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Delhi Wazirabad Water Project: दिल्ली जल बोर्ड के 2,574 करोड़ के वजीराबाद वाटर प्रोजेक्ट को आर्थिक मामलों के विभाग (DEA) से मंजूरी मिल गई है. एशियन डेवलपमेंट बैंक (ADB) की मदद से चलने वाली इस योजना से ट्रीटमेंट प्लांट से लेकर घरों तक का वाटर नेटवर्क आधुनिक होगा. पुरानी पाइपलाइनें बदली जाएंगी, 8 डिजिटल कमांड सेंटर बनेंगे और 30 साल का वाटर मास्टर प्लान तैयार किया जाएगा. इससे पानी की बर्बादी रुकेगी और बिना रुकावट वाटर सप्लाई होगी.
दिल्लीवालों की पानी की किल्लत वाली दिक्कत खत्म हो जाएगी.
दिल्ली में रहने वाले करोड़ों लोगों के लिए एक बड़ी राहत भरी खबर सामने आई है. सालों से पानी की किल्लत, कम प्रेशर और गंदे पानी की समस्या से जूझ रहे दिल्लीवासियों की सबसे बड़ी मुसीबत अब हमेशा के लिए दूर होने जा रही है. राजधानी के लंबे समय से अटके पड़े वजीराबाद वाटर सप्लाई इम्प्रूवमेंट प्रोजेक्ट को केंद्र सरकार के आर्थिक मामलों के विभाग (DEA) से हरी झंडी मिल गई है. 2,574 करोड़ की भारी-भरकम लागत से तैयार होने वाली इस एशियन डेवलपमेंट बैंक (ADB) सहायता प्राप्त परियोजना से दिल्ली का पूरा वाटर सप्लाई नेटवर्क पूरी तरह आधुनिक और हाई-टेक हो जाएगा.
पानी की एक-एक बूंद का हिसाब रखेगी नई तकनीक
दिल्ली की सबसे बड़ी समस्या केवल पानी की कमी नहीं बल्कि लीकेज और चोरी के कारण पानी की बर्बादी भी रही है. इस परियोजना का सबसे मुख्य फोकस नॉन-रेवेन्यू वाटर (NRW) यानी पानी के नुकसान और लीकेज को पूरी तरह रोकना है. प्रोजेक्ट के तहत ट्रीटमेंट प्लांट से लेकर आपके घर के नल तक की पूरी सप्लाई चेन को दुरुस्त किया जाएगा. पुरानी, जर्जर और क्षतिग्रस्त हो चुकी पाइपलाइनों को हटाकर नई और मजबूत लाइनें बिछाई जाएंगी. इसके अलावा, वाटर ट्रीटमेंट प्लांट, अंडरग्राउंड रिजर्वायर और पंपिंग स्टेशनों को अपग्रेड किया जाएगा ताकि हर घर तक पूरे प्रेशर के साथ साफ पानी पहुँच सके.
सीधे ऐप और स्क्रीन से होगी मॉनिटरिंग
वाटर डिस्ट्रीब्यूशन सिस्टम को पूरी तरह पारदर्शी और कुशल बनाने के लिए दिल्ली भर में 8 इंटरकनेक्टेड कमांड सेंटर बनाए जा रहे हैं. ये कमांड सेंटर वजीराबाद, चंद्रावल, वेस्ट, साउथ-वेस्ट, ईस्ट, नॉर्थ-ईस्ट, नॉर्थ-वेस्ट और साउथ जोन में स्थित होंगे. ये सभी सेंटर एक कॉमन डिजिटल प्लेटफॉर्म से जुड़े रहेंगे, जिससे अधिकारी पूरे शहर के जल नेटवर्क की रीयल-टाइम मॉनिटरिंग कर सकेंगे. SCADA सिस्टम के जरिए पानी के फ्लो, प्रेशर और रिजर्वायर के लेवल पर 24 घंटे नजर रखी जाएगी. कहीं भी लीकेज या खराबी होते ही सिस्टम तुरंत अलर्ट देगा और फील्ड टीम तेजी से उसे ठीक कर सकेगी.
दिल्ली के लिए 30 साल का मास्टर प्लान
दिल्ली की आबादी जिस रफ्तार से बढ़ रही है, उसे देखते हुए जल मंत्री परवेश साहिब सिंह वर्मा ने स्पष्ट किया है कि अब टुकड़ों में काम करने के बजाय अगले 30 वर्षों की दीर्घकालिक जरूरतों को ध्यान में रखकर योजना बनाई जा रही है. दिल्ली जल बोर्ड 88.63 करोड़ की लागत से 30 साल का इंटीग्रेटेड वाटर मास्टर प्लान तैयार करवा रहा है. इस योजना को चरणबद्ध तरीके से लागू किया जाएगा, जिसके तहत वेस्ट और साउथ-वेस्ट जोन का काम जनवरी 2027 तक और ईस्ट, नॉर्थ-ईस्ट, नॉर्थ-वेस्ट व साउथ जोन का काम मार्च 2027 तक पूरा करने का लक्ष्य है.
इसके साथ ही चंद्रावल वाटर ट्रीटमेंट प्लांट प्रोजेक्ट JICA के सहयोग से और उपभोक्ताओं के लिए e-KYC प्रक्रिया से बिलिंग और कंज्यूमर मैनेजमेंट सिस्टम भी पूरी तरह पारदर्शी हो जाएगा. कुल मिलाकर 2,574 करोड़ का यह मेगा प्रोजेक्ट दिल्लीवासियों को आने वाले समय में 24 घंटे साफ और भरोसेमंद पानी की आपूर्ति देने का मार्ग प्रशस्त करेगा.
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पत्रकारिता में 16 वर्षों से अधिक का सुदीर्घ अनुभव रखने वाले संदीप गुप्ता वर्तमान में News18 इंडिया में बतौर चीफ सब-एडिटर होम पेज पर जिम्मेदारी संभाल रहे हैं. जटिल और सामरिक विषयों को बेहद सरल भाषा में पाठकों त…
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