दिल्ली में महिलाओं के लिए मुफ्त बस यात्रा की व्यवस्था में अब बड़ा बदलाव होने जा रहा है. अभी तक महिला यात्री बस में चढ़ने के बाद कंडक्टर से पिंक टिकट लेकर बिना किराया दिए सफर करती थीं. 1 सितंबर से यह व्यवस्था बदल जाएगी. अब मुफ्त यात्रा के लिए पिंक सहेली स्मार्ट कार्ड का इस्तेमाल करना होगा. कार्ड को बस में लगी मशीन पर टैप करने के बाद यात्रा दर्ज होगी और पात्र महिला से किराया नहीं लिया जाएगा.
एनसीआर की महिलाओं को देना होगा किराया
पिंक टिकट की जगह स्मार्ट कार्ड
अभी तक महिलाओं को मुफ्त यात्रा के लिए पिंक टिकट दिया जाता था. कंडक्टर से यह टिकट लेने के बाद महिला बिना किराया दिए यात्रा कर सकती थी. अब पिंक टिकट की जगह पिंक सहेली स्मार्ट कार्ड इस्तेमाल किया जाएगा. कार्ड को बस में मौजूद मशीन पर टैप करना होगा. इससे यात्रा का डिजिटल रिकॉर्ड तैयार होगा. पात्र महिला के लिए किराया नहीं लिया जाएगा, लेकिन उसकी यात्रा सिस्टम में दर्ज हो जाएगी.
सरकार को मिलेगा यात्राओं का डिजिटल डेटा
स्मार्ट कार्ड व्यवस्था लागू करने के पीछे मुफ्त यात्रा योजना को डिजिटल बनाने का मकसद है. इससे सरकार को यह पता चल सकेगा कि कितनी महिलाएं योजना का इस्तेमाल कर रही हैं और कितनी यात्राएं हर दिन हो रही हैं. इसके अलावा योजना पर होने वाले खर्च का हिसाब रखना भी आसान होगा. कार्ड आधारित व्यवस्था से पात्र और गैर पात्र यात्रियों की पहचान करने में भी मदद मिलेगी.
दिल्ली की महिलाओं को भी कार्ड बनवाना जरूरी
नए नियम के बाद सिर्फ दिल्ली की निवासी महिला होना मुफ्त यात्रा के लिए पर्याप्त नहीं होगा. पात्र महिला के पास पिंक सहेली स्मार्ट कार्ड भी होना जरूरी होगा. इसलिए जिन पात्र महिलाओं ने अभी तक कार्ड नहीं बनवाया है, उन्हें इसे बनवाना होगा. वरना 1 सितंबर से उन्हें बस में मुफ्त यात्रा की सुविधा नहीं मिल पाएगी और सामान्य यात्री की तरह किराया देना पड़ सकता है.
