अब आईडी कार्ड ही देगा आपको सारी अपडेट, ग्रेटर नोएडा की इस प्रोफेसर का अनोखा इनोवेशन, काम और पढ़ाई होगा आसान

ग्रेटर नोएडा: ग्रेटर नोएडा से एक बेहद दिलचस्प और भविष्य को बदल देने वाला इनोवेशन सामने आया है. डॉ. पूजा सिंह, जो शारदा यूनिवर्सिटी में असिस्टेंट प्रोफेसर हैं, उन्होंने एक ऐसा स्मार्ट डिजिटल आईडी कार्ड विकसित किया है, जो पारंपरिक आईडी कार्ड की सीमाओं को तोड़ते हुए नई तकनीक का शानदार उदाहरण पेश करता है.

डॉ. पूजा ने बताया कि यह स्मार्ट आईडी कार्ड एक छोटे से डिजिटल डिवाइस की तरह काम करता है, जिसमें इनबिल्ट डिस्प्ले दिया गया है. इस डिस्प्ले के जरिए यूजर अपने ईमेल, मैसेज, नोटिफिकेशन और अन्य जरूरी जानकारी सीधे कार्ड पर ही देख सकता है. इसका सबसे बड़ा फायदा यह है कि अब बार-बार मोबाइल फोन निकालकर देखने की जरूरत नहीं पड़ेगी, जिससे काम में फोकस और सुविधा दोनों बढ़ेंगे.

सर्वर-बेस्ड सिस्टम करता है काम
उन्होंने कहा कि इस इनोवेशन की खास बात यह है कि इसमें एक सर्वर-बेस्ड सिस्टम काम करता है, जो ऑर्गेनाइजेशन और यूजर के बीच कनेक्टिविटी बनाए रखता है. सर्वर से मिलने वाली सभी अपडेट्स सीधे आईडी कार्ड के डिस्प्ले पर दिखाई देती है. इससे रियल-टाइम जानकारी मिलती रहती है और किसी भी बदलाव की सूचना तुरंत यूजर तक पहुंच जाती है.

उन्होंने बताया कि कार्ड में माइक्रोकंट्रोलर का उपयोग किया गया है, जो इसके सभी फंक्शन को नियंत्रित करता है. इसके अलावा इसमें सोलर पैनल भी लगाया गया है, जिससे यह कार्ड खुद ही चार्ज हो सकता है. खासकर फील्ड में काम करने वाले लोगों के लिए यह फीचर बेहद उपयोगी साबित हो सकता है, जहां चार्जिंग की सुविधा आसानी से उपलब्ध नहीं होती है.

GPS ट्रैकर भी मौजूद
डॉ. पूजा ने बताया कि सुरक्षा और पहचान के लिहाज से इसमें RFID तकनीक जोड़ी गई है, जिससे किसी भी व्यक्ति की पहचान आसानी से की जा सकती है. साथ ही इसमें GPS ट्रैकर भी मौजूद है, जो लोकेशन ट्रैकिंग को संभव बनाता है. इससे संस्थानों और संगठनों को अपने कर्मचारियों या स्टूडेंट्स की उपस्थिति और मूवमेंट पर नजर रखने में मदद मिल सकती है. यह स्मार्ट आईडी कार्ड खासतौर पर शैक्षणिक संस्थानों और कॉर्पोरेट ऑफिसों के लिए बेहद उपयोगी हो सकता है.

क्लास और मीटिंग मैनेजमेंट आसान
अक्सर देखा जाता है कि क्लास या मीटिंग के समय में आखिरी वक्त पर बदलाव हो जाता है, जिससे भ्रम की स्थिति पैदा हो जाती है. लेकिन इस कार्ड के जरिए ऐसी सभी अपडेट्स तुरंत यूजर तक पहुंच जाएंगी, जिससे क्लास और मीटिंग मैनेजमेंट काफी आसान हो जाएगा. डॉ. पूजा सिंह इससे पहले एमिटी यूनिवर्सिटी में भी कार्यरत रह चुकी हैं.

12 महीने के लिए लैब सुविधा उपलब्ध
उन्होंने अपने इस आइडिया को पेटेंट भी करा लिया है. उनके इस प्रोजेक्ट को आगे बढ़ाने के लिए IIT Delhi के इनक्यूबेशन प्रोग्राम में चुना गया है, जहां उन्हें 12 महीने के लिए लैब सुविधा उपलब्ध कराई गई है. इस दौरान वे अपने प्रोटोटाइप को पूरी तरह विकसित करेंगी.

डॉ. पूजा सिंह ने कहा कि यह इनोवेशन न सिर्फ तकनीक के क्षेत्र में एक नया कदम है, बल्कि यह आने वाले समय में शिक्षा और कार्यस्थल की कार्यप्रणाली को भी बदल सकता है. स्मार्ट आईडी कार्ड के जरिए डिजिटल और फिजिकल दुनिया के बीच की दूरी कम होगी और लोगों को एक ही प्लेटफॉर्म पर सारी जरूरी जानकारी मिल सकेगी.

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