डाइट में शामिल करें विटामिन C से भरपूर ये खट्टा-मीठा फल, पाचन से लेकर इम्युनिटी तक को बना देगा फौलादी

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स्वाद में खट्टा-मीठा और पोषक तत्वों का खजाना-पैशन फ्रूट इन दिनों सुपरफूड्स की लिस्ट में तेजी से लोकप्रिय हो रहा है. विटामिन, मिनरल्स और फाइबर से भरपूर यह विदेशी फल अब भारतीय बाजारों और डाइट चार्ट में अपनी खास जगह बना चुका है. विशेषज्ञों के अनुसार, नियमित और सही मात्रा में इसका सेवन न सिर्फ शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत करता है, बल्कि पाचन से लेकर वजन घटाने तक में बेहद असरदार साबित होता है. आइए विस्तार से जानते हैं पैशन फ्रूट से मिलने वाले फायदों के बारे में.

पैशन फ्रूट स्वादिष्ट होने के साथ पोषक तत्वों से भरपूर फल माना जाता है. इसमें विटामिन सी अच्छी मात्रा में पाया जाता है, जो शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत रखने में मदद करता है. नियमित और संतुलित मात्रा में इसका सेवन शरीर को संक्रमणों से बचाव में सहायक हो सकता है. इसके खट्टे-मीठे स्वाद के कारण इसे सीधे फल के रूप में या जूस बनाकर लिया जा सकता है. हालांकि, जूस बनाते समय अतिरिक्त चीनी डालने से बचना बेहतर माना जाता है.

डॉ ऐजल पटेल बताते हैं कि पैशन फ्रूट में आहार फाइबर की अच्छी मात्रा पाई जाती है, जो पाचन तंत्र को स्वस्थ रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है. फाइबर भोजन को पचाने की प्रक्रिया को बेहतर बनाने और आंतों की गतिविधियों को नियमित रखने में मदद करता है. पैशन फ्रूट को कब्ज की समस्या में सहायक फल माना जाता है. इसके अंदर मौजूद छोटे-छोटे बीज भी खाए जा सकते हैं और इनमें भी फाइबर पाया जाता है. सुबह नाश्ते के साथ या दिन में किसी समय इसे फल के रूप में लिया जा सकता है.

पैशन फ्रूट में विभिन्न प्रकार के एंटीऑक्सीडेंट यौगिक पाए जाते हैं, जो शरीर में बनने वाले मुक्त कणों से होने वाली कोशिकीय क्षति को कम करने में मदद कर सकते हैं. इसमें विटामिन सी और अन्य पौधों से मिलने वाले यौगिक मौजूद होते हैं. एंटीऑक्सीडेंट युक्त खाद्य पदार्थो को नियमित आहार में शामिल करना शरीर के लिए लाभकारी माना जाता है. पैशन फ्रूट को काटकर सीधे खाया जा सकता है, या इसके गूदे और बीजों का इस्तेमाल पेय पदार्थों में किया जाता है. इसका खट्टा-मीठा स्वाद इसे अन्य फलों से अलग बनाता है.

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पैशन फ्रूट में फाइबर पाया जाता है, जिसके कारण इसे संतुलित वजन प्रबंधन वाली डाइट में शामिल किया जा सकता है. फाइबर युक्त खाद्य पदार्थ पेट को लंबे समय तक भरा हुआ महसूस कराने में मदद कर सकते हैं, जिससे बार-बार खाने की इच्छा कम हो सकती है. पैशन फ्रूट को सीधे खाने पर इसमें मौजूद गूदा और बीज दोनों का सेवन किया जा सकता है. इसे सलाद, दही या अन्य फलों के साथ भी मिलाया जा सकता है. हालांकि, वजन घटाने के लिए केवल पैशन फ्रूट पर निर्भर रहना उचित नहीं है.

पैशन फ्रूट को कम ग्लाइसेमिक इंडेक्स वाले फलों में गिना जाता है, इसलिए संतुलित आहार में इसे शामिल किया जा सकता है. कम ग्लाइसेमिक इंडेक्स वाले खाद्य पदार्थ रक्त शर्करा के स्तर में अपेक्षाकृत धीमी वृद्धि से जुड़े होते हैं. पैशन फ्रूट में मौजूद फाइबर भी इसके पोषण प्रोफाइल को बेहतर बनाता है. हालांकि, इसका अर्थ यह नहीं है कि मधुमेह वाले व्यक्ति इसे असीमित मात्रा में खा सकते हैं. फल की मात्रा और उसे किस रूप में लिया जा रहा है, यह महत्वपूर्ण है.

पैशन फ्रूट में विटामिन ए और उससे जुड़े पोषक तत्व पाए जाते हैं, जो सामान्य आंखों की सेहत के लिए महत्वपूर्ण माने जाते हैं. विटामिन ए शरीर के लिए आवश्यक पोषक तत्व है, और यह सामान्य दृष्टि बनाए रखने में भूमिका निभाता है. इसके अलावा पैशन फ्रूट में मौजूद एंटीऑक्सीडेंट भी शरीर की कोशिकाओं को ऑक्सीडेटिव तनाव से बचाने में मदद कर सकते हैं. फल को ताजा खाने पर इसके गूदे और बीज दोनों का सेवन किया जा सकता है. इसे नाश्ते या फलों की प्लेट में शामिल करना आसान है.

पैशन फ्रूट की सबसे खास बात यह है कि इसके अंदर मौजूद छोटे-छोटे बीज भी खाए जा सकते हैं. फल को काटने पर गूदे के साथ दिखाई देने वाले बीजों को निकालने की जरूरत नहीं होती है. इन्हें गूदे के साथ सीधे खाया जा सकता है. बीजों में भी आहार फाइबर पाया जाता है, इसलिए पूरा फल खाने से इसके पोषण का अधिक हिस्सा प्राप्त किया जा सकता है. पैशन फ्रूट के गूदे और बीज का इस्तेमाल शेक, दही, सलाद और विभिन्न मिठाइयों में भी किया जाता है.

पैशन फ्रूट मूल रूप से दक्षिण अमेरिका के ब्राजील क्षेत्र का फल माना जाता है, लेकिन अब भारत के विभिन्न हिस्सों में भी इसकी खेती की जा रही है. उत्तराखंड समेत कई राज्यों में किसान इसे नए फल विकल्प के रूप में अपना रहे हैं. इसकी बेल पर फल लगते हैं और उचित जलवायु, मिट्टी तथा सहारे की व्यवस्था होने पर इसकी खेती की जा सकती है. पैशन फ्रूट का बाजार में उपयोग ताजे फल, जूस, शेक और प्रसंस्कृत उत्पादों के रूप में होता है.

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