Last Updated:
लखनऊः उत्तर प्रदेश में जापानी इन्वेस्टमेंट को लेकर योगी सरकार ने रोडमैप तैयार किया है. 23 अगस्त तक चलने वाले यूपी-जापान इन्वेस्टमेंट मीट 2026 में जापान के 200 से अधिक उद्योगपति, सीईओ, कारोबारी प्रतिनिधि और पॉलिसी मेकर्स शामिल हो रहे हैं. सरकार का प्रयास निवेश प्रपोजल को धरातल पर उतारने के साथ-साथ तकनीकी सहयोग और रोजगार के मौके को बढ़ाने का है. इस फोटो गैलरी में इस्तेमाल की गई सभी तस्वीरें एआई जनरेटेड हैं.
यीडा क्षेत्र में जापानी कंपनियों के लिए 500 एकड़ भूमि पर जापानी सिटी बनाने की प्लानिंग है. इसमें जापानी कंपनियों के साथ उनके सप्लायर और सहायक उद्योगों को भी जगह देने की तैयारी है. सरकार का मानना है कि इससे कंपनियों के आसपास पूरी सप्लाई चेन विकसित होगी. इस सिटी के तैयार होने से तकनीकी हंस्तातरण, सहायक उद्योगों के विस्तार और रोजगार के नए मौकों को भी बढ़ावा मिलेगा.
यमुना एक्सप्रेसवे इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट अथॉरिटी यानी की यीडा में बनने वाला 500 एकड़ का जापान सिटी, इन्वेस्टमेंट मीटा का एक और मुख्य आकर्षण है. इस प्रोजेक्ट को जापानी कंपनियों, उनके सप्लायर्स और उनसे जुड़ी सहायक इंडस्ट्रीज के लिए एक इंटीग्रेटेड इतोसिस्टम के तौर पर प्लान किया गया है. राज्य सरकार जापान सिटी का प्लान पेश करेगी और उत्तर प्रदेश में जापानी बिजनेस के लिए मौजूद इन्वेस्टमेंट के मौकों की जानकारी देगी.
यूपी-जापान इन्वेस्टमेंट मीट 2026 में 3,191 करोड़ के प्रोजेक्ट्स और 500 एकड़ में बनने वाली प्रस्तावित जापा सिटी मुख्य आकर्षण होंगे. एस्कार्ट्स कुबोटा और मिंडा कॉर्पोरेशन के इन प्रोजेक्ट्स से राज्य में 10 हजार से ज्यादा नौकरियां पैदा होने की उम्मीद है.
Add News18 as
Preferred Source on Google
उत्तर प्रदेश में औद्योगिक निवेश को बढ़ावा देने की दिशा में एस्कॉर्ट्स कुबोटा और मिंडा कॉरपोरेशन ने बड़े कदम उठाए हैं. मुख्यमंत्री ने वर्चुअल माध्यम से दोनों कंपनियों के नए विनिर्माण संयंत्रों का भूमिपूजन किया.एस्कॉर्ट्स कुबोटा यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (YEIDA) के सेक्टर-10 में बड़े पैमाने पर विनिर्माण संयंत्र स्थापित करेगी. कंपनी इस परियोजना में करीब 2,029 करोड़ रुपये का निवेश करेगी. इससे क्षेत्र में औद्योगिक गतिविधियों और रोजगार के अवसरों को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है.
मिंडा कॉरपोरेशन के इन संयंत्रों में इग्निशन स्विच-कम-स्टियरिंग लॉक, मेकाट्रॉनिक कंपोनेंट्स, वायरिंग हार्नेस समेत अन्य ऑटोमोबाइल कंपोनेंट्स का निर्माण किया जाएगा. दोनों कंपनियों के निवेश से उत्तर प्रदेश में ऑटोमोबाइल और ऑटो-कंपोनेंट मैन्युफैक्चरिंग को मजबूती मिलने के साथ स्थानीय स्तर पर रोजगार और औद्योगिक विकास को गति मिलने की उम्मीद है.
