नौकरी छोड़ बिजनेस की सोच रहे हैं? 3 लाख में शुरू करें पैकेजिंग का काम, घर बैठे होगी बंपर कमाई

नई दिल्ली: आजकल लोग नौकरी से ज्यादा खुद का स्टार्टअप हो या फिर छोटा सा व्यापार हो, इसे ही करना सही समझ रहे हैं. क्योंकि हर कोई खुद का मालिक बनना चाहता है. ना कि किसी के अधीन में रहकर नौकरी करना चाहता है. सबको पता है कि व्यापार में जितना मुनाफा है, उतना नौकरी में मुनाफा नहीं है. ऐसे में कई इंडस्ट्री हैं, भारत में जो लाखों करोड़ों की है, लेकिन इसमें एक और इंडस्ट्री है, जिसे पैकेजिंग इंडस्ट्री कहा जाता है. यानी जो आप पैकेजिंग देखते हैं, बिस्कुट, मेडिसिन या फिर किसी खाने के प्रोडक्ट की उसकी भी एक इंडस्ट्री है, जिसे पैकेजिंग इंडस्ट्री कहा जाता है.

इस इंडस्ट्री के ऊपर आधारित भारत मंडपम में तीन दिवसीय पैकप्लस इवेंट शुरू हुआ है, जिसकी डायरेक्टर श्रद्धा मलिक और आरएक्स कंट्री हेड उमंग गुप्ता हैं. लोकल 18 की टीम ने उनसे खास बातचीत की. उन्होंने बताया कि यह एक ऐसा इवेंट है, जिसमें पूरे भारत से पैकेजिंग इंडस्ट्री के एक्सपर्ट और लोग आए हुए हैं. चीन समेत विदेश से भी पैकेजिंग इंडस्ट्री के एक्सपर्ट यहां पर आए हुए हैं. तीन दिन के इस कार्यक्रम के दौरान कॉन्फ्रेंस और काफी कुछ खास होने वाला है.

जानें पैकेजिंग इंडस्ट्री में कैसे बनाएं पहचान

आरएक्स कंट्री हेड उमंग गुप्ता ने बताया कि किसी भी प्रोडक्ट की पैकेजिंग बहुत मायने रखती है. ग्राहक को प्रोडक्ट की पैकेजिंग ही लुभाती है, जितनी अच्छी सजावट होगी. जितना साफ उसके ऊपर प्रिंट होगा. उतना ही ग्राहक उस प्रोडक्ट को खरीदते हैं. उन्होंने बताया कि सबसे व्यापक उपलब्ध बाजार अनुमान के अनुसार, भारत का पैकेजिंग मार्केट 2025 में लगभग 8.4 लाख करोड़ के बराबर था. 2030 तक यह दोगुना हो सकता है. 2030 तक लगभग 8.50 लाख करोड़ का हो सकता है.

जानें पैकेजिंग प्लांट लगाने में कितना आएगा खर्च

आरएक्स कंट्री हेड उमंग गुप्ता ने बताया कि पैकेजिंग प्लांट एक बड़ी इंडस्ट्री में लगाए जाते हैं, लेकिन अगर आप पैकेजिंग इंडस्ट्री में छोटे स्तर से कदम रखना चाहते हैं तो यह भी संभव है. अलग-अलग पैकेजिंग के लिए अलग-अलग बजट होता है. जैसे पेपर बैग्स और पेपर पैकेजिंग प्रोडक्ट पर लगभग 3–8 लाख रुपए का खर्चा आएगा. वहीं, कोरोगेटेड बॉक्स निर्माण पर 15-40 लाख रुपए का खर्चा आएगा. वहीं, पेपर फूड बॉक्स या डिस्पोजल पैकेजिंग पर कोई शुरुआत करना चाहता है तो 10-30 लाख रुपए तक बजट आयेगा.

इसके अलावा लचीली या रूपांतरण पैकेजिंग छोटे स्तर पर 20-60 लाख रुपए तक खर्चा आ जाएगा. इस इंडस्ट्री में सबसे महंगी ऑटोमेटेड पैकेजिंग प्लांट होती है, जिस पर अगर कोई खर्च करके प्लांट लगाना चाहे तो इस पर कम से कम कई करोड़ का खर्चा आता है, लेकिन इसमें मुनाफा भी अच्छा होता है.

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