How To Grow Mint In Pots : गर्मियों के मौसम में चटनी बनानी हो या फिर ठंडक देने वाला शरबत, ताजा पुदीना हर घर की जरूरत होता है. यही वजह है कि ज्यादातर लोग अपने किचन गार्डन या बालकनी में गमले के अंदर पुदीना उगाना पसंद करते हैं. शुरुआत में तो पौधा बहुत हरा-भरा और घना दिखता है, लेकिन कुछ ही दिनों में पत्तियां पीली पड़ने लगती हैं और पूरा पौधा सूखकर खराब हो जाता है. अगर आपके साथ भी बार-बार ऐसा ही हो रहा है, तो इसकी वजह पौधे की खराब क्वालिटी नहीं, बल्कि आपकी एक छोटी सी आदत है.
जड़ों के गलने की सबसे बड़ी वजह ये है-
पुदीने के पौधे को सुखाने और उसकी जड़ों को गलाने वाली सबसे बड़ी गलती है, जरूरत से ज्यादा पानी देना यानी ओवरवॉटरिंग (Overwatering). अधिकांश लोग सोचते हैं कि पुदीना एक नमी पसंद करने वाला पौधा है, इसलिए वे रोज गमले को पानी से भर देते हैं.
यह सच है कि पुदीने को हल्की नमी चाहिए, लेकिन मिट्टी में हर वक्त पानी भरा रहने से पौधे की जड़ों तक ऑक्सीजन नहीं पहुंच पाती. गमले की गीली मिट्टी अंदर ही अंदर फंगस (फफूंद) पैदा करने लगती है, जिससे जड़ें गलने लगती हैं (Root Rot). जब जड़ें सड़ जाती हैं, तो पौधा ऊपर से सूखने लगता है और सड़ने की वजह से उसमें से बदबू भी आने लगती है.
गमले में पुदीना बचाने और उगाने के सही तरीके-
अगर आप चाहते हैं कि आपका पुदीने का गमला साल भर हरा-भरा और घना रहे, तो बस इन आसान और असरदार गार्डनिंग टिप्स को अपनाएं:
ड्रेनेज (जल निकासी) का खास ख्याल रखें:
पुदीना उगाने के लिए आप जिस भी गमले का इस्तेमाल कर रहे हों, उसके तल में 2 से 3 अच्छे छेद (Drainage Holes) होने चाहिए. पानी डालते ही एक्स्ट्रा पानी नीचे से निकल जाना चाहिए.
मिट्टी तैयार करने का सही तरीका:
गमले के लिए सिर्फ सामान्य मिट्टी का इस्तेमाल न करें. मिट्टी को हल्का और भुरभुरा बनाने के लिए 50% सामान्य मिट्टी, 30% वर्मीकंपोस्ट (या गोबर की खाद) और 20% कोकोपीट या रेत (Sand) मिलाएं. इस मिश्रण में पानी ठहरता नहीं है और नमी बनी रहती है.
पानी तभी दें जब जरूरत हो:
रोज नियम बनाकर पानी देने की गलती न करें. पानी देने से पहले अपनी उंगली को मिट्टी में एक इंच गहराई तक दबाकर देखें. अगर मिट्टी सूखी लगे, तभी पानी दें.
धूप की सही मात्रा:
पुदीने को धूप पसंद है, लेकिन कड़ाके की चिलचिलाती धूप में इसकी पत्तियां जलने लगती हैं. गमले को ऐसी जगह रखें जहां सुबह की 3 से 4 घंटे की हल्की धूप मिले. दोपहर की तेज धूप से पौधे को बचाएं.
नियमित पिंचिंग (Pruning) करें:
पुदीने के पौधे को घना बनाने का सबसे बड़ा सीक्रेट है उसकी कटाई-छंटाई. ऊपरी पत्तियों को ऊपर से तोड़ते (Pinch) रहें. आप जितनी ज्यादा पत्तियां तोड़ेंगे, पौधे से उतनी ही नई और घनी शाखाएं निकलेंगी.
प्राकृतिक कीटनाशक का छिड़काव:
अगर जड़ों में फंगस या पत्तों पर कीड़े लग रहे हैं, तो महीने में एक बार नीम के तेल (Neem Oil) की कुछ बूंदों को पानी में मिलाकर पौधे पर स्प्रे करें. गमले की मिट्टी में थोड़ा सा दालचीनी पाउडर डालने से भी जड़ों की फंगस दूर होती है.
अगन आप अपनी गलती को सुधार लें और सही मात्रा में पानी व धूप दें तो आपके पुदीने के पौधे को सूखने से बचाया जा सकता है और हरा भरा घना सालोंसाल रखा जा सकता है!
