंट, नोएडा ऑफिस) से अपने करियर की शुरुआत की. य…
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